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अवैध बहाली के खिलाफ शिक्षक और कॉलेज कर्मियों ने खोला मोर्चा

केएसजीएम कॉलेज निरसा में व्याप्त भ्रष्टाचार व लूट-खसोट को लेकर प्राध्यापक व शिक्षेत्तर कर्मियों ने मोर्चा खोल...

Bhaskar News Network | Last Modified - Feb 02, 2018, 03:10 AM IST

केएसजीएम कॉलेज निरसा में व्याप्त भ्रष्टाचार व लूट-खसोट को लेकर प्राध्यापक व शिक्षेत्तर कर्मियों ने मोर्चा खोल दिया है। गुरुवार को केएसजीएम कॉलेज निरसा के प्राध्यापक व शिक्षेत्तर कर्मचारी संघ के बैनर तले कार्यरत कर्मियों की बैठक हुई। इसकी अध्यक्षता संघ के अध्यक्ष सह प्रो. केके सिंह ने की। इस दौरान प्राचार्य को आठ सूत्री मांगपत्र भी सौंपे गए तथा मांगे पूर्ण नहीं होने पर 6 फरवरी से कॉलेज में तालाबंदी करने का अल्टीमेटम भी दिया गया। बैठक को संबोधित करते हुए संघ के अध्यक्ष केके सिंह ने कहा कि कार्यरत कर्मियों व प्राध्यापकों की मेहनत का नतीजा है कि वर्तमान में 14 हजार से अधिक विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। समय के साथ कॉलेज के फंड में भी आर्थिक मजबूती मिली है। परंतु कॉलेज प्रबंधन के कुछ लोग निजी स्वार्थ व पैसे की बंदरबांट को लेकर मनमाने ठंग से न सिर्फ पैसे का खर्च कर रहे हैं, बल्कि सभी नियमों को ताक पर रख अपने मन मुताबिक़ कर्मियों की बहाली भी कर रहे हैं। यूजीसी के नियमानुसार विज्ञापन देकर ही कॉलेज प्रबंधन व शासी निकाय प्राध्यापकों व शिक्षकेत्तर कर्मचारियों की बहाली कर सकते हैं। परंतु कॉलेज प्रबंधन सभी नियमों का धज्जियां उड़ा बहाली पर बहाली कर रहे हैं। वहीं कॉलेज परिसर में अवैध केंटिन का भी निर्माण करवाया जा रहा है। इसे तत्काल बंद करना होगा। बिना किसी इंजीनियर की प्लानिंग के ही 20 लाख रुपए से अधिक की लागत से सेमिनार हॉल का निर्माण करवाया जा रहा है। नियमतः निर्माण कार्य को लेकर टेंडर करवाया जाना चाहिए था। परंतु कॉलेज प्रबंधन स्वयं ही बगैर अनुभव के ही अवैध उत्खनन के कारण खोखली जमीन पर लाखों रुपए का निर्माण कर विद्यार्थियों के जीवन के साथ खिलवाड़ करने में लगे हैं। इसका निर्माण अविलंब बंद हो तथा टेंडर के माध्यम से निर्माण कार्य करवाया जाए।

बैठक में उपस्थित प्राध्यापक व शिक्षेत्तरकर्मी।

कॉलेज में व्यक्ति विशेष की मनमानी नहीं चलने देंगे

शैक्षणिक योग्यता के आधार पर कर्मियों को पदोन्नति दी जाए। कर्मियों की वेतन विसंगतियों को अविलंब दूर किया जाये। कॉलेज में होने वाली नियुक्तियों में कॉलेज में कार्यरत कर्मियों के आश्रितों को प्राथमिकता दी जाए। आंतरिक परीक्षा (इंटरनल एग्जाम) की उत्तरपुस्तिका की छपाई कॉलेज प्रबंधन स्वयं करवाएं। बार-बार कॉलेज प्रबंधन से आग्रह करने के बावजूद वे अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे है। कॉलेज की उन्नति के लिए सभी कर्मियों की भागीदारी सामान है। किसी भी स्थिति में कॉलेज में व्यक्ति विशेष की मनमानी नहीं चलने दी जाएगी। अगर समय रहते हमारी मांगों को पूरा नहीं किया गया तो 6 फरवरी को हमलोग कॉलेज में तालाबंदी कर धरना-प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे। बैठक में शिक्षक संघ के सचिव प्रो. रामेश्वर शुक्ला, शिक्षकेत्तर कर्मचारी संघ के अध्यक्ष सुधाकर मंडल, डॉ. संजय सिंह, प्रो. आर कुमार, उत्तम मंडल आदि मौजूद थे।

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