महिलाओं को सशक्त बनाना एक बड़ी जिम्मेदारी ः इंदु भगत
डालसा द्वारा अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर चैनपुर प्रखंड के ओडनार पंचायत भवन में विधिक जागरुकता शिविर का आयोजन किया गया। इसमें नई दिशाएं संस्था के अध्यक्ष इंदु भगत ने कहा कि महिलाओं को सशक्त बनाना एक बड़ी जिम्मेदारी है। महिलाएं आज हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना रही हैं और खुद ही अपना मुकाम तय कर रही हैं। उन्होंने कहा कि महिला अब भोग व संतान उत्पत्ति का जरिया नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माता है। उन्होंने कहा कि नारी अपनी शक्ति को पहचानने लगी है। वह अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हुई है। वर्तमान स्थिति में नारी ने जो साहस का परिचय दिया है वह आश्चर्यजनक है। उन्होंने कहा कि भारत में महिलाओं का स्वर्णिम इतिहास रहा है। देवी अहिल्याबाई, मदर टेरेसा, इला भट्ट, महादेवी वर्मा, कस्तूरबा गांधी जैसी कई महिलाएं देश का नाम अपने कर्म के बदौलत की हैं। उन्होंने कहा कि महिलाएं का जिंदगी आसान नहीं होती। वह अपने पिता की छत्रछाया और फिर पति के आदेश अनुसार गृहस्थी संभालती है। वर्तमान में नारी को हर जगह अपमान होता चला जा रहा है। उसे भोग की वस्तु समझकर आदमी अपने तरीके से इस्तेमाल कर रहा है। यह एक बेहद चिंताजनक बात है। उन्होंने कहा कि है निर्भया कांड हो या किसी महिलाओं के साथ अत्याचार, दुष्कर्म का मामला हो यह घोर निंदनीय है। उन्होंने कहा कि महिलाएं अधिकार के प्रति सजग हो।
अधिकार का हनन न होने दें
अगर कोई महिला के साथ अत्याचार, अनाचार, दुराचार किया जाता है तो वह चुप नहीं बैठे, बल्कि इसका प्रतिकार करें। ताकि आने वाले समाज में ऐसे अपराधों की संख्या कम की जा सके। उन्होंने कहा कि स्वयंसेवी संस्था, पुलिस प्रशासन, मानवाधिकार संगठन, महिला आयोग, जिला विधिक सेवा प्राधिकार ऐसे मामले में मदद के लिए हमेशा खड़ा है। जरूरत है आप संपर्क करें और अधिकार का हनन हो तो इसका विरोध करें। पीएलवी भागीरथी दुबे ने महिलाओं के बारे में वर्णित कानून के प्रावधान के बारे में विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि महिलाओं के हित में कई कानून बनाए गए हैं। मौके पर डॉ राहुल रंजन, डॉ धीरज, मुखिया रामजी राम, विजय तिवारी, अनुराधा कुमारी, अखिलेश्वर महतो, चंदा देवी, इन्दु देवी, आशा देवी, सविता देवी, अंजना देवी, माया देवी, गीता देवी, प्रतिमा तिवारी, कालो देवी आदि मौजूद थे ।
कार्यक्रम में मंचासीन मुख्य अतिथि व अन्य।