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बांग्ला नववर्ष पर धूमधाम से मना पोइया बैशाख

प्रखंड के विभिन्न बंग भाषी क्षेत्रों में बंगाली समुदाय के लोगों द्वारा बंगला नववर्ष (पोयला बैशाख) काफी उत्साह के...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 16, 2018, 02:55 AM IST

प्रखंड के विभिन्न बंग भाषी क्षेत्रों में बंगाली समुदाय के लोगों द्वारा बंगला नववर्ष (पोयला बैशाख) काफी उत्साह के साथ मनाया गया। बंगला संप्रदाय के लोग इस अवसर पर रविवार की सुबह स्नानादि से परिपूर्ण होकर स्थानीय मंदिरों सहित अन्य देवी-देवता के मंदिर में माथा टेकते एवं पूजा-अर्चना करते देखे गए। समुदाय के लोग नए परिधानों से सुसज्जित होकर काफी उत्साहित नजर आ रहे थे। लोगों ने बंगला नववर्ष की शुभकामनाएं भी अपने सगे-संबंधी को विभिन्न माध्यम से दे रहे हैं। रविवार को बंगला पंचांग भी समुदाय के लोगों ने खरीदा गया तथा नये पंचांग के अनुसार बंगला नववर्ष की शुरुआत भी आज से किया गया। इस अवसर पर बंगाली समुदाय के लोगों ने अपने-अपने स्थानीय मंदिर में हरि कीर्तन का भी आयोजन रखा है। नारायणपुर प्रखंड के बंगभाषी गांवों में पोईला बैशाख के अवसर पर कई धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किये जाने की सूचना मिल रही है। प्रखंड के कालीपहाड़ी, देवलबाड़ी, चैनपुर, बिष्टोपुर, कुर्ता, करमोई, सिमला, सबनपुर, बुधुडीह, श्यामपुर, तरणी आदि सहित दर्जनो गांवों में पोयला बैशाख काफी धूमधाम से मनाया गया। रविवार को पहला बैशाख के अवसर पर बंगाली समुदाय के लोगो द्वारा अपने दुकानों की पूजा-अर्चना की तथा प्रसाद का वितरण किया गया। वहीं जानकार बताते हैं कि पोयला बैशाख के दिन नये कारोबार की शुरुआत करने से प्रतिष्ठान की अच्छी शुरुआत होती है तथा माता लक्ष्मी जी की दया दृष्टि और कृपा सालों भर बरसती रहती है। इस तिथि को शुभ माना जाता है। तथा सभी तरह के शुभ कार्य आज से आरंभ किये जाते है। घरों में पूजा-अर्चना के पश्चात लजीज व्यंजन बनाये जाते है। जिसे परिवार के सभी सदस्य मिल जुलकर ग्रहण कर नए साल की शुरुआत करते है।

बागडेहरी क्षेत्र में धूमधाम से मना बांग्ला नववर्ष

बागडेहरी|
रविवार को बागडेहरी, कुंडहित, लायकापुर, बिक्रमपुर, सटकी, नवडीहा, कालीपाथर, सुद्राक्षीपुर, मुड़ाबेड़िया, आकना, सालुका, छोलाबेड़िया, अमलादही, गड़जुड़ी, बनकाठी, महेशपुर, बाघाशोला, जनार्दनपुर, काठीजोरिया, चुहादाहा, बाबूपुर सहित आदि गांवों में बंगला नव वर्ष के अवसर पर पोईला वैशाख काफी धूमधाम के साथ मनाया गया। दूकानदारों ने नव वर्ष के अवसर पर ग्राहकों को मिठाई खिलाया। दूकानदार और ग्राहकों के बीच बंगला नव वर्ष के में होने वाली रस्म-रिवाज़ निभाते देखा गया।

खुशी व उत्साह के साथ मनाया गया विशु पर्व

भास्कर न्यूज|नाला

नाला प्रखंड के कई समुदाय के द्वारा बांग्ला नववर्ष के मौके पर विशु पर्व खुशी और उत्साह के माहौल में मनाया गया। सारसकुंडा, कुलडंगाल, महिदनगर, डाबर समेत कई गांव में यह पर्व खाने खिलाने के साथ संपन्न हुआ। क्षेत्र में सत्तु पर्व के नाम से भी जाना जाता है। देवी देवता को अर्पण करने के उपरांत परिवार के सदस्यों द्वारा इसे प्रसाद के रूप में ग्रहण किया जाता है।

विशेषकर भगवान कृष्ण की पूजाराधना के बाद ही सालभर सुख चैन की कामना करते हुए यह पर्व मनाया जाता है। चैत संक्रांति के दिन घर घर में निरामिष भोजन तैयार किया जाता हे तथा वैशाख माह के पहली तिथि को अपने अपने गृह देवता को स्मरण करते हुए मित्र, हितैषी के साथ परिवार के लोग भोजन करते हैं। इतना ही नहीं इस दिन को नया पंचांग सुनने का भी विधान है। मेष, वृषभ, मिथुन, कन्या, तुला आदि 12 राशि के बारे में लोग अपना अपना वर्षफल सुनते हैं। हिंदू समाज के लोगों में व्याप्त विश्वास के अनुसार वे पंचांग में अंकित राश फल एवं सालभर का ज्योतिष विचार को अवश्य सुनते हैं। देवलेश्वरधाम के पंडा जियाराम ठाकुर ने बताया कि ज्योतिष गणना के अनुसार पार्वती माता द्वारा किए गए सवाल पर भगवान शंकर ने कहा कि इसवर्ष वृहस्पति राजा हैं तथा रवि मंत्री, बुध जलाधिपति हैं। नववर्ष के मौके पर पंडितों के द्वारा गांव गांव में जाकर पंचांग सुनाया जाता है।

विशु पर्व पर उपस्थित श्रद्धालु।

पोईला बैशाख पर मंदिर में पूजा करते श्रद्धालु।

पूजापाठ के साथ मनाया गया बांग्ला नववर्ष

नाला|नाला
प्रखंड एवं आसपास क्षेत्र में बांग्ला नववर्ष धूमधाम के साथ मनाया गया। क्षेत्र के लगभग सभी दुकान, स्टाॅल एवं व्यवसायिक प्रतिष्ठानों में हाल खाता की पूजा करते हुए ग्राहकों के बीच प्रसाद एवं नया साल का केलैंडर वितरण किया गया। हर साल की तरह इसबार भी बांग्ला नववर्ष के पोयला वैशाख के मौके पर बंगाली समुदाय के लोगों ने खुशियां बांटने तथा खाने खिलाने का रस्म भी निभाया। खासकर युवापीढ़ी ने नववर्ष का जोरदार तरीके से स्वागत करने के साथ साथ हेलो हाय से ज्यादा सोसल मिडीया के माध्यम से नववर्ष की बधाई दी गई। यह सिलसिला रात 12 बजे के बाद से रविवार को दिनभर जारी रहा। इस मौके पर क्षेत्र के कर्दमेश्वर, देवलेश्वर, कालींजर, भक्तेश्वर, मालंच आदि देवी देवता के मंदिरों में महिला पुरूषों ने पूजा करते हुए परिवार एवं समाज में सालभर सुख शांति कायम रहने की प्रार्थना किया।

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