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मार्च से ही विकराल हो जाती है समस्या

साल की शुरुआत से ही गर्मी में पानी के लिए सरकार प्रस्ताव लाना शुरू कर देती है, पर भीषण गर्मी में भी सरकार से ग्रामीण...

Danik Bhaskar | Apr 01, 2018, 03:15 AM IST
साल की शुरुआत से ही गर्मी में पानी के लिए सरकार प्रस्ताव लाना शुरू कर देती है, पर भीषण गर्मी में भी सरकार से ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को कोई विशेष लाभ नहीं पहुंच पाता है। कुछ लोगों के पास ही बोरिंग की सुविधा है, भूमिगत जल का स्तर घटने से वे भी परेशान रहते हैं।

एक दिन बीच करके हो रही जलापूिर्त

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हैंडपंप के भरोसे हैं पलामू जिले के लोग। गर्मी में पानी के लिए करने पड़ती है मशक्कत।

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गांवों में है पानी की सबसे ज्यादा किल्लत। पानी के लिए लोगों इधर-उधर भटकना पड़ता है।

सभी गांवों में कुछ न कुछ है समस्याएं

पलामू जिले का शायद ही ऐसा कोई गांव है जिसमें पानी पीने के लिए लोगों को पर्याप्त मात्र में उपलब्ध हो। सभी गांवों में परेशानी है।

50% शहरी आबादी भी हर साल होती है पानी के लिए परेशान

30% शहरी लोगों को ही मिली हुई है बोरिंग के पानी की सुविधा।

इनफोग्राफिक्स

पर्याप्त नहीं प्रयास

20% आबादी हर गांव की हर साल झेलती है पानी परेशानी।

50 लाख रुपए सरकार की ओर से आता है पानी का बजट।

1 पलामू जिले में पेयजल के लिए मात्र एक डैम की है व्यवस्था।