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चड़कपूजा में कल से जुटेंगे श्रद्धालु

नाला प्रखंड क्षेत्र स्थित कर्दमदेश्वर, कालींजर एवं देवलेश्वरधाम में आसन्न चड़क पूजा उत्सव को लेकर उत्साह का...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 07, 2018, 02:45 AM IST

चड़कपूजा में कल से जुटेंगे श्रद्धालु
नाला प्रखंड क्षेत्र स्थित कर्दमदेश्वर, कालींजर एवं देवलेश्वरधाम में आसन्न चड़क पूजा उत्सव को लेकर उत्साह का वातावरण बनने लगा है। इस मेला उत्सव का संचालन को लेकर आवश्यक तैयारी भी जोरों पर है। देवलेश्वरधाम में पिछले सालों की तरह इसबार भी पूजा, वाणेश्वर भ्रमण एवं मेला का भव्य आयोजन होगा। इसके लिए मंदिर प्रबंधन कमेटी द्वारा लगातार बैठक कर पंडाल, रोशनी, लाउड स्पीकर, मेला सजाने तथा हजारों की संख्या में पहुंचने वाले पूजा यात्री एवं मेला प्रेमियों को पेयजल आदि सुविधा मुहैया कराने के बारे में विचार-विमर्श किया जा रहा है। ज्ञात हो कि बाबाधाम में प्रचलित वर्षों पुरानी परंपरा के अनुसार 8 अप्रैल को पवित्र स्नान एवं रक्षा सूत्र धारण के साथ मूलभक्त धार्मिक गतिविधियों में शामिल होंगे। साथ ही साथ वाणेश्वर महादेव के साथ शिवभक्त उसी दिन से झिलुआ, भेड़ो, नवडीहा, सियारकेटिया, घुटबोना आदि निकटवर्ती क्षेत्र भ्रमण में निकलेंगे। ऐसी मान्यता है कि वाणेश्वर महादेव के गांव में पहुंचने पर महिला-पुरुषों द्वारा फूल, बेलपत्र एवं मिष्ठान के साथ-साथ आम फल अर्पण करते हुए पूजा की जाती है। इस संबंध में बताया जाता है कि आम का नया फल देवलेश्वर महादेव के दरबार में अर्पण करने के बाद ही क्षेत्र के श्रद्धालु ग्रहण करते हैं। यही कारण है कि बाबाधाम के निकटस्थ जलाशय भलुसायर एवं ढेंकरगडि़या में स्नान कर रक्षा सूत्र धारण करते समय बाबा के नाम आम चढ़ाया जाता है। इधर गांव की मंगल कामना एवं सालभर सुरक्षित रहने के लिए गांव टोला के सभी लोग वाणेश्वर महादेव की भक्तिभाव से पूजार्चना के साथ साथ उनसे मन्नत भी मांगते हैं। ध्यान देने योग्य बातें ये भी है कि मूलभक्त द्वारा धार्मिक कार्यक्रम शुरू करने के बाद से क्षेत्र के श्रद्धालु बाला भक्त, फलहार भक्त एवं साधारण भक्त के रूप में बाबाधाम में पहुंचते है और इसके साथ ही बाबा मंदिर एवं आसपास क्षेत्र में जय बाबा देवलेश्वर हे, गाजनेर नुनु वाणेश्वर हे, आदि धार्मिक स्लोगन गूंजने लगती है। मंदिर परिसर में आयोजित कार्यक्रम के अंतिम दिन 13 अप्रैल को उपस्थित लगभग तीन हजार से अधिक शिवभक्तों द्वारा आग पर उछलना, कांटों पर शयन करना, मन्नत के अनुसार कोड़ा प्रहार एवं नुकीले तार से अंग छेद आदि हैरत अंगेज करतब दिखाया जाता है। महिला व्रतियों द्वारा दीप जलाकर बाबा की उपासना में रातभर निमग्न रहते हैं। 14 अप्रैल शाम तक आवश्यक सामानों की जमकर खरीदारी होती है जिसमें आसपास क्षेत्र के महिलाओं की संख्या अधिक होती है। शिवभक्तों को चड़कमेला का बेसब्री से इंतजार है।

चड़क पूजा काे लेकर मंदिरों में की गई साज-सज्जा।

चड़कपूजा मेला के लिए 8170 रुपए में हुआ डाक

चड़कपूजा मेला के लिए डाक निकालते पदाधिकारी।

भास्कर न्यूज|नाला

देवलेश्वरधाम में आसन्न चड़कमेला के लिए शुक्रवार को अंचल कार्यालय में बोली लगाई गई। इस मेला के लिए राम हांसदा, मागाराम विद एवं विजयानंद झा ने डाक में भाग लिया तथा 8170 रुपए सर्वाधिक बोली लगाने से प्रतिभागी मागाराम विद के नाम से बंदोवस्ती की गई। इस मौके पर अंचल अधिकारी झुन्नु कुमार मिश्रा ने कहा कि मेला का शांतिपूर्ण संचालन एवं साफ सफाई के लिए ध्यान रखना है। इसके लिए स्वयं सेवक की टीम बनाने की बातें कही गई। मालूम हो कि 13 अप्रैल को देवलेश्वरधाम में भव्य मेला का आयोजन होता है जिसमे देवघर, धनबाद, दुमका जिला के अलावा बंगाल के नदीया, वीरभूम, वर्धमान, कोलकाता आदि स्थलों से दुकानदार पहुंचते हैं। मेला प्रेमी भी दूर-दराज क्षेत्र से हजारों की संख्या में पहुंचते हैं। मौके पर जियाराम ठाकुर, गुलशन अली, जीवन कुमार मंडल, लाल्टु दास, अजय आदि उपस्थित थे।

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