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आदिवासियों ने कहा सरना धर्म कोर्ड लागू रहा तो हमारा विकास नहीं होगा

नेताजी स्टेडियम में गुरुवार को सरना धर्म जुवान जुमिद सांवता के तत्वावधान में एक बैठक हुई। बैठक में आदिवासी समाज...

Danik Bhaskar | Feb 09, 2018, 03:25 AM IST
नेताजी स्टेडियम में गुरुवार को सरना धर्म जुवान जुमिद सांवता के तत्वावधान में एक बैठक हुई। बैठक में आदिवासी समाज का विकास, सरकार की नीति एवं अब तक मिल रहे सहयोग पर विचार-विमर्श किया गया। मौके पर वक्ताओं ने कहा कि जबतक सरना धर्म कोड लागू नहीं होगा तबतक न तो समाज का सर्वांगीन विकास होगा और न ही आदिवासी समाज अपना अधिकार समझ सकेंगे। इसे लागू करने के लिए उपस्थित सदस्यों ने एक स्वर से सरकार से मांग किया। इस मुद्दे पर 10 मार्च को रांची मोरहाबादी मैदान में प्रस्तावित सम्मेलन में भाग लेकर कार्यक्रम को सफल बनाने संबंधी विचार विमर्श किया गया।

कार्यक्रम के लिए क्षेत्र में प्रचार-प्रसार करने, अधिक से अधिक समर्थकों को रांची पहुंचकर सम्मेलन सह रैली में भाग लेने आदि निर्णय लिया गया। इस अवसर पर मांझी हड़ाम बानेश्वर टुडू ने कहा समुचित विकास एवं कल्याण के लिए आदिवासियों के प्रति सरकार संवेदनशील नहीं है। उन्होंने कहा कि आज की तिथि में आदिवासी समाज नौकरी, रोजगार एवं अन्य हर तरह का विकास के मामले में पीछे है। इस समस्या का निदान के लिए तथा हक पाने के लिए अब संपूर्ण समाज को आंदोलन का मार्ग अपनाना होगा। सरकार जबतक सरना धोरम कोड लागू नहीं करती है तबतक चरणबद्ध तरीके से आंदोलन जारी रखना होगा। सभी समर्थकों को एकजुट होकर आंदोलन करने तथा एकता के साथ आगे आने की अपील किया गया। कहा कि सरकार सिर्फ आदिवासियों के विकास का ढिंढोरा पीट रही है लेकिन सच्चाई यह है कि आदिवासी आज भी पिछड़े हुए हैं। लोगों को पास नौकरी नहीं है, रोजगार नहीं है। फिर किस बात पर सरकार आदिवासियों के विकास की बात कह रही है। बताया गया कि संथाल समाज को प्रगति की दिशा में ले जाने तथा समस्या का निदान करने संबंधी चर्चा के लिए को 18 फरवरी को धोबना पंचायत के बगछेरा गांव में एक बैठक आहूत की गई है। वहीं उक्त बैठक में समाज के लोगों को अधिक से अधिक उपस्थिति पर चर्चा की गई। कहा गया कि बैठक में आकर एकजुटता का परिचय दें। इस अवसर पर संगठन के संरक्षक वकील बेसरा के अलावा जयंत कुमार हांसदा, विश्वनाथ मरांडी, देव मरांडी, निर्मल बेसरा, नरेश टुडू, रमेश टुडू, सुनील सोरेन, सोनालाल मुर्मू, सिंह राय मुर्मू, आदि ने उपस्थित थे।

सरना धर्म समिति के सदस्य बैठक करते हुए।