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अब कोर्ट कैंपस में लालू के दरबार लगाने पर रोक, बेकार भीड़ लगने के चलते कोर्ट का आदेश

लालू प्रसाद दिन भर कोर्ट में रहते हैं। कोर्ट परिसर में ही अपना दरबार सजाते हैं। वहां उनके समर्थकों की भी भीड़ लगी रहती ह

Danik Bhaskar | Mar 09, 2018, 06:15 AM IST
चारा घोटाले में लालू प्रसाद जब चारा घोटाले में लालू प्रसाद जब

रांची. बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद का अब कोर्ट कैंपस में दरबार नहीं लगेगा। चारा घोटाले से जुड़े डोरंडा ट्रेजरी से अवैध निकासी मामले की सुनवाई अब वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए होगी। सीबीआई के स्पेशल जज प्रदीप कुमार की कोर्ट ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है। यह व्यवस्था शुक्रवार से लागू होगी।

काेर्ट को क्यों देना पड़ा ये आदेश?
चारा घोटाले से जुड़े डोरंडा कोषागार से अवैध निकासी मामले की रोजाना सुनवाई हो रही है। लालू प्रसाद समेत अन्य आरोपियों को विशेष कैदी वाहन से जेल से कोर्ट लाया जाता है। इस वाहन की सुरक्षा के लिए दूसरी गाड़ी में दो दर्जन से ज्यादा सुरक्षाकर्मी आते हैं। लालू प्रसाद दिन भर कोर्ट में रहते हैं। कोर्ट परिसर में ही अपना दरबार सजाते हैं। वहां उनके समर्थकों की भी भीड़ लगी रहती है। समर्थकों के साथ वे दिन भर मीडिया से भी बातचीत करते रहते हैं। इससे कोर्ट परिसर में अनावश्यक रूप से भीड़ लगी रहती है। इसी को ध्यान में रखते हुए स्पेशल जज की कोर्ट ने यह आदेश जारी किया है।

लालू बोले- बीजेपी और आरएसएस वाले लेनिन व अन्य महापुरुषों की मूर्तियां तोड़ रहे

डोरंडा कोषागार मामले (आरसी-47) में लालू प्रसाद गुरुवार को स्पेशल जज प्रदीप कुमार की कोर्ट में पेश हुए। पेशी के बाद लालू ने मीडिया से कहा- बिहार के मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह को भी चारा घोटाले में आरोपी बनाया गया है। इससे पहले ही नीतीश कुमार उन्हें सेवा विस्तार दे चुके हैं। अब यह कोर्ट का मामला है, इसलिए मैं कुछ नहीं कह सकता। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अहंकारी बताते हुए कहा कि उनकी शह पर ही बीजेपी और आरएसएस वाले लेनिन व अन्य महापुरुषों की मूर्तियां तोड़ रहे हैं। मोदी खुद को विश्व विजेता समझ रहे हैं, क्योंकि उन्हें दोबारा सत्ता में नहीं आना है। वे जीते-जी अपनी मूर्ति खड़ा करना चाहते हैं।