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चारा घोटाला - सजल को 5 साल की सजा साढ़े तीन साल रहेंगे जेल में

4 लाख जुर्माना भी लगाया। जुर्माना नहीं देने पर एक साल अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी।

Danik Bhaskar | Nov 23, 2017, 07:04 AM IST

रांची. बहुचर्चित चारा घोटाला के एक मामले में बुधवार को रांची सीबीआई की विशेष अदालत ने झारखंड के पूर्व मुख्य सचिव सजल चक्रवर्ती को पांच साल की सश्रम कारावास की सजा सुनाई। आदेश के बाद उन्हें जमानत नहीं मिली और जेल भेज दिया गया। उन्हें 14 नवंबर को हिरासत में लिया गया था। सीबीआई के विशेष न्यायाधीश शंभू लाल साव की अदालत ने चाईबासा ट्रेजरी से पशुपालन विभाग के 37.37 करोड़ की अवैध निकासी मामले में दोषी सजल पर 4 लाख जुर्माना भी लगाया। जुर्माना नहीं देने पर एक वर्ष अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी।

सजल चारा घोटाला में इससे पूर्व 11 मार्च 1998 को जेल भेजे गए थे और लगातार 18 महीने 7 दिन जेल में रहे थे। अब बाकी के तीन साल, पांच महीने 23 दिन उन्हें सश्रम कारावास की सजा काटनी होगी। मालूम हो कि चारा घोटाले में सीबीआई की विशेष अदालत बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद और डॉक्टर जगन्नाथ मिश्रा समेत 46 आरोपियों को दोषी पाकर सजा सुना चुकी है। मामले में 20 अन्य आरोपियों के खिलाफ अभी भी सुनवाई जारी है।

{आपराधिक षड़यंत्र, जालसाजी धोखाधड़ी, सरकारी राशि का गबन, भ्रष्टाचार और सरकारी पद का दुरुपयोग करने के मामले में दोषी करार दिए गए। थे।


सजल 1992 से 1995 के बीच चाईबासा के उपायुक्त (डीसी) थे। तब वे पशुपालन विभाग में हो रही अवैध निकासी नजरअंदाज करते रहे। उन पर जिला पशुपालन पदाधिकारी बीएन शर्मा से सांठगांठ का आरोप है। साथ ही इस मामले से जुड़े ठेकेदार से गिफ्ट में लैपटॉप लेने का भी आरोप है। अक्टूबर 2013 में झारखंड उच्च न्यायालय ने सजल पर लगे आरोप को निरस्त कर दिया था। इसके बाद सीबीआई ने हाईकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई की याचिका को स्वीकार करते हुए सजल के खिलाफ फिर से सुनवाई का आदेश दिया। इसी वर्ष आठ मई को सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद इस मामले में सीबीआई का स्पीडी ट्रायल शुरू हुआ। सजल ने 22 दिन बाद 30 मई को आत्मसमर्पण कर दिया। इसके बाद अदालत ने पूर्व मुख्य सचिव को एक-एक लाख रुपए का बेलबांड भरवाकर उन्हें जमानत दे दी थी।