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भागवत कथा में प्रवचन सुनने जुटे हजारों श्रद्धालु

Dainik Bhaskar

Apr 05, 2018, 03:20 AM IST

Nala News - भास्कर न्यूज| बिन्दापाथर/नाला सात दिवसीय श्रीमद भागवत कथा सह प्रवचन कार्यक्रम के आयोजन से क्षेत्र में भक्ति...

भागवत कथा में प्रवचन सुनने जुटे हजारों श्रद्धालु
भास्कर न्यूज| बिन्दापाथर/नाला

सात दिवसीय श्रीमद भागवत कथा सह प्रवचन कार्यक्रम के आयोजन से क्षेत्र में भक्ति प्रवाह होने लगी है। नाला विधानसभा क्षेत्र के बिन्दापाथर थाना स्थित बड़वा गांव के राधा गिरिधरी मंदिर परिसर में सात दिवसीय भागवत कथा सह प्रवचन का आयोजन किया गया है। कथा के द्वतीय दिन के मौके पर वृन्दावनधाम के कथावाचक सह प्रवचक आचार्य श्री गिरीधारी भैयाजी महाराज द्वारा श्रीमाद् भागवत कथा में सुकदेव जी का जन्म, कुन्ती द्वारा भगवान की स्तुति, राजा परिक्षित को सात दिन में मरने का श्राप के बारे में प्रवचन किया गया। शुकदेव के जन्म के बारे में कहा कि ये महर्षि वेद व्यास के पुत्र थे और यह बारह वर्ष तक माता के गर्भ में रहे। भगवान शिव, पार्वती को अमर कथा सुना रहे थे। पार्वती जी को कथा सुनते-सुनते नींद आ गयी और उनकी जगह पर वहां बैठे एक शुक ने हुंकारी भरना प्रारंभ कर दिया। जब भगवान शिव को यह बात ज्ञात हुई, तब वे शुक को मारने के लिए दौड़े और उसके पीछे अपना त्रिशूल छोड़ा। शुक जान बचाने के लिए तीनों लोकों में भागता रहा, भागते-भागते वह व्यास जी के आश्रम में आया और सूक्ष्म रूप बनाकर उनकी प|ी के मुख में घुस गया। वह उनके गर्भ में रह गया। ऐसा कहा जाता है कि ये बारह वर्ष तक गर्भ के बाहर ही नहीं निकले। जब भगवान श्रीकृष्ण ने स्वयं आकर इन्हें आश्वासन दिया कि बाहर निकलने पर तुम्हारे ऊपर माया का प्रभाव नहीं पड़ेगा, तभी ये गर्भ से बाहर निकले और व्यासजी के पुत्र कहलाए। कथा के साथ साथ भजन संगीत भी प्रस्तुत किए गए जिससे उपस्थित श्रोता भक्ती से झुम उठे।

जेबीसी खेल मैदान में हनुमंत कथा आज से

जामताड़ा|जेबीसी प्लस टू खेल मैदान में गुरुवार 5 अप्रैल से 9 अप्रैल तक आयोजित पांच दिवसीय हनुमंत कथा की तैयारी पूरी कर ली गई है। धार्मिक अनुष्ठान में कथावाचक प्रदीप भैया महाराज होंगे। उनके द्वारा प्रतिदिन संध्या 5 से रात्रि 8 बजे तक प्रवचन किया जाएगा। प्रवचन के लिए आयोजकों द्वारा आवश्यक तैयारी कर लिया गया है। व्यापक स्तर पर प्रचार प्रसार और घर घर संपर्क किया गया है। कार्यक्रम के आयोजन में प्रदीप भैया, पप्पू भैया, संजय अग्रवाल, जीतू सिंह, मनोज सिंह, सुकुमार सरखेल, निगम कृष्ण सिंह, चंडी चरण दे, संजय परशुरामका सहित अन्य का योगदान रहा है।

भास्कर न्यूज| बिन्दापाथर/नाला

सात दिवसीय श्रीमद भागवत कथा सह प्रवचन कार्यक्रम के आयोजन से क्षेत्र में भक्ति प्रवाह होने लगी है। नाला विधानसभा क्षेत्र के बिन्दापाथर थाना स्थित बड़वा गांव के राधा गिरिधरी मंदिर परिसर में सात दिवसीय भागवत कथा सह प्रवचन का आयोजन किया गया है। कथा के द्वतीय दिन के मौके पर वृन्दावनधाम के कथावाचक सह प्रवचक आचार्य श्री गिरीधारी भैयाजी महाराज द्वारा श्रीमाद् भागवत कथा में सुकदेव जी का जन्म, कुन्ती द्वारा भगवान की स्तुति, राजा परिक्षित को सात दिन में मरने का श्राप के बारे में प्रवचन किया गया। शुकदेव के जन्म के बारे में कहा कि ये महर्षि वेद व्यास के पुत्र थे और यह बारह वर्ष तक माता के गर्भ में रहे। भगवान शिव, पार्वती को अमर कथा सुना रहे थे। पार्वती जी को कथा सुनते-सुनते नींद आ गयी और उनकी जगह पर वहां बैठे एक शुक ने हुंकारी भरना प्रारंभ कर दिया। जब भगवान शिव को यह बात ज्ञात हुई, तब वे शुक को मारने के लिए दौड़े और उसके पीछे अपना त्रिशूल छोड़ा। शुक जान बचाने के लिए तीनों लोकों में भागता रहा, भागते-भागते वह व्यास जी के आश्रम में आया और सूक्ष्म रूप बनाकर उनकी प|ी के मुख में घुस गया। वह उनके गर्भ में रह गया। ऐसा कहा जाता है कि ये बारह वर्ष तक गर्भ के बाहर ही नहीं निकले। जब भगवान श्रीकृष्ण ने स्वयं आकर इन्हें आश्वासन दिया कि बाहर निकलने पर तुम्हारे ऊपर माया का प्रभाव नहीं पड़ेगा, तभी ये गर्भ से बाहर निकले और व्यासजी के पुत्र कहलाए। कथा के साथ साथ भजन संगीत भी प्रस्तुत किए गए जिससे उपस्थित श्रोता भक्ती से झुम उठे।

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