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सरयू-सीपी ने किया विरोध, अक्षय पात्रा को ‌‌1 रु. में दी 62.26 एकड़ जमीन

कैबिनेट ने अक्षय पात्रा फाउंडेशन के सिस्टर आर्गेनाइजेशन ग्रेट इंडिया टैलेंट फाउंडेशन को बुंडु में एक रुपए में दे दी।

Danik Bhaskar | Nov 22, 2017, 08:10 AM IST

रांची। राज्य सरकार के दो वरिष्ठ मंत्रियों के विरोध के बावजूद मंगलवार को कैबिनेट ने अक्षय पात्रा फाउंडेशन के सिस्टर आर्गेनाइजेशन ग्रेट इंडिया टैलेंट फाउंडेशन को बुंडु में एक रुपए में 62.26 एकड़ जमीन देने पर सहमति दे दी। इस जमीन पर फाउंडेशन द्वारा कल्चरल कम एजुकेशनल कंप्लेक्स, रेजिडेंशियल स्कूल, गोशाला, इंटरनेशनल स्कूल, कम्युनिटी हॉल एवं 10 हजार स्कूली बच्चों के लिए अक्षय पात्रा सेंट्रलाइज कीचन की स्थापना की जाएगी।

- मंगलवार को कैबिनेट की बैठक में इस मामले को लेकर मंत्रियों में मतभेद साफ दिखा। नगर विकास मंत्री सीपी सिंह ने जहां कैबिनेट की बैठक में विभाग द्वारा सशुल्क जमीन दिए जाने के बदले नि:शुल्क जमीन देने का मौखिक विरोध किया वहीं, खाद्य आपूर्ति मंत्री सरयू राय ने विरोध के बीच लिखित रूप में कैबिनेट के फैसले पर असहमति जताई। बैठक के बाद पूछने पर राय ने कहा भी कि उन्होंने क्यों असहमति जताई है, इसके बारे में वह बिंदुवार सरकार को लिखित रूप में जानकारी देंगे।
- 2006 में राज्य सरकार द्वारा बुंडू अंचल के मौजा दामी की यह जमीन एक रुपए के टोकन सलामी पर योगगुरु बाबा रामदेव के नेतृत्व वाली पतंजलि योगपीठ ट्रस्ट हरिद्वार को सेंटर फॉर रिसर्च एंड कल्टिवेशन ऑफ मेडिसिनल एंड एरोमेटिक प्लांट की स्थापना के लिए दी गई थी।

- पांच साल के अंदर पंतजलि योगपीठ को इस पर प्लांट की स्थापना कर लेनी थी। 11 साल बाद विभाग की ओर से पतंजलि योगपीठ को इस संबंध में नोटिस जारी किया गया। कोई जवाब नहीं आया तो विभाग ने पतंजलि योगपीठ का आवंटन रद्द कर दिया। बीते अगस्त में अक्षय पात्रा फाउंडेशन को यह जमीन देने का प्रस्ताव भू-राजस्व विभाग के पास आया तो इस बार उसने 9.44 करोड़ के भुगतान पर देने की अनुशंसा सरकार से कर दी।
- भू-राजस्व मंत्री ने भी सशुल्क ही जमीन देने पर सहमति दी थी। पिछली कैबिनेट में विभाग के प्रस्ताव को पलट दिया गया और फाउंडेशन को नि:शुल्क जमीन देने पर सहमति बनी। इसके बाद भू राजस्व विभाग नए सिरे से फाउंडेशन को नि:शुल्क जमीन देने की तैयारियों में जुट गया। जिसका परिणाम मंगलवार की कैबिनेट में सामने आया।
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- नगर विकास आवास विभाग के अंतर्गत जेई के रिक्त 284 पदों पर राज्य के इंजीनियिरंग और पॉलिटेक्निक कॉलेजों से कैंपस सलेक्शन से संविदा के आधार पर तीन वर्षों के लिए नियुक्ति की जाएगी। विभागीय मंत्री के अनुमोदन से एक साल का सेवा विस्तार भी दिया जा सकेगा।
- राज्य में विकास के काम प्रभावित नहीं हो, इसके लिए राज्य सरकार ने अब केवल एक बार जून और जुलाई के महीने में ही सरकारी कर्मचारियों का ट्रांसफर करने का निर्णय लिया है। पूर्व में मई-जून और नवंबर-दिसंबर, साल में दो बार ट्रांसफर करने का नियम था।