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विवादों के कारण नहीं हो सका समिति का पुनर्गठन

नारायणपुर|विद्यालय प्रबंधन समिति का पुनर्गठन प्राय: सभी विद्यालयों में विवाद का कारण बना हुआ है। यही कारण है कि...

Dainik Bhaskar

May 11, 2018, 03:35 AM IST
नारायणपुर|विद्यालय प्रबंधन समिति का पुनर्गठन प्राय: सभी विद्यालयों में विवाद का कारण बना हुआ है। यही कारण है कि इसके पुर्नगठन को लेकर विभाग को काफी मशक्कत करना पड़ रहा है। इसके लिए बार-बार तिथि का निर्धारण किया जा रहा है। हर बार विवाद फिर पुर्नगठन का कार्य स्थगित कर दिया जाना यह सिलसिला जारी है। जानकारी के अनुसार विद्यालय प्रबंधन समिति का कार्यकाल 3 वर्षों का होता है। विद्यालय का संचालन सही तरीके से हो इसके लिए हर 3 साल के बाद विद्यालय प्रबंधन समिति का पुनर्गठन किया जाता है। हर विद्यालय में विद्यालय प्रबंधन समिति कार्यरत है। आज प्रखंड के कई विद्यालयों में इस समिति का पुर्नगठन कराने में विभाग सक्षम नहीं हो पा रहा है। हर कोई इस पद पर काबिज होना चाहता है। विदित हो कि विद्यालय में मध्याह्न भोजन संचालन से लेकर हर प्रकार के विकास कार्य विद्यालय प्रबंधन समिति के माध्यम से ही संपन्न होता है। प्रबंधन समिति में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का पद काफी अहम होता है। इसका चुनाव विद्यालय प्रबंधन समिति के चयनित सदस्य करते हैं। हालांकि विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष से लेकर सदस्य तक वही बन सकते है। जिसका बच्चा उस विद्यालय में पढ़ता हो। इसी पद लोलुपता के कारण इसके चयन की पारदर्शिता समाप्त होती जा रही है एवं विभाग द्वारा इस समिति का पुर्नगठन उसके लिए हर वक्त टेढ़ी खीर साबित होता रहता है।

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