पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

नियम को ताक पर रखकर चल रहे हैं कई ईंट भट्ठे

एक वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक

“न लाइंसेस न पट्टा, जहां मर्जी वहीं लगा दिया ईंट भट्ठा।” जी हां यह मामला हेरहंज प्रखण्ड का है। यहां पर अवैध रूप से ईंट का कारोबार कर रहे कारोबारी प्रखण्ड के पदाधिकारी और खनन विभाग की मिलीभगत से कहीं भी बेखौफ होकर अवैध ईंट का भट्ठा लगाकर सरकारी राजस्व को भारी नुकसान दे रहे हैं। साथ ही, ईंट भट्ठे के संचालन से कोयले से उड़नेवाला धुआं आसपास का पर्यावरण प्रदूषित कर रहा है। ईंट भट्ठा संचालकों द्वारा कहीं वनभूमि तो नदी के किनारे ईंट भट्ठा का संचालन किया जा रहा है। थाना क्षेत्र में अवैध ईंट भट्ठा का संचालन हो रहा है। ऐसा नहीं हैं कि इसकी जानकारी खनन विभाग एवं राजस्व विभाग को नहीं है, परन्तु इन सब की साठगांठ से यह व्यवसाय फलित हो रहा है। ईंट भट्ठा संचालकों को खनिज विभाग से ईंट बनाने के लिए अनुमति लेनी पड़ती है। साथ ही पर्यावरण विभाग की भी अनुमति लेनी पड़ती है, लेकिन क्षेत्र में संचालित ईंट भट्ठा में शासकीय नियमों के पालन की अनदेखी कर बड़ी मात्रा में ईंटों का निर्माण कर बेचने का कार्य जोरों पर है। नदी किनारे मिट्टी को काटकर नदी को क्षति पहुंचाई जा रही है। बंगला ईंट कारोबारी नाम नहीं छापने की शर्त पर बताते हैं कि हमलोग ऐसे नहीं करते, सब जगह पर मैनेज करने के बाद ही काम कर रहे हैं। इधर, जिम्मेवार अधिकारी भी रटारटाया जवाब देकर निकल जाते हैं।

खबरें और भी हैं...