- Hindi News
- National
- Medininagar News March Records Broke In 17 Years For The First Time 76 Mm Rainfall In The District
17 सालाें में मार्च का िरकॉर्ड टूटा पहली बार जिले में 76 िममी बारिश
मौसम ने मार्च माह में बारिश के सारे रिकार्ड ध्वस्त कर दिए हैं। रेनशैडो में शामिल पलामू जिला में पिछले 17 सालाें में एेसा पहली बार हुआ है जब मार्च माह में 85सेमी से ज्यादा बारिश हुई। मार्च के शुरू के 14 दिन में बारिश के आठ दिन हो गए हैं। मार्च में जुलाई-अगस्त माह जैसी बारिश पहली बार देखने को मिल रही है। मार्च के 17 साल के इतिहास में कभी भी सात दिन से अधिक बारिश नहीं हुई है। कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार मार्च माह में 5 मार्च को 6.5 एमएम, 6 मार्च को 6.4 एमएम, 7 मार्च को 23.8 एमएम, 8 मार्च को 1.3 एमएम, 12 मार्च को 1.3 एमएम,13 मार्च को 7.3 एमएम और 14 मार्च को 40.2 एमएम बारिश रिकार्ड की गयी है। गौर करने की बात है कि यह आंकड़ा जिला का औसत आंकड़ा है। अगर शहर व आसपास के इलाकों में 14 मार्च की बारिश को देखें तो 76 एमएम बारिश हुई है, जो एक रिकार्ड है। क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र, चियांकी के वैज्ञानिक प्रमोद कुमार का कहना है कि मार्च में इस तरह की झड़ी पिछले 17 साल में नहीं लगी। उन्होंने कहा कि बारिश से चना, मसूर, तीसी, गरमा मूंग की फसल बर्बाद हो गई है। अरहर की फसल में लगे फूल झड़ गए हैं। सब्जी में कद्दूवर्गीय सब्जी, प्याजवर्गीय सब्जी की खेती प्रभावित हुई है। बारिश से आम और महुआ और आम के मंजर झड़ गए है।
गेहूं की फसल पर कोई खास प्रभाव नहीं पड़ा है। बारिश खुलने के बाद किसान अपने खेतों में जमा पानी को बाहर निकाल दें और फफूंद नाशक दवा का छिड़काव करें । बारिश का असर शहरी जलापूर्ति पर बारिश से कोयल नदी के जलस्तर में बढ़ोत्तरी हुई जिससे बेलवाटिका पंप हाउस के पास कोयल नदी में काटा गया चैनल बालू से भर गया और नाला के पानी को चैनल में आने से रोकने के लिए बनाया गया बालू का बांध बाढ़ के पानी में बह गया। इससे पंप के फुटबॉल में नाला का पानी आने लगा। इस कारण पंप को बंद कर दिया गया, जिससे शनिवार को पानी का स्टोरेज नहीं किया गया। बताया गया कि कोयल नदी का पानी उतरने पर एक बाद फिर नगर निगम से जेसीबी को मांगा जाएगा और पुनः नदी में चैनल काटा जाएगा।