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157वीं जयंती पर रविंद्रनाथ को दी श्रद्धांजलि

कायस्थ पाड़ा स्थित संत एंथोनी स्कूल में बुधवार को कवि गुरु रवींद्रनाथ टैगोर की 157वीं जयंती कार्यक्रम हर्षोल्लास के...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 10, 2018, 03:25 AM IST

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    कायस्थ पाड़ा स्थित संत एंथोनी स्कूल में बुधवार को कवि गुरु रवींद्रनाथ टैगोर की 157वीं जयंती कार्यक्रम हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि के रूप में नपं अध्यक्ष रीना कुमारी एवं पूर्व नपं अध्यक्ष सह भाजपा नेता बीरेन्द्र मंडल उपस्थित थे।

    मौके पर नपं उपाध्यक्ष चंडीचरण दे, दुर्गादास भंडारी, डाॅ. चंचल भंडारी, दीपक मंडल, कंचन गोपाल मंडल, सचिन्द्र नाथ घोष, हरप्रसाद खान एवं सुनिल बास्की उपस्थित थे। सभी अतिथियों को बुके एवं मोमेन्टो देकर सम्मानित किया गया। जयंती समारोह में बंगाली कलाकारों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम के माध्यम से कवि गुरु को श्रद्धांजलि दी। समारोह में उपस्थित सभी लोगों ने विश्व कवि के पद चिन्हों पर चलने का संकल्प लिया। इसके पहले विश्व कवि के चित्र पर सभी ने पुष्पांजलि अर्पित किया। भाजपा नेता बीरेन्द्र मंडल ने अपने व्यक्तव्य में कहा कि टैगोर दुनिया के अकेले ऐसे कवि हैं, जिनकी दो कृतियां, दो देशों की राष्ट्रगान बनीं। भारत का राष्ट्रगान “जन गण मन अधिनायक जय हे, भारत भाग्य विधाता’ और बांग्लादेश का “आमार सोनार बांग्ला’। मंडल ने कहा रवींद्रनाथ टैगोर ने साहित्य, शिक्षा, संगीत, कला, रंगमंच और शिक्षा के क्षेत्र में अपनी अनूठी प्रतिभा का परिचय दिया।

    अपने मानवतावादी दृष्टिकोण के कारण वह सही मायनों में विश्वकवि थे। वे ‘गुरुदेव’ के नाम से लोकप्रिय हुए। गुरुदेव के काव्य के मानवतावाद ने उन्हें दुनिया भर में पहचान दिलाई। दुनिया की तमाम भाषाओं में आज भी टैगोर की रचनाओं को पसंद किया जाता है। वे चाहते थे कि विद्यार्थियों को प्रकृति के सानिध्य में अध्ययन करना चाहिए। उन्होंने इसी सोच को मूर्त रूप देने के लिए शांति निकेतन की स्थापना की। इस कार्यक्रम में संत एंथोनी स्कूल के छात्र-छात्राओं ने उनके गीत व कविताओं का प्रस्तुतिकरण किया। मौके पर टीचरों ने बताया कि रविंद्रनाथ टैगोर ने भारत के राष्ट्रगान की रचना की है। उन्हें गीतांजली पुस्तक के लिए साहित्य का नोबेल पुरस्कार मिला है।

    डीएवी के शिक्षकों ने टैगोर को किया याद

    भास्कर न्यूज|जामताड़ा

    सावित्री देवी डीएवी+2 स्कूल, जामताड़ा में विश्व कवि, महान सहित्यकार संगीतकार, शिक्षाविद्, प्रथम नोबेल विजेता भारतीय गुरूदेव रवींद्रनाथ ठाकुर की 157वीं जयंती मनाई गई। उनके विचारों एवं कृतियों पर चर्चा की गई। विशेष प्रार्थना सभा के सारे कार्यक्रम गुरूदेव पर आधारित थे। उमा मंडल ने तबे एकला चलो रे कविता का पाठ किया। प्रभारी शिक्षक डाॅ जेके सिंह ने गुरूदेव की रचनाओं का अध्ययन करने को कहा। उन्होंने ग्रीष्मावकाश में गीताजंलि समेत उत्कृष्ट साहित्यों का अध्ययन करने का आह्वान किया। समारोह में शिक्षक एसके दास, बीएन सिंह, प्रदीप्तों दास, पीके सिंह विनय कृष्ण, आनंद विश्वकर्मा, संजीव सिंह, लक्ष्मीकांत यादव, मनोज पाण्डे, सुमन झा, नवीन सिंह, भोला महतो, संतोष, राजीव रंजन, खुशेन्द्र उपाध्यय, देवाशीष दास, ज्योति दास, शमशेर अली, इरशाद अंसारी, शमीम अख्तर, विवेक मिश्रा, शंातनु, रीता नाग, अर्चना सिंह, देवोप्रिया, बन्नोश्रवी, सुपर्णा, सुचित्रा, सुषमा, सोभा, अंजु थे।

    रवींद्रनाथ टैगोर की जयंती पर आयोजित कार्यक्रम का उद्घाटन करते अतिथि।

    विश्व बंधुत्व में यकीन रखते थे रवींद्रनाथ : नपं अध्यक्ष

    नपं की अध्यक्ष रीना कुमारी ने अपने संबोधन में कहा कि टैगोर एक ऐसे कवि थे जो विश्व बंधुत्व की भावना में यकीन रखते थे। उन्होंने अपनी लेखनी तथा कला के जरिए अंतरराष्ट्रीय भाईचारे का प्रचार-प्रसार किया। उन्होंने कहा कि गांधी जी के शब्दों में गुरुदेव राष्ट्रीय आंदोलन की नैतिक ताकत तथा वंचितों की प्रभावशाली आवाज भी थे। दुर्गादास भंडारी ने कहा कि वे भारत और बांग्‍लादेश, दोनों के ही राष्‍ट्र कवि हैं। उनकी साहित्‍यिक कृतियों ने 19वीं शताब्‍दी के उत्तरार्द्ध और 20वीं शताब्‍दी के पूर्वार्द्ध के बंग साहित्‍य को न केवल एक नई दिशा दी, बल्‍कि उसे एक नया संस्‍कार भी दिया।

    पेंशनर समाज ने मनाई रवींद्रनाथ टैगोर की जयंती

    जामताड़ा|झारखंड पेंशनर समाज द्वारा बुधवार को गांधी मैदान के समीप क्लब में रवींद्र जयंती मनाई गई। विश्व कवि रविंद्रनाथ टैगोर की तस्वीर पर माल्यापर्ण कर लोगों ने उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किया। इस दौरान सुदीप्रा मौलिक, तनुश्री खां एवं एम सरकार द्वारा रवींद्र संगीत का परिवेशन किया गया। गुणाधर गोराई ने उनकी जीवनी पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र अतुलनीय योगदान दिया है। बोलपुर में शांति निकेतन की स्थापना उनके द्वारा की गई जहां अच्छी तालीम की व्यवस्था है। आज भी लोग देश विदेश से यहां शिक्षा ग्रहण करने आते है। मौके पर चंडीदास पूरी, सुजीत कुमार घोष, अशोक चंद्रा, अशोक सरकार, सत्येंद्रनाथ बनर्जी, स्वपन मौलिक, श्रीराम मंडल, कनाई लाल बनर्जी, तरूण कुमार साह, राधेश्याम मंडल, तारापद खां सहित अन्य उपस्थित थे।

    डीएवी स्कूल में रवींद्रनाथ टैगोर की तस्वीर पर माल्यार्पण करते शिक्षक।

    रवींद्रनाथ टैगोर की जयंती पर रंगारंग कार्यक्रम

    जामताड़ा|रवींद्रनाथ टैगोर की 157वीं जयंती मिहिजाम के कोड़ापाड़ा स्थित ग्रीनवुड पब्लिक स्कूल में धूमधाम के साथ मनाया गया। स्कूल के प्राचार्य मीता घोष ने कहा कि गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर एशिया के पहले नोबेल पुरस्कार विजेता थे और भारत के राष्ट्र-गान रचयिता भी। वे हमारे देश की अग्रणी सांस्कृतिक विभूतियों में से एक हैं। उनके जीवन पर प्रकाश डालते हुए प्राचार्य ने बताया कि रवींद्रनाथ टैगोर का जन्म 7 मई, 1861 को कलकत्ता के प्रसिद्ध जोर सांको भवन में हुआ था। उनके पिता देबेन्‍द्रनाथ टैगोर (देवेन्द्रनाथ ठाकुर) ब्रह्म समाज के नेता थे। टैगोर विश्वविख्यात कवि, साहित्यकार, दार्शनिक और भारतीय साहित्य के एकमात्र नोबल पुरस्कार विजेता हैं। वे एकमात्र कवि हैं, जिसकी दो रचनाएं दो देशों का राष्ट्रगान बनीं। स्कूली छात्र-छात्राओं ने रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किया। मौके पर सुनीता प्रसाद, पूनम कुमारी, सुमिता सरकार, रामनिवास सिंह, सतीश शर्मा, रीता दास, मृतिका बागदी, दीप्ति रानी के अलावा कई शिक्षक एवं शिक्षिकाऐं मौजूद थीं।

    जामताड़ा|रवींद्रनाथ टैगोर की 157वीं जयंती मिहिजाम के कोड़ापाड़ा स्थित ग्रीनवुड पब्लिक स्कूल में धूमधाम के साथ मनाया गया। स्कूल के प्राचार्य मीता घोष ने कहा कि गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर एशिया के पहले नोबेल पुरस्कार विजेता थे और भारत के राष्ट्र-गान रचयिता भी। वे हमारे देश की अग्रणी सांस्कृतिक विभूतियों में से एक हैं। उनके जीवन पर प्रकाश डालते हुए प्राचार्य ने बताया कि रवींद्रनाथ टैगोर का जन्म 7 मई, 1861 को कलकत्ता के प्रसिद्ध जोर सांको भवन में हुआ था। उनके पिता देबेन्‍द्रनाथ टैगोर (देवेन्द्रनाथ ठाकुर) ब्रह्म समाज के नेता थे। टैगोर विश्वविख्यात कवि, साहित्यकार, दार्शनिक और भारतीय साहित्य के एकमात्र नोबल पुरस्कार विजेता हैं। वे एकमात्र कवि हैं, जिसकी दो रचनाएं दो देशों का राष्ट्रगान बनीं। स्कूली छात्र-छात्राओं ने रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किया। मौके पर सुनीता प्रसाद, पूनम कुमारी, सुमिता सरकार, रामनिवास सिंह, सतीश शर्मा, रीता दास, मृतिका बागदी, दीप्ति रानी के अलावा कई शिक्षक एवं शिक्षिकाऐं मौजूद थीं।

    डीएन परिवार में ‘एकला चलो रे’ कार्यक्रम

    भास्कर न्यूज|जामताड़ा

    कालजयी रचना “गीतांजलि’ एवं भारत तथा बांग्लादेश के राष्ट्रगीत के रचयिता एवं सन 1913 में संपूर्ण एशिया महादेश के प्रथम नोबेल पुरुष्कार विजेता कविगुरु रवींद्रनाथ को उनके जन्म दिवस पर स्थानीय डीएन अकादेमी ने उन्हें शिद्दत से याद किया। कार्यक्रम की शुरुआत उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर विद्यालय के वरिष्ठ शिक्षक रामावतार शर्मा द्वारा किया गया। अन्य सभी शिक्षकों एवं कक्षा प्रधानों द्वारा किया गया। रवींद्रनाथ टैगोर की जीवन पर प्रकाश डालते हुए विद्यालय के निदेशक प्रदीप कुमार भैया ने विभिन्न घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि उनसे सीख लेकर हम न सिर्फ एक उच्च विचार वाले मनुष्य बन सकते हैं। मौके पर टैगोर के कथनों पर आधारित एक स्लोगन प्रतियोगिता हुई। जिसमें कक्षा आठ के बाबाई मुखर्जी पहले स्थान पर रहे। चित्रांकन प्रतियोगिता में कक्षा सात के सोमनाथ तिवारी विजेता रहे। कविगुरु के जीवन पर आधारित सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता का विजेता कक्षा छह के रितेश पाल को एवं चित्रांकन प्रतियोगिता में कक्षा चार के श्रावणी गोराई को विजेता घोषित किया गया। भाषण प्रतियोगिता में कक्षा पांच के पुनम कुमारी ने पहला स्थान प्राप्त किया। देवाद्रिता एवं उसके ग्रुप ने “एकला चलो रे’ गीत की भावपूर्ण प्रश्तुती रखी। कार्यक्रम के आयोजन में राजीव रंजन लाल, जीतू राठोर, अंशुमान शर्मा की अहम भूमिका रही।

    स्कूल में रवींद्रनाथ टैगोर को याद करते बच्चे।

    भारत स्काउट ने कविगुरु को याद किया

    रवींद्र टैगोर को श्रद्धांजलि देते स्काउट एंड गाईड के युवा।

    जामताड़ा |भारत स्काउट एंड गाईड द्वारा रबींद्रनाथ टैगोर की जयंती पर राजकीय बुनियादी विद्यालय मिहिजाम में कार्यक्रम का अायोजन कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किया। मौके पर विद्यालय के प्रधानाध्यापक सुखमय मुखर्जी ने दीप जलाकर कार्यक्रम का उद्घाटन किया। उन्होंने कविगुरू के जीवन पर प्रकाश डाला तथा बच्चों को उनसे प्रेरणा लेने की सीख दिए। मौके पर भारत स्काउट एण्ड गाईड जिला के डीओसी दिनेश प्रसाद सहित कई शिक्षक एवं स्कूली बच्चे मौजूद थे। कार्यक्रम में उउवि सहरडाल, कन्या मवि मिहिजाम, राबुवि मिहिजाम के स्काउट गाईड उपस्थित थे।

    सिंहवाहिनी +2 में रवींद्रनाथ की जयंती पर प्रतियोगिता

    कार्यक्रम को संबोधित करते नाला विधायक रवींद्रनाथ महतो।

    भास्कर न्यूज|कुंडहित/बागडेहरी

    बुधवार को कुंडहित प्रखंड स्थित राजकीयकृत सिंहवाहिनी +2 उच्च विद्यालय कुंडहित में विश्व कवि रवींद्रनाथ टैगोर की जयंती सह वार्षिकोत्सव समारोह का आयोजन किया गया।

    इस अवसर पर मुख्य रूप से नाला विधानसभा क्षेत्र के विधायक रवींद्रनाथ महतो उपस्थित थे। अपने संबोधन में विधायक ने रवींद्रनाथ टैगोर के जीवनी पर प्रकाश डाला। साथ-ही कहा कि वर्तमान समय में देखा जा रहा है कि अभिभावक सिर्फ अपनी मर्जी बच्चों पर चलाते है। जिसका परिणाम काफी खराब होता है। कहा कि बच्चों का मन साहित्य की ओर है तो उन्हे साहित्य पढ़ने दिया जाए। विज्ञान पढ़ने की रूची है तो उन्हें विज्ञान पढ़ने दिया जाए। इसका परिणाम काफी अच्छा होगा। वही अंचलाधिकारी अरविंद कुमार ओझा ने भी विश्व कवि पर व्याख्यान दिया। कार्यक्रम के दौरान बीच-बीच में स्कूली बच्चों द्वारा रवींद्र संगीत से पूरा विद्यालय गुंजने लगा। स्कूल के छात्र-छात्राओं के बीच भाषण प्रतियोगिता, चित्रांकन प्रतियोगिता सहित विभिन्न प्रकार के प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। मौके पर विद्यालय के प्राचार्य मधुसूदन महतो, भाजपा नेता माधवचंद्र महतो, पूर्व प्राचार्य सुखदेव, जिप सदस्य भजहरि मंडल, देवेंद्र आदि ने संबोधित किया।

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