--Advertisement--

हर दिल अजीज थे जमादार अशरफ कुरैशी, घर एवं मुहल्ले में पसरा मातम

हर दिल अजीज थे जमादार अशरफ कुरैशी, घर एवं मुहल्ले में पसरा मातम

Danik Bhaskar | Nov 20, 2017, 07:10 PM IST

हजारीबाग (झारखंड)। गिरिडीह के सरिया थाना परिसर में सोमवार को हुए विस्फोट में एक एएसआई और स्थानीय चौकीदार की मौत हो गई। इस घटना से ठीक दो मिनट पहले कांस्टेबल प्रेमदीप पानी पीने के लिए थाने के अंदर चले गए थे। इससे उनकी जान बच गई। इतना जबरदस्त था विस्फोट...

- कांस्टेबल प्रेमदीप ने बताया कि कुछ दिन पहले जब्त किए गए जिलेटिन को डिफ्यूज किया जाना था। इसके लिए सुबह दस बजे हजारीबाग पीटीसी की टीम सरिया थाना गई थी।

- इस टीम में खुद प्रेमदीप के अलावा इंस्पेक्टर विजय रंजन, एएसआई अशरफ कुरैशी, अब्दुल करीम और कांस्टेबल मनोज कुमार शामिल थे।

- प्रेमदीप ने बताया कि हम सभी करीब 12 बजे जिलेटिन को डिफ्यूज करने में जुट गए। यह प्रोसेस थाना परिसर में ही की जा रही थी। इस बीच मैं पानी पीने के लिए थाने के भीतर चले गया। मेरे जाने के दो मिनट बाद ही वहां अचानक धमाका हुआ। इस धमाके में जिलेटिन जला रहे अशरफ कुरैशी व स्थानीय चौकीदार की मौत हो गई।

- यह धमाका इतना जबरदस्त था कि इस घटना में जमीन के भीतर चार फीट गहरा गड्‌ढा हो गया। पूरा थाना भवन हिल गया। उसके दरवाजे-खिड़की तक उखड़ गए। आसपास के घरों में भी क्षति पहुंची।

कराटे में ब्लैक बेल्टर थे अशरफ कुरैशी...
-अशरफ कुरैशी चार भाइयों में सबसे बड़े थे। पिता की मौत के बाद घर और परिवार की बड़ी जिम्मेदारी उन्हीं के कंधों पर थी।
-मोहल्ले के लोगों के मुताबिक उन्होंने कठिन संघर्ष कर पुलिस में नौकरी पाई थी। कराटे में ब्लैक बेल्टर और बम निरोधक दस्ते के प्रमुख सदस्य रहने के कारण ये तकनीकी रूप से काफी स्ट्रॉन्ग थे।

जिलेटिन विस्फोट नहीं करता : एक्सपर्ट

- घटनास्थल पर पहुंचे बम निरोधक दल के विशेषज्ञ संजय राणा ने कहा कि जिलेटिन जलाने के लिए सुरक्षा कवच की जरूरत नहीं होती है। यह विस्फोट नहीं करता है।
- उन्होंने आशंका जताई कि घटना स्थल पर जमीन के भीतर कोई और विस्फोटक दबा होगा जिससे यह हादसा हो गया। संजय राणा के मुताबिक दशकों पहले विस्फोटकों को जमीन में दफन कर दिया करते थे। यह वहीं विस्फोटक भी हो सकता है। विस्फोट की असली वजह जांच के बाद ही सामने आ पाएगी।

आगे की स्लाइड्स में देखिए फोटोज...

वीडियो : अनिल कुमार।