पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

इससे पहले...2009 में स्वाइन फ्लू बना था महामारी

एक वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक

चीन के हुबेई प्रांत की राजधानी वुहान से फैले कोरोना वायरस या कोविड-19 से पीड़ितों की संख्या हर दिन बढ़ रही है। अब तक 119 देशों में इस वायरस से संक्रमित लोग पाए जा चुके हैं। इस बीमारी के पहली बार सार्वजनिक होने के बाद विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्लूएचओ) को इसे महामारी घोषित करने में 72 दिन का समय लगा। हालांकि, इस अवधि में इस बीमारी की चपेट में आने वाले 13 गुना हो गए और प्रभावित देशों की संख्या तीन गुना हो गई। अकेले चीन मंे इस बीमारी से करीब चार हजार लोगों की मौत हो गई है। चीन के बाहर सर्वाधिक लोगों की मौत इटली में हुई है। वहां पर शुक्रवार को 250 लोगों की मौत के बाद यह आंकड़ा 1266 हो गया है। इससे पहले 2009 में स्वाइन फ्लू को डब्लूएचओ ने महामारी घोषित किया था। भारत में 83 लोगों के इस वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हो चुकी है। दो लोगों की मौत भी इससे हुई है। पूरे देश में आइसोलेशन वार्ड बनाकर इससे निपटने की तैयारी की गई है। 12 राज्यों में स्कूल व कॉलेजों को भी बंद कर दिया गया है। लोगों को अधिक भीड़ वाली जगहों से दूर रहने की सलाह दी गई है। कई शहरों में सिनेमाहॉल भी बंद कर दिए गए हैं।

इटली में एक ही दिन में 250 मौतों के बाद डब्लूएचओ ने यूरोप को कोविड-19 वायरस का मूल केंद्र घोषित कर दिया है। इस महामारी के दुनिया भर में बेलगाम होने का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि ब्राजील के राष्ट्रपति बोल्सोनारो से लेकर ब्रिटेन की स्वास्थ्य मंत्री नदीन डॉरिस, ऑस्ट्रेलिया के गृहमंत्री पीटर डटन और हॉलीवुड अभिनेता टॉम हैंक्स व उनकी प|ी रीटा तक इसकी चपेट में हैं। दुनिया भर में आयोजित किए जा रहे लगभग सभी बड़े आयोजन या तो टाले जा रहे हैं या फिर उन्हें निरस्त किया जा रहा है। संयुक्त राष्ट्र अमेरिका ने इससे निपटने के लिए देश में आपातकाल घोषित कर दिया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार अब तक 119 देशों में कोरोना वायरस के पुष्ट केस मिल चुके हैं। इससे सर्वाधिक प्रभावित दुनिया के 10 देशों में 6 यूरोप के और दो देश एशिया के हैं।

खबरें और भी हैं...