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लचर स्वास्थ्य व्यवस्था से आक्रोशित हैं लोग

जामताड़ा जिला बनने के 17 साल बीत जाने के बाद भी नाला प्रखंड के लोगों को समुचित स्वास्थ्य सेवा नहीं मिलती है। जिला...

Dainik Bhaskar

Apr 29, 2018, 03:25 AM IST
जामताड़ा जिला बनने के 17 साल बीत जाने के बाद भी नाला प्रखंड के लोगों को समुचित स्वास्थ्य सेवा नहीं मिलती है। जिला बनने के बाद नाला प्रखंड में स्थापित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में अपग्रेड कर सात चिकित्सक का पद स्वीकृत किया गया है। गायनो, डेंटेल और नेत्र रोग के लिए तीन विशेषज्ञ चिकित्सक के साथ साथ चार चार मेडिकल अफसर में से वर्तमान में डाॅ नदीयानंद मंडल और डाॅ देवानंद प्रकाश ही पदस्थापित है। बेहतर स्वास्थ्य सेवा मुहैया कराने के लिए क्षेत्र के अफजलपुर, सारसकुंडा, सरबेदिया, गेडि़या एवं बिंदापाथर में पांच पांच प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र संचालित हैं। लेकिन अफजलपुर, गेडि़या एवं सारसकुंडा में अबतक किसी डाॅ का पदस्थापन नहीं हुआ है। सूत्रों के अनुसार संपूर्ण क्षेत्र में 38 स्वास्थ्य उपकेंद्र संचालित है तथा बारघरिया एवं अफजलपुर में दो दो आयुस केंद्र भी संचालित होने के बाद भी क्षेत्रवासी का अबतक झुकाव नहीं हुआ है। इस केंद्र के लिए डाॅ पंकज कुमार शर्मा एवं डाॅ दिवेंदु साहा का पदस्थापन हुआ है। लेकिन क्षेत्रवासी उन्हें तलाशने के लिए पैरवी प्रयास के बल पर ही सेवा प्राप्त करते हैं। गौरतलब है कि अधिकांश चिकित्सक और चिकित्सा कर्मी का अपने अपने सेवा केंद्र में आवासन नहीं होने से लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवा नहीं मिलता है। आज की तिथि में भी गांव देहात के लोग निजी चिकित्सक के भरोसे जहां जान बचाते है। वहीं असामान्य की स्थिति में जन्म लेने के लिए भी बंगाल के शरण में जाना पड़ता है।

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