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प्रश्न पत्र में दो के बाद सीधे 6 नंबर के प्रश्न पूछे गए कुल प्राप्तांक 60 की जगह थे मात्र 20 अंकों के प्रश्न

शिक्षा विभाग के निर्देश पर गुरुवार को कक्षा तीन से सात के छात्र-छात्राओं के लिए योगात्मक मूल्यांकन परीक्षा शुरू...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 06, 2018, 03:20 AM IST

प्रश्न पत्र में दो के बाद सीधे 6 नंबर के प्रश्न पूछे गए कुल प्राप्तांक 60 की जगह थे मात्र 20 अंकों के प्रश्न
शिक्षा विभाग के निर्देश पर गुरुवार को कक्षा तीन से सात के छात्र-छात्राओं के लिए योगात्मक मूल्यांकन परीक्षा शुरू हुई। जिले के नाला प्रखंड क्षेत्र के सियारकेटिया, कुलडंगाल, टेशजोड़िया, देवजोड़, मधुवन, निश्चिंतपुर आदि 228 विद्यालयों में लिखित मूल्यांकन परीक्षा में शामिल हुए। लेकिन इस मूल्यांकन में बच्चों के साथ की गई खिलवाड़ और शिक्षकों में बढ़ी परेशानी के साथ शिक्षा विभाग के आलाधिकारी एवं सिस्टम की असलियत भी सामने आ गई। गौरतलब है कि कक्षा सात के लिए प्रथम पाली की मूल्यांकन परीक्षा के लिए अंकित प्रश्न पत्र में प्रश्न संख्या 2 के कुछ अंश के बाद शेष प्रश्न खाली है। यानी पूर्ण अंक 60 की जगह 10 अंक ही दर्शाया गया है तथा शेष प्रश्न पत्र सफेद है। इतना ही नहीं कक्षा 6 के लिए हिंदी विषय के प्रश्न पत्र में भी प्रश्न संख्या 2 के बाद प्रश्न 6 अंकित है। यानि प्रश्न दो के बाद तीन, चार और पांच है ही नहीं सीधे छह नंबर का प्रश्न पूछा गया है। इसके अलावा प्रश्न पत्र के सबसे ऊपर पूर्ण अंक 60 लिखा गया है, लेकिन सभी प्रश्नों का कुल नंबर जोड़ने पर मात्र 20 अंक ही होते हैं। अब ऐसे में यह सवाल उठना लाजमी है कि बाकी के 40 नंबर बच्चों को कैसे मिलेंगे। इस विसंगति का तत्काल निदान के लिए शिक्षकों ने ही अधूरा प्रश्न पत्र को पूरा करने के लिए ब्लैक बोर्ड पर जरूरत अनुसार प्रश्न लिखकर बच्चों लिखने के लिए कहा गया। इस कार्य के लिए शिक्षकों द्वारा चंद क्षणों के लिए मशक्क्त करनी पड़ी तथा मूल्यांकन परीक्षा भी देर से शुरू हुई। हालांकि इस समस्या की जानकारी वरीय अधिकारियों को भी दे दी गई है।

छपाई में गड़बड़ी हुई है : एग्नेश

भास्कर न्यूज | नाला

शिक्षा विभाग के निर्देश पर गुरुवार को कक्षा तीन से सात के छात्र-छात्राओं के लिए योगात्मक मूल्यांकन परीक्षा शुरू हुई। जिले के नाला प्रखंड क्षेत्र के सियारकेटिया, कुलडंगाल, टेशजोड़िया, देवजोड़, मधुवन, निश्चिंतपुर आदि 228 विद्यालयों में लिखित मूल्यांकन परीक्षा में शामिल हुए। लेकिन इस मूल्यांकन में बच्चों के साथ की गई खिलवाड़ और शिक्षकों में बढ़ी परेशानी के साथ शिक्षा विभाग के आलाधिकारी एवं सिस्टम की असलियत भी सामने आ गई। गौरतलब है कि कक्षा सात के लिए प्रथम पाली की मूल्यांकन परीक्षा के लिए अंकित प्रश्न पत्र में प्रश्न संख्या 2 के कुछ अंश के बाद शेष प्रश्न खाली है। यानी पूर्ण अंक 60 की जगह 10 अंक ही दर्शाया गया है तथा शेष प्रश्न पत्र सफेद है। इतना ही नहीं कक्षा 6 के लिए हिंदी विषय के प्रश्न पत्र में भी प्रश्न संख्या 2 के बाद प्रश्न 6 अंकित है। यानि प्रश्न दो के बाद तीन, चार और पांच है ही नहीं सीधे छह नंबर का प्रश्न पूछा गया है। इसके अलावा प्रश्न पत्र के सबसे ऊपर पूर्ण अंक 60 लिखा गया है, लेकिन सभी प्रश्नों का कुल नंबर जोड़ने पर मात्र 20 अंक ही होते हैं। अब ऐसे में यह सवाल उठना लाजमी है कि बाकी के 40 नंबर बच्चों को कैसे मिलेंगे। इस विसंगति का तत्काल निदान के लिए शिक्षकों ने ही अधूरा प्रश्न पत्र को पूरा करने के लिए ब्लैक बोर्ड पर जरूरत अनुसार प्रश्न लिखकर बच्चों लिखने के लिए कहा गया। इस कार्य के लिए शिक्षकों द्वारा चंद क्षणों के लिए मशक्क्त करनी पड़ी तथा मूल्यांकन परीक्षा भी देर से शुरू हुई। हालांकि इस समस्या की जानकारी वरीय अधिकारियों को भी दे दी गई है।

प्रश्न पत्र के संबंध में इस तरह की विसंगति क्षेत्र के अधिकांश विद्यालय में देखा गया जहां बिना किसी शिकायत और बाॅस इज आॅलवेज राइट का फाॅर्मूला को अपनाते हुए शिक्षकों ने ही विभागीय आला अधिकारी का दायित्व निभाया। नाम नहीं छापने के शर्त पर कई स्कूल के शिक्षक-शिक्षिकाओं ने बताया कि अगर शिक्षकों को ही प्रश्न पत्र तैयार करना था तो प्रश्न पत्र छपाई के लिए टेंडर और सरकारी राशि बेवजह खर्च करने की क्या जरूरत थी। शिक्षा विभाग और प्रश्न पत्र छापने तथा इसकी देखरेख करने का सिस्टम की खबर से क्षेत्र के बुद्धिजीवियों ने भी इसे बच्चों के लिए क्रूर मजाक बताया है। इस तरह की सूचना पाकर प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी एग्नेश सोरेन ने भी नाला प्रखंड क्षेत्र के कई विद्यालयों में मूल्यांकन का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि छपाई में गड़बड़ी होने के कारण ऐसा हो गया है।

कक्षा 6 का प्रश्न पत्र जिसमें कई त्रुटियां हैं।

मुरलीपहाड़ी में वार्षिक मूल्यांकन परीक्षा शुरू

मुरलीपहाड़ी |
नारायणपुर शैक्षणिक अंचल अंतर्गत सभी सरकारी विद्यालयों में विभाग के निर्देश पर वार्षिक मूल्यांकन का कार्य आयोजित किया गया। गुरुवार को हिन्दी विषय की परीक्षा हुई। कदाचार मुक्त परीक्षा आयोजित कराने को लेकर शिक्षा विभाग द्वारा आवश्यक दिशा-निर्देश प्रधानाध्यापक को दिया गया है। ताकि विद्यालय में कोई भी बच्चा किसी की नकल नहीं करे। इस बाबत नारायणपुर के युएमएस लोहारंगी, भैयाडीह, बुधुडीह, गोंन्दरायडीह, पांडेयडीह, नारायणपुर, जंगलपुर आदि सहित सभी विद्यालय में परीक्षा आयोजित की जा रही है। लोहारंगी में कुल 280 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल किए गए हैं। विद्यालय के प्रधानाध्यापक नंदलाल सोरेन, सहायक शिक्षक बाल्मीकि कुमार, रवि किशोर तथा चित्रा कुमारी मौजूद थे।

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