विदेश की राजनीति अस्त के बाद अासान नहीं है पांकी की राह, भाजपा-यूपीए में होगा घमासान

Palamu News - पांकी विधानसभा क्षेत्र। अब तक के चार चुनाव में दल कोई रहे, पांकी का चेहरा विदेश सिंह ही होते थे। लगातार चार बार...

Nov 10, 2019, 07:41 AM IST
पांकी विधानसभा क्षेत्र। अब तक के चार चुनाव में दल कोई रहे, पांकी का चेहरा विदेश सिंह ही होते थे। लगातार चार बार विधायक रहे। 2016 में उनके निधन के बाद उपचुनाव में बेटे देवेंद्र कुमार सिंह उर्फ बिट्‌टू सिंह विधायक चुने गए। इस चुनाव में देवेंद्र सिंह फिर मैदान में रहेंगे। पिछले चुनावों में जीत-हार की तस्वीर साफ रहती थी। राजनीति का पहिया विदेश सिंह के इर्द-गिर्द घूमता था। लेकिन अब परिस्थितियां बदल चुकी हैं। इस बार देवेंद्र की राह आसान नहीं है।उनका प्रतिद्वंदी वही होगा, जो पिछले चुनाव उनके पिता के लिए भी चुनौती बनता रहा है। पिछले बार झामुमो के टिकट से चुनाव लड़े कुशवाहा शशिभूषण मेहता भाजपा में शामिल हो गए हैं। वे भाजपा के टिकट प्रबल दावेदार हैं। हालांकि, भाजपा में लाल सूरज भी टिकट के दावेदार हैं। उपचुनाव में लाल सूरज ही बिट्‌टू सिंह के प्रतिद्वंद्वी रहे हैं। 2014 के चुनाव में अमित तिवारी भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़े थे। भाजपा के प्रत्याशी घोषित करने के बाद ही तस्वीर साफ होगी कि चुनावी मुकाबले में कौन रहेगा।

सबसे बड़ा फैक्टर... जातीय धुव्रीकरण

यहां चुनाव में जातीय धुव्रीकरण सबसे बड़ा फैक्टर रहा है। विदेश सिंह की सबसे बड़ी ताकत यही रही है कि वे अगड़ी जातियों के अलावा मुस्लिम और पिछड़ी जातियों को अपने पक्ष में गाेलबंद करने सफल रहे थे। वे जमीन से भी जुड़े रहे और लोगों के साथ खड़ा होकर क्षेत्र में सड़क, पानी, बिजली पहुंचाने का काम किया। इस चुनाव में जो प्रत्याशी वोटों को ध्रुवीकरण अपने पक्ष में करने में सफल रहा, वह मजबूत स्थिति में रहेगा।

सवाल...विकल्प कौन

4 चुनावों का सक्सेस रेट

2016 उपचुनाव : देवेंद्र कुमार सिंह उर्फ बिट्‌टू सिंह, कांग्रेस- 56343, कुशवाहा शशिभूषण मेहता, झामुमो-52785, लाल सूरज, भाजपा-36028

2014 : विदेश सिंह, कांग्रेस - 41175, कुशवाहा शशिभूषण मेहता -निर्दलीय-39180, अमित तिवारी, भाजपा-29058

2009 : विदेश सिंह, निर्दलीय-38458, मधु सिंह, जदयू-18240, कुशवाहा शशिभूषण मेहता, निर्दलीय-11297

2005 : विदेश सिंह, राजद- 43350, विश्वनाथ सिंह-भाकपा माले(एल)- 22928, मधु सिंह, निर्दलीय-16729

सबसे बड़ा चुनावी मुद्दा...न पांकी अनुमंडल बना, न बराज से नहर निकली

1. सिंचाई : पांकी में सिंचाई सबसे बड़ा मुद्दा है। अमानत नदी पर बराज बन गया, मगर इससे निकलने वाली नहर नहीं बन पाई है। बराज से नहर को जोड़ दिया जाए तो हजारों हेक्टेयर भूमि की सिंचाई होगी। अभी यहां के किसानों को मुश्किलों का सामना कर पड़ रहा है।

3. स्वास्थ्य : स्वास्थ्य व्यवस्था बदहाल है। पांकी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र समेत प्रखंड के अस्पतालों में डॉक्टर नहीं रहते। मरीज एएनएम के हवाले हैं। स्थानीय लोगों को इलाज के लिए डालटनगंज जाना पड़ता है।

2. सड़क : क्षेत्र में सड़कें तो बनीं, मगर गुणवतायुक्त नहीं बनने के कारण जल्द ही खराब हो गईं। शहरी क्षेत्र की सड़कें भी बदहाल हैं। पांकी, मनातू, तरहसी, लेस्लीगंज प्रखंड में जहां भी जाएं, सड़कों पर गाड़ियां हिचकोले खाकर रेंगती दिखेंगी।

4. बेरोजगारी : क्षेत्र में बड़े उद्योग-धंधे नहीं हैं। ज्यादातर लोग खेती पर निर्भर है। मानसून के दगा देने पर किसानों को खाने के लाले पड़ जाते हैं। रोजी-रोटी के लिए दूसरे प्रदेशों में जाना पड़ता है।

265916 कुल वोटर

140837 पुरुष

125079 महिला

326 मतदान केन्द्र

वोटरों के बोल

हमें विधायक चाहिए कोई ठेकेदार नहीं...




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