हेरहंज प्रखंड में सिर्फ बीडीओ सीओ पद ही है सृजित, लोग परेशान

Palamu News - हेरहंज को बालूमाथ प्रखंड से भले ही विभाजित कर अलग प्रखंड का दर्जा दे दिया गया है, परंतु हेरहंज प्रखंड के ग्रामीण दस...

Dec 04, 2019, 09:02 AM IST
हेरहंज को बालूमाथ प्रखंड से भले ही विभाजित कर अलग प्रखंड का दर्जा दे दिया गया है, परंतु हेरहंज प्रखंड के ग्रामीण दस वर्ष बीत जाने के बाद भी कई सरकारी सुविधाओं से वंचित हैं। लोगों को कई सरकारी कार्यों के लिए बालूमाथ ही जाना पड़ता है। पांच अक्टूबर, 2009 को ग्रामीणों की चिर-प्रतीक्षित मांग सूबे के तत्कालीन राज्यपाल के. शंकरनारायणन ने पूरा की, लेकिन प्रखंड अंतर्गत आनेवाले सरकारी विभागों का कार्यालय हेरहंज में संचालित नहीं हुआ।

हेरहंज प्रखंड भवन में प्रखंड विकास पदाधिकारी और अंचल कार्यालय ही संचालित हैं।जबकि, बाल विकास परियोजना, स्वास्थ्य, पशुपालन, शिक्षा, आपूर्ति, पेयजल समेत कई विभाग अभी भी बालूमाथ में ही चलते हैं और इनसे संबंधित कार्य कराने के लिए ग्रामीणों को 21 किमी दूर बालूमाथ जाना पड़ता है। हेरहंज प्रखंड की घोषणा होने के बाद प्रखंड कार्यालय मुख्यालय के उमवि घुर्रे में चलता था। इसके बाद अपना भवन होने के बाद ब्लॉक को वहां शिफ्ट कर दिया गया, जिसमें बीडीओ सह सीओ का ही कार्यालय वर्तमान में है। इधर, प्रखंड प्रमुख राजेश्वरी देवी ने बताया कि यहां जब तक सभी विभागों में पदाधिकारियों की पदस्थापना नहीं होगी, विकास योजनाओं को गति नहीं मिलेगी।

हेरहंज का नवनिर्मित ब्लाॅक भवन।

पंचायत समिति और बीस सूत्री की बैठक में नहीं आते हैं पदाधिकारी

हेरहंज प्रखंड में बाल विकास, आपूर्ति विभाग, पेयजल, स्वास्थ्य, कृषि विभाग समेत कई विभाग के पदाधिकारियों का प्रभार बालूमाथ प्रखंड के पदाधिकारियों पर है, जो सिर्फ बालूमाथ प्रखंड में रहकर कार्य संपादित करते हैं। शायद कभी मौका मिला तो हेरहंज में होनेवाली पंचायत समिति या बीस सूत्री की बैठक में उपस्थित होते हैं। नतीजतन, इन विभागों की समीक्षा भी बैठक में नहीं हो पाती है।

समीक्षा और रिपोर्ट तैयार करने में होती है दिक्कत: बीडीओ

हेरहंज के बीडीओ श्रवण राम ने बताया कि यहां पर प्रखंड सह अंचल कार्यालय एवं सिंगल विंडो ही संचालित है, शेष विभागों की समीक्षा और रिपोर्ट तैयार करने में दिक्कत होती है।

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