महिला किसानों को मिला धान की खेती का प्रशिक्षण

Palamu News - किसान सुरक्षित भविष्य एवं आत्मनिर्भर बनने के लिए परंपरागत बीज को अपनाएं, जिससे आप टिकाऊ खेती कर सकते है। उक्त...

Bhaskar News Network

Jun 14, 2019, 07:25 AM IST
Medininagar News - farmers get training for paddy cultivation
किसान सुरक्षित भविष्य एवं आत्मनिर्भर बनने के लिए परंपरागत बीज को अपनाएं, जिससे आप टिकाऊ खेती कर सकते है। उक्त बातें एनआरएलएम के राज्य स्तरीय प्रशिक्षण के दौरान स्टेट प्रशिक्षक सत्यानंद शुक्ला ने कही। वे सतबरवा प्रखंड अंतर्गत ग्राम मुरमा में महिला किसान को श्री विधि तकनीक से धान की खेती के बारे में प्रशिक्षण दे रहे थे। शुक्ला ने कहा कि हम विलुप्त हो रहे अपने परंपरागत बीज को श्री विधि तकनीक अपनाकर हाइब्रिड से भी ज्यादा उपज प्राप्त कर सकते हैं।

उन्होंने परंपरागत बीच पर प्रकाश डालते हुए बताया कि हमारा परंपरागत बीज का उपज खाने में स्वादिष्ट के साथ ही साथ भरपूर पोषक तत्व युक्त होता है साथ में इसमें कई बीमारी से लड़ने का क्षमता भी मौजूद होता है यह बीज मौसम के विपरीत परिस्थिति में भी उत्पादन दे सकते हैं और यह बीज बाजार के हाइब्रिड बीज की तुलना में कम कीमत में मिलता है कथा इस बीज का उपयोग हम अगली बार भी कर पाते हैं जिससे बीज के मामले में हम आत्मनिर्भर रहते हैं। परंतु दुर्भाग्य की बात है कि हम अपने पूर्वजों की बात को अनदेखी करते हुए हाइब्रिड बीज ज्यादा पैदावार लेने के चक्कर में हम अपने परंपरागत बीज को भूलते जा रहे हैं एवं यह विलुप्त के कगार पर पहुंच गए हैं, जबकि हाइब्रिड बीज प्रति वर्ष नया बीज का उपयोग करना पड़ता है जिससे हमारे खेती पर वह भी बढ़ रहा है तथा यह मौसम के विपरीत परिस्थिति में उत्पादन देने में सक्षम नहीं है जिस से लगातार किसानों को नुकसान हो रहा है ।

उन्होंने बताया स्वयंसेवी संस्था के द्वारा परंपरागत बीज को बचाने एवं किसानों पर उपलब्ध कराने के लिए एक मुहिम के तौर पर कार्य किया जा रहा है, जिसके अंतर्गत किसानों को चैनगोड़ा, बाकर कलमदानी, जीराफूल,बरहासाढ़ आदि बीजों को किसानों के बीच में उपलब्ध कराया जा रहा है। मौके पर उपस्थित कॉर्डिनेटर परमेश्वर महतो, बाबूलाल प्रसाद, मंजू देवी, बुधनी देवी, मीना देवी कलावती देवी उपस्थित थीं।

मेदिनीनगर में प्रशिक्षण में शामिल महिलाएं।

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