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बीमार बच्ची की कर्नाटक में मौत, केस नहीं ले रहे थाने

डायलेटेड कार्डियो मायोपैथी से पीड़ित थी आश्वी, पिता ने कहा-लापरवाही हुई।

Danik Bhaskar | Nov 25, 2017, 08:28 AM IST

रांची। रांची के रहनेवाले विकास गुप्ता इलाज के दौरान अपनी एक साल की बच्ची आश्वी की मौत से मर्माहत हैं। उनका आरोप है कि गलत इलाज के कारण उनकी बच्ची की मौत हुई। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन से बच्ची के इलाज की पूरी मेडिकल रिपोर्ट मांगी, लेकिन कर्नाटक का प्रतिष्ठित अस्पताल उन्हें मेडिकल रिपोर्ट उपलब्ध ही नहीं करा रहा है। वे अस्पताल प्रबंधन के विरुद्ध कर्नाटक मेडिकल कौंसिल भी गए।

- आठ नवंबर को मेडिकल काउंसिल के रजिस्ट्रार डॉ बीपीएस मूर्ति ने अस्पताल प्रबंधन को तीन दिन के भीतर मेडिकल रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। साथ ही चेतावनी भी दी कि यदि मेडिकल रिपोर्ट समय सीमा के भीतर उपलब्ध नहीं करायी गई, तो अस्पताल का लाइसेेंस रद्द करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। लेकिन अब तक गुप्ता को मेडिकल रिपोर्ट नहीं मिली है और न बेंगलुरू से लेकर रांची तक का कोई थाना एफआईआर दर्ज कर रहा है। पित अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के लिए भटक रहे हैं।
- रांची जिले के तमाड़ के रहनेवाले विकास गुप्ता की बच्ची आश्वी का इलाज कर्नाटक अस्पताल के डॉक्टर पीवी सुरेश कर रहे थे। उसे 19 जुलाई को भरती कराया गया था। अचानक दो अगस्त 2017 को आश्वी की तबीयत बिगड़ गई और उसे वेंटिलेटर पर रखा गया। अगले दिन आश्वी की मौत हो गई। विकास ने डॉक्टर पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए कर्नाटक से लेकर रांची के विभिन्न थानों में एफआईआर दर्ज कराने की कोशिश की।
- पुलिस के बड़े अधिकारियों के पास भी गए, लेकिन अब तक उनकी एफआईआर दर्ज नहीं हो सकी है। गुप्ता का कहना है कि आश्वी तो नहीं रही, पर अस्पताल प्रबंधन को उसकी गलती का दंड मिलना चाहिए, ताकि दूसरे किसी मरीज के इलाज में लापरवाही न हो।