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बजट का बदलेगा थीम, कोर सेक्टर पर रहेगा फोकस

नंदकुमार ने तीन साल की कार्य योजना की तैयार ड्राफ्ट रिपोर्ट मुख्यमंत्री रघुवर दास को सौंपी

Danik Bhaskar | Nov 30, 2017, 06:23 AM IST
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रांची. राज्य विकास परिषद ने प्रदेश के विकास को लेकर तीन साल का एक विजन डॉक्यूमेंट बनाया है। अब इसी आधार पर राज्य का बजट बनेगा। इससे बजट का थीम अब बदल जाएगा। पहले जहां विभागों को फोकस प्वाइट बना कर बजट बनता था अब वह विकास के लिए तय किए गए सेक्टर के अनुरूप बनेगा। बुधवार को राज्य विकास परिषद के सदस्य टी नंदकुमार ने तीन साल की कार्य योजना की तैयार ड्राफ्ट रिपोर्ट मुख्यमंत्री रघुवर दास को सौंपी।

बाद में विभागीय सचिवों के साथ बैठक की। 15 दिनों में विभागों को परिषद को सुझाव देने को कहा गया है। इसके बाद तीन साल के इसी विजन डॉक्यूमेंट के आधार पर वर्ष 2018-19 की वार्षिक योजना (योजना बजट) बनेगी। जिसमें विभागों को बताना होगा कि उनका अमुक स्कीम योजना किस सेक्टर और किस स्कीम के तहत है। इस बार का बजट केवल आवंटन आधारित नहीं आउटकम बेस्ड होगा।

ग्रामीण समृद्धि, किसानों की आय दोगुना करना, समावेशी विकास, बेहतर शहरी जीवन, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, उद्यमिता, क्वालिटी हेल्थ सर्विसेज, शुद्ध पेयजल एवं स्वच्छता, सभी घरों में 22 घंटे बिजली, ट्रांसपोर्ट कनेक्टिविटी, महिला सशक्तिकरण, रोजगारोन्मुखी औद्योगिक विकास,सतत वन प्रबंधन। इसमें एक सचिव को एक सेक्टर इसका जिम्मा देने की अनुशंसा की गई है

एसडीसी ने ड्राफ्ट रिपोर्ट पर विभागीय सचिवों के साथ की बैठक, सीएमको सौंपी रिपोर्ट
टी नंदकुमार द्वारा रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि पिछले तीन साल में अपने परफॉरमेंस की वजह से झारखंड देश के कई मानकों पर दसवें स्थान पर है। अगले तीन साल में झारखंड को देश का सबसे अव्वल राज्य बनाएंगे। डेवलेपमेंट के लिए एडवांस प्लानिंग करना बहुत जरूरी है। इसे ध्यान में रखते हुए ही झारखंड में राज्य विकास परिषद का गठन किया गया है।

बजट में तय राशि खर्च करना और विकास का परिणाम प्राप्त करना ही सफलता है।

सीएम ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी 15 वर्ष का विजन, 7 वर्ष की रणनीति और 3 वर्षीय कार्य योजना बनाकर काम करने का आह्वान किया है।मुख्यमंत्री ने कहा कि जो विकास की दृष्टि से पिछड़े जिले हैं उनको प्राथमिकता के आधार पर चयन करें। साथ ही उन जिलों में कौन सा प्रखंड पंचायत ज्यादा पिछड़ा है, इसका भी एक लिस्ट तैयार हो।

बैठक के बाद टी नंदकुमार ने कहा कि यह ड्राफ्ट रिपोर्ट पब्लिक डोमेन में रख कर उनसे भी सुझाव मांगे जा रहे हैं। राज्य के सांसद विधायकों को राय के लिए भेजा जाएगा। इसी आधार पर जिलों को भी योजना बनाने को कहा जाएगा। 12 कोर सेक्टर के लिए 12 अलग-अलग सचिवों का समूह बनेगा। अब बजट में विभाग के बदले पर सेक्टर डेवलपमेंट लक्ष्य बनेगा। इनोवेटिव फाइनांस पर जोर दिया गया है। इसके लिए 12 सेक्टर के थीम और इसको सपोर्ट करने के लिए तीन कंपोनेंट भी तय किए गए हैं। यह रिपोर्ट सरकार बेस्ट नहीं सिटीजन सेंट्रिक है। इसे लागू करने में सरकार के अलावा सिविल सोसाइटी और अन्य क्षेत्र भी सहयोगी होंगे। विकास आयुक्त अमित खरे ने कहा कि वर्ष 2018-19 के बजट से पहले बनी इस कार्य योजना से यह लाभ होगा कि सभी विभाग अपने बजट प्रस्ताव में शामिल कर सकेंगे।बैठक में मुख्य सचिव राजबाला वर्मा, सीएम के सचिव सुनील बर्णवाल अर्थशास्त्री रमेश शरण, हरिश्वर दयाल समेत विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव, सचिव समेत अन्य शामिल थे।