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खेती को लाभप्रद बनाने के लिए वैज्ञािनक तरीकों पर दिया जोर

सरकार द्वारा संचालित कृषि, पशुपालन, मछली पालन एवं उन्नत खेती की जानकारी देने के किसानों को देने के लिए बुधवार को...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 03, 2018, 03:45 AM IST

खेती को लाभप्रद बनाने के लिए वैज्ञािनक तरीकों पर दिया जोर
सरकार द्वारा संचालित कृषि, पशुपालन, मछली पालन एवं उन्नत खेती की जानकारी देने के किसानों को देने के लिए बुधवार को प्रखंड सभागार में एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस मौके पर नाला विधायक रवींद्रनाथ महतो ने कहा कि हमारा देश कृषि प्रधान है और यहां के किसान काफी मेहनती हैं। किसानों द्वारा पैदा किए गए अनाज से ही समाज की परवरिश होती है। उन्होंने कहा कि पारंपरिक खेती और विधि को अपनाते हुए जरूरत के अनुसार वैज्ञानिक विधि से भी खेती करें। मद्रास की मछली और बंगाल, पंजाब का अनाज अगर सारा देश में आपूर्ति हो सकती है तो नाला क्षेत्र का आम, दूध, काजू से लेकर अन्य फसल का सुगंध दूर दूर तक क्यों नहीं फैल सकता है। यहां भी वैसे हुनरमंद और मेहनतकश किसान है जो खेती के क्षेत्र में मिसाल कायम किया है।

कई बिंदु पर दुख प्रकट करते हुए उन्होंने कहा कि किसानों को मेहनत के अनुसार फसल का मूल्य नहीं मिलता है। कृषि कार्य में जैसी सुविधा एवं प्रोत्साहन मिलना चाहिए वैसा समय पर नहीं मिल पाता है। यही कारण है कि लोग खेती को छोड़ नौकरी के पीछे दौड़ते हैं। सरकार की कार्यशैली पर निशाना साधते हुए महतो ने कहा कि राज्य में कृषि सिनेट का बतौर सदस्य होने के बाद भी गतिविधि शुन्य जैसा रह गया है। इतना ही नहीं जिसमे राज्य किसानों का हित जुड़ा हुआ है वहां पिछले तीन साल से सिनेट की बैठक तक नहीं हुई है। विधायक ने कहा कि अपनी अपनी जमीन पर हर हाल में खेती करना होगा। वरना सरकार छीन लेगी, कुछ ऐसा ही समय अब आने वाला है। आंकड़ा के मुताबिक 60 फसदी भूमि पर अब भी किसी प्रकार की खेती नहीं होती है। वैसी जमीन पर भी खेती हो सकती है जिसके लिए विभाग के अधिकारी एवं वैज्ञानिक के साथ संपर्क किया जा सकता है। इस अवसर पर प्रखंड विकास पदाधिकारी सुनील कुमार प्रजापति एवं अनुमंडल उद्यान पदाधिकारी समसुद्दीन अंसारी ने बागवानी, खेती, पशुपालन, संचालित योजना, लाभ तथा सरकार द्वारा प्रदत्त सुविधा, माटी जांच आदि के बारे में जानकारी दी। इस सेमिनर के माध्यम से परेश मंडल, युद्धपति मंडल, चिंतामणि मंडल आदि किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड प्रदान किया गया। बताया गया कि माटी जांच करने के उपरांत फसल एवं पैदावार में काफी सुविधा मिलेगी। इस मौके पर ब्लाॅक प्रमुख जियाराम हेम्ब्रम, बीसीइओ जाॅन मरांडी, टीवीओ विश्वनाथ टोप्पो, बीटीएएम राजीव शंकर कुमार के अलावा समर माजि, बोम मंडल, निर्मल कुमार माजि, अजय कुमार मंडल, सुरोजीत भट्टाचार्य, भवसिंधु लायेक आदि मुहिला पुरूष किसान काफी संख्या में उपस्थित थे।

कार्यशाला में जानकारी देते अितथि।

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