लोक अदालत सुलभ न्याय का एक विकल्प : पीडीजे

Palamu News - लोक अदालत सुलभ न्याय पाने का एक मात्र विकल्प है। सुलभ व त्वरित न्याय पाने के लिए लोक अदालत का रास्ता चुने व सुलभ...

Bhaskar News Network

Jul 14, 2019, 07:30 AM IST
Medininagar News - lok adalat an option of accessible justice pdj
लोक अदालत सुलभ न्याय पाने का एक मात्र विकल्प है। सुलभ व त्वरित न्याय पाने के लिए लोक अदालत का रास्ता चुने व सुलभ न्याय पाए। उक्त बातें कुटुम्ब न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश बंशीधर तिवारी ने कही। वे शनिवार को व्यवहार न्यायालय परिसर में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत के उद्घाटन समारोह में बोल रहे थे। इसके पूर्व उन्होंने लोक अदालत का उद्घाटन दीप प्रज्वलित कर किया। उन्होंने कहा कि लोक अदालत का महत्व को लोग समझने लगे हैं, यही वजह है कि सुलभ न्याय पाने के लिए लोग लोक अदालत का सहारा ले रहे हैं।

प्राधिकार के सचिव प्रफुल्ल कुमार ने भी लोक अदालत की महत्ता पर चर्चा की और लोगों को अधिक से अधिक मामले निस्तारण कराने की सलाह दी। लोक अदालत में मामले का निस्तारण किया गया। पुलिस अधीक्षक अजय लिंडा ने कहा कि त्वरित न्याय, सरल न्याय व सुलभ न्याय के लिए लोक अदालत बेहतर प्लेटफॉर्म है। लोक अदालत में संविधान का मूल भावना के अनुरूप काम होता है। लोक अदालत में मामले निस्तारण में सभी का योगदान होना जरूरी है, ताकि बहुत सारे मामले का निस्तारण लोक अदालत के माध्यम से किया जा सके। मामले निस्तारण को ले 10 पीठों का गठन किया गया था।

प्रथम पीठ में पारिवारिक व बच्चों से संबंधित मामले, दूसरा पीठ का गठन एमएसीटी व विद्युत विभाग के मामले, तीसरा पीठ का गठन सिविल वादों के निस्तारण, चौथा पीठ का गठन अपराधियों बादों के निस्तारण, पांचवां पीठ का गठन बन विभाग के मामले, छठा पीठ का गठन रेलवे से संबंधित मामले, सातवां पीठ का गठन प्रीलिटिगेशन से संबंधित मामले, आठवां पीठ का गठन एक्सक्यूटिव व रेवेन्यू से संबंधित मामले, नौवां पीठ हुसैनाबाद में एक्सक्यूटिव व रेवेन्यू से संबंधित मामले और 10 वे पीठ का गठन छतरपुर अनुमंडल के एक्सक्यूटिव व रेवेन्यू के निस्तारण के लिए बनाया गया था। पीठ संख्या एक में एक पारिवारिक विवाद का निपटारा, पीठ दो में विद्युत विभाग के चार और एमए सिटी के दो मामला, पाठ संख्या तीन में सिविल के एक बाद का निपटारा, पीठ संख्या चार में 45 आपराधिक मामले, पीठ संख्या पांच में वन विभाग के 11 मामले, पीठ संख्या छह में रेलवे के 17 मामले, पीठ संख्या सात में प्री लिटिगेशन के 259 मामले, पीठ संख्या आठ में सदर अनुमंडल कोर्ट के 108 मामले, पीठ संख्या नव में हुसैनाबाद अनुमंडल कोर्ट के 87 मामले और पीठ संख्या 10 में छतरपुर अनुमंडल कोर्ट के 41 मामले निपटारा किया गया।

इस अवसर पर डीजे डीके पाठक, आनंद प्रकाश, पंकज कुमार, संजय कुमार चौधरी, आसिफ इकबाल, अशोक कुमार, विक्रांत रंजन, रोहित कुमार, राजेंद्र प्रसाद, दीपक कुमार, अमित गुप्ता, मनोज कुमार, अधिवक्ता महेंद्र तिवारी, राजेश्वर पांडेय, बीना मिश्रा, संतोष कुमार पांडेय, दिनेश चन्द पांडेय, मणिशंकर चतुर्वेदी, संजय कुमार सिन्हा, सतीश कुमार समेत अधिवक्ता व अन्य लोग उपस्थित थे।

हुसैनाबाद में 87 मामलों का हुआ निष्पादन

हुसैनाबाद | अनुमंडल न्यायालय में शनिवार को लोक अदालत का आयोजन कर 87 मामलों का निष्पादन अनुमंडल न्यायधीश कुंदन कुमार व वरिष्ठ अधिवक्ता रामचंद्र प्रसाद सिंह की उपस्थिति में की गई। लोक अदालत के माध्यम से 87 मामलों का निष्पादन कर उचित न्याय दिया गया। जिसमें कई गरीब लोगों को न्याय देकर उनका निष्पादन किया गया। उन्होंने कहा कि लोक अदालत के माध्यम से जबसे गरीबों को न्याय दिलाने के लिये अनुमंडल प्रखंड सहित गांव तक एक अभियान चलाकर न्याय दी जा रही है। तब तक क्षेत्र के गरीब काफी लाभांवित हैं। उन्होंने कहा कि लोक अदालत वैकल्पिक विवाद निपटाने का भी सशक्त माध्यम है।

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