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शब-ए-बारात पर अल्लाह की इबादत में गुजरी रात

मुसलमानाें का एक खास और महत्वपूर्ण त्योहार शब ए बारात प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न ईदगाहों एवं कब्रगाहों में काफी...

Dainik Bhaskar

May 03, 2018, 03:45 AM IST
मुसलमानाें का एक खास और महत्वपूर्ण त्योहार शब ए बारात प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न ईदगाहों एवं कब्रगाहों में काफी सुकुन और शांति के साथ मनाया गया। अपने गुजरे हुए पूर्वजों को याद करते हुए समुदाय के लोगो ने उनकी कब्रगाह पर बङे ही अकीदत के साथ पूरी रात नेक इबादत कर पूर्वजों के नाम से गरीब निर्धन और असहाय लोगों के बीच भोजन एवं वस्त्र का वितरण किया। समुदाय के लोगों ने अल्लाह ताला को याद कर अपने पूर्वजों को जन्नत अता फरमाने के लिये बङी ही नेक दिल से आज शब ए बारात की रात इबादत में गुजारी। इस बाबत ईदगाहों में कुरान ए पाक की आयतें पढी गयी साथ कब्रिस्तान में दफनाये गये अपने पूर्वजों की कब्र के सामने इबादत कर रात बिताया गया। इस पर्व को लेकर दो दिन पूर्व से ही ईदगाहों तथा कब्रिस्तान की विशेष साफ-सफाई करायी गयी तथा शब ए बारात की रात काफी निष्ठा के साथ इबादत कर अपने सुख और शांति की दुआ मांगी गयी।

नारायणपुर के बस स्टैंड के समीप कब्रिस्तान के अलावे प्रखंड़ के दर्जनो ईदगाहों में शब ए बारात मनायी गयी। जानकारी के मुताबिक इस्लामी कैलेंडर के अनुसार यह रात साल में एक बार शाबान महीने की 14 तारीख को सूर्यास्त के बाद शुरू होती है। मुसलमानों के लिए यह रात बेहद फजीलत (महत्वपूर्ण) रात मानी जाती है, इस दिन विश्व के सारे मुसलमान अल्लाह की इबादत करते हैं। वे दुआएं मांगते हैं और अपने गुनाहों की तौबा करते हैं। यह रात इबादत करने की रात होती है। इस वजह से खास करके ईदगाहों एवं मस्जिदों में रौशनी का होना आवश्यक माना जाता है। शब ए बारात अल्लाह से दुआ मांगने की भी रात कही गयी है। इस पर्व को लेकर नारायणपुर के महतोडीह, कोरीडीह वन, मोहडार, बंदरचुवा, दिघारी, चिरूडीह, लखनपुर सहित मुस्लिम बाहुल्य ईलाकों में शब ए बारात की यह रात इबादत कर गुजारा गया।

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