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पीएचईडी : पीडब्ल्यूडी के कारण फट रहा पाइप, केस दर्ज करेंगे

पाइप फट रहा है...। जलापूर्ति लडख़ड़ाई हुई है...। जनता प्यासी है...। बरटांड़-बरवाअड्डा सड़क चौड़ीकरण के काम ने पानी की...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 05, 2018, 03:20 AM IST

पाइप फट रहा है...। जलापूर्ति लडख़ड़ाई हुई है...। जनता प्यासी है...। बरटांड़-बरवाअड्डा सड़क चौड़ीकरण के काम ने पानी की धार रोक दी है। सड़क चौड़ीकरण के कार्य में क्या पाइपों का फटना और जलापूर्ति ठप होना तय था...? यह सवाल लेकर भास्कर टीम सड़क चौड़ीकरण कर रही पीडब्ल्यूडी के कार्यालय पहुंची। पीडब्ल्यूडी ने कहा... पाइप शिफ्ट करने के लिए पीएचईडी को दो साल पहले ही 2 करोड़ रुपए दिए गए थे। पीएचईडी ने रुपए लेकर पाइप शिफ्ट नहीं किया। अब जब सड़क चौड़ी की जा रही है तो पाइप फट रहे है। अब सवाल यह था कि पीएचईडी को जब 2 करोड़ रुपए पाइप शिफ्ट करने के लिए दिए गए थे, तब पाइप शिफ्ट क्यों नहीं हुए? पीएचईडी के समक्ष यह सवाल रखा गया। पीएचईडी ने कहा... पाइप शिफ्ट किया है। जहां पाइप रह गया था, वहां मैनुअल काम करा कर सड़क चौड़ी करने की बात थी, पर पीडब्ल्यूडी मशीन से काम करवा रहा है। जिससे पाइप फट रहा है। सड़क चौड़ीकरण के दौरान पाइप फटने से ठप पड़ी शहर की जलापूर्ति पर दोनों विभाग आमने-सामने है। हैरान करने वाली बात यह है कि पानी के लिए मची हाहाकार पर जिला प्रशासन के अधिकारी और जनप्रतिनिधि दोनों बेपरवाह हैं। इनकी बेपरवाही जनता को आक्रोशित कर रही है।

पानी के लिए हाहाकार

सड़क चौड़ीकरण में लापरवाही से फट रहा पाइप 5 लाख की आबादी प्रभावित

पाइप फट रहे हैं, लड़खड़ाई है जलापूर्ति, जनता है प्यासी...ये कैसे अफसर हैं, जिम्मेवारी भूल कर रहे वाक युद्ध

सरकारी तंत्र और जनप्रतिनिधि दोनों बेपरवाह

हरेंद्र मिश्रा, कार्यपालक अभियंता, पीएचईडी

Q पाइप शिफ्टिंग के लिए 2 करोड़ मिला था। क्या पाइप शिफ्ट किया गया?

A यह सही है कि पाइप शिफ्ट करने के लिए पीएचईडी को 2 करोड़ रुपए मिले थे। विभाग ने पाइप शिफ्ट भी किया है। बरटांड़-बरवाअड्डा रोड में नया पाइप लगाया है।

Q जब पाइप शिफ्ट हो गया तो फिर पाइप कैसे फट रहा है?

A पीडब्ल्यूडी के ठेकेदार की लापरवाही के कारण आए दिन पाइप फट रहा है। रोड के बगल में नाला बनाया जा रहा है। इसे मैनुअल बनाने की बात थी। लेकिन, ठेकेदार जेसीबी लगाकर खुदाई कर रहे हैं। इसके कारण ही पाइप फट रहा है।

Q क्या पाइप फटने के कारण जलापूर्ति ठप है?

A हां, पाइप फटने के कारण पीएचईडी पानी सप्लाई नहीं कर पा रहा है। पानी टंकी से पानी खोलते ही फटे पाइप से पानी बहने लग रहा है। पानी बर्बाद हो जा रहा है।

Q अगर पाइप किसी की लापरवाही से फट रहा है तो आप कार्रवाई क्यों नहीं करते?

A पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों को इसके बारे में बताया गया है। पर वे मान नहीं रहे हैं। अगर यही स्थिति रही तो पीएचईडी को बाध्य होकर ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई करनी होगी। ठेकेदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाना पड़ेगा।

पीडब्ल्यूडी: पीएचईडी किस मुंह से केस करेगा, अपनी गलती देखे

Q पीएचईडी का आरोप है कि आपके सड़क चौड़ीकरण के कारण पाइप फट रहा है। क्या यह सही है?

A बिजली व पीएचईडी विभाग के कारण दो सालों से इस रोड का चौड़ीकरण रुका हुआ है। रही बात पाइप फटने की तो हम बता दें कि पाइप लाइन शिफ्टिंग के लिए पीएचईडी को दो साल पहले ही 2 करोड़ रुपए दिए गए थे। पीएचईडी ने रुपए लेकर ठीक तरीके से पाइप शिफ्ट नहीं किया। इसलिए पाइप फट रहा है।

Q क्या ठेकेदार की लापरवाही से पाइप फट रहा है?

A इस महीने प्रधानमंत्री का धनबाद में कार्यक्रम निर्धारित है। बरवाअड्डा से लेकर आईआईटी गेट तक 10 अप्रैल तक काम पूरा करना है। दिन-रात एक करके जल्दी काम पूरा किया जा रहा है। अब पाइप ही शिफ्ट नहीं हुआ तो हम क्या करे। इसमें लापरवाही की क्या बात है। काम तो करेंगे न...।

Q पीएचईडी तो आपके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की बात कह रहा है।

A पीएचईडी के अधिकारी किस मुंह से एफआईआर दर्ज कराने की बात कह रहे हैं। दूसरे पर दोषारोपण नहीं करे। अगर पाइप शिफ्ट हो गया तो वह फट कैसे रहा है? पीएचईडी ने 2 करोड़ लेकर क्या यही पाइप शिफ्ट किया? हम 2 करोड़ रुपए का हिसाब मांग देंगे तो कितना का ब्याज होगा... पता है।

दिलीप साह, कार्यपालक अभियंता, पीडब्ल्यूडी

बिन पानी सब सून...

जल संकट के बीच सुबह से शाम तक ऐसे बीत रही जिंदगी

सुबह तीन दिनों से घरों में नहीं लगा पोंछा

पानी की किल्लत का असर सुबह से ही दिखने लगता है। शहर के कई घरों में तीन दिनों से पोंछा नहीं लगा है। घरों में झाड़ू लगा कर ही काम चलाया जा रहा है। कपड़ा भी धोना मुश्किल है।

दोपहर खरीद कर ला रहे पानी, बुझा रहे प्यास

किसी को ऑफिस जाना है तो किसी को स्कूल...। पानी की किल्लत ने सभी की दिनचर्या प्रभावित कर दी है। स्नान करना मुश्किल हो गया है। पानी खरीद कर जरूरत पूरी कर रहे हैं।

शाम जूठे बर्तनों का भंडार, कैसे करें साफ

शाम होते-होते जल संकट से हाल बेहाल हो जा रहा है। सबसे अधिक परेशानी महिलाओं को है। घरों में जूठे बर्तनों का भंडार लग जा रहा है। पानी की किल्लत के कारण बर्तन धोना मुश्किल है।

मंगलवार को ऐसी रही जलापूर्ति18 टावरों में से सिर्फ 5 से मिला पानी

लाख आबादी मंगलवार को भी सप्लाई पानी के लिए तरसी। शहर की 80% जनता को शहरी जलापूर्ति का पानी नहीं मिला।

खानापूर्ति के लिए 18 में 5 पानी टंकी से आंशिक पानी सप्लाई हुई।

मतलब 13 टावरों से जलापूर्ति ठप रही।

विधायक बोले : विधायक राज सिन्हा ने कहा कि पाइप शिफ्टिंग के लिए अगर पीएचईडी विभाग को पैसा मिल गया था तो सही तरीके से पाइप शिफ्ट होना चाहिए था। जल संकट के इस हालात पर उपायुक्त को ध्यान देना चाहिए। आखिर डीसी कर क्या रहे हैं?

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