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दम तोड़ने लगी लाखों की जलापूर्ति योजना

प्रखंड क्षेत्र के जुडीडंगाल गांव में वर्षो पहले प्रांरभ किए गए ग्रामीण जलापूर्ति योजना उपेक्षा का शिकार होकर अब...

Bhaskar News Network | Last Modified - Feb 13, 2018, 03:20 AM IST

दम तोड़ने लगी लाखों की जलापूर्ति योजना
प्रखंड क्षेत्र के जुडीडंगाल गांव में वर्षो पहले प्रांरभ किए गए ग्रामीण जलापूर्ति योजना उपेक्षा का शिकार होकर अब दम तोड़ने लगी है। ग्रामीण कार्तिक राय ने इस संबंध में बताया कि लगभग दो दशक पहले गांव के निकटस्थ अजय नदी में मशीन एवं आवश्यक उपकरण लगाकर सिंचाई एवं खेती के लिए जलापूर्ति की जाती थी। इस सुविधा से गांव के किसान एवं आम लोग काफी खुश थे। इतना ही नहीं यहां उपलब्ध सिंचाई सुविधा, खेती एवं विकास की चर्चा दूर दूर तक फैलने लगी थी।

उन्होंने बताया कि आसपास क्षेत्र के मेहनतकश व इच्छुक किसान दूर स्थित गांवों से यहां सिखने और देखने आते थे। लेकिन कुछ ही सालों के अंदर इस महत्वकांक्षी योजना में ग्रहण लग गया। झारखंड राज्य का गठन होने के बाद इस क्षेत्र के लोगों में आश जगी थी कि अब जुडीडंगाल समेत आसपास के गांवों में इस योजना का विस्तार होगा लेकिन पूर्व दशा में सुधार और विस्तार के बदले स्थिति 15 साल के बाद भी यथावत बनी रही। देखरेख का अभाव और लघु सिंचाई विभाग की उदासीनता के कारण अब गांव में बिछाए गए पाईप तथा अन्य उपकरण टूटने लगे हैं। राजद के स्थानीय नेता अशोक कुमार माजी ने बताया कि इस कल्याणकारी योजना के प्रांरभ हो जाने से गांव एवं आसपास क्षेत्र में फिर एकबार हरियाली छा जाती तथा लोगों के चेहरे पे उत्साह भरा हुआ मुस्कान दिखने लगता। बताया गया कि योजना बंद होने के समय पुनर्जीवित करने के लिए संबंधित पदाधिकारी के पास अनुरोध पत्र भेजने के अलावा ग्रामीणों द्वारा अपने स्तर से समय समय पर प्रयास किया गया है जो हरबार बेअसर ही साबित हुआ है। गांव के लोगों द्वारा फिलवक्त अब गांव के लोग इस योजना का पुनः चालू होने के इंतजार में विभाग और प्रशासन के कार्यशैली के प्रति नजर लगाए हुए है।

जलापूर्ति योजना का हाल बयां करती तस्वीर।

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