देश की समृद्धि के लिए धार्मिक व सांस्कृतिक समझ जरूरी: कुलश्रेष्ठ

Palamu News - सामाजिक चिंतक पुष्पेंद्र कुलश्रेष्ठ ने कहा कि देश की मजबूती हमारी धार्मिक व सांस्कृतिक समझ में समृद्धि से ही...

Bhaskar News Network

Nov 11, 2019, 07:10 AM IST
Medininagar News - religious and cultural understanding is necessary for the prosperity of the country kulshrestha
सामाजिक चिंतक पुष्पेंद्र कुलश्रेष्ठ ने कहा कि देश की मजबूती हमारी धार्मिक व सांस्कृतिक समझ में समृद्धि से ही संभव है। इसके लिए यह जरूरी है कि हम सब मिलकर एक ऐसे वातावरण का निर्माण करें, जिससे लोगों में अपने जड़ों के प्रति झुकाव हो सके। वे स्वर्गीय राजीव पांडे विचार मंच द्वारा आयोजित व्याख्यानमाला में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि वर्षों के इंतजार के बाद कल जो सुप्रीम कोर्ट ने फैसला दिया है, वह 70 साल के लंबे दुख और इंतजार के बाद संभव हो पाया है। उन्होंने कहा कि इतने वर्षों तक जानबूझकर इस तरह की स्थिति पैदा की गई। देश में एक वैचारिक और धार्मिक अस्थिरता की स्थिति बनाकर हमें कमजोर करने का प्रयास किया गया। राजनीतिक फायदे के लिए हमारे धर्म वह हमारी विचारधाराओं को क्षति पहुंचाया जाता रहा। लेकिन देश का नेतृत्व चुप रहा। परंतु अब समय बदल रहा है। जरूरत इस बात की है कि हम सब मिलकर इस विचारधारा को और प्रबलता प्रदान करें।

कार्यक्रम में पहुंचे पूर्व रॉ अधिकारी आरएसएन सिंह ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में जो कुछ भारत में परिवर्तन महसूस किया जा रहा है, वह सचमुच एक क्रांति की तरह है। लोगों में जो जागरूकता आई है, उसके सामने सरकार की यह मजबूरी बन गई है कि वह लोगों की मनोनुकूल काम करे। आज ऐसी स्थिति उत्पन्न हुई है, वहां आम लोग ही सबसे बड़े पैरोकार बन गए हैं। राम मंदिर के पक्ष में आया फैसला भी हमारे वैचारिक आंदोलन की ही परिणति है। हमने निजी स्वार्थों को भुलाकर अपने दायरे को बढ़ाने का काम किया है।

यही वास्तव में राजधर्म का मूल पाठ है। हर व्यक्ति के लिए राजधर्म ही सबसे बड़ा कर्म है। ऐसी स्थिति में हम अपने मुखिया अर्थात देश के लीडर को राजधर्म के निर्वहन में बढ़-चढ़कर सहयोग करें। क्योंकि राजधर्म का पालन सही तरीके से हो, इसके लिए यह जरूरी है कि हम सब भी उसके लिए कुर्बानी को तैयार रहें। सनातन सोच ही मूल धर्म है, बाकी के मजहबी सोच जिहाद और माओवादियों की विचारधारा है। जो सचमुच आयातित विचारधारा रहे हैं। हम मजहब नहीं धर्म को मानने वाले हैं। उन्होंने कहा कि जब तक राम रहेंगे कोई हमें नुकसान नहीं पहुंचा सकता। हमारा धर्म ज्ञान विज्ञान से परिपूर्ण है। कार्यक्रम में मंच के अध्यक्ष आनन्द सिंह, महासचिव रजनीश सिंह, राकेश पांडेय, रिशू अग्रवाल, पदमाकर वर्मा, कमलेश सिंह ,उपाध्यक्ष नवीन तिवारी, विनीत सिंह, मुकेश तिवारी, विशाल सिंह, अरविंद अग्रवाल, बबलू चावला सहित अन्य लोग मौजूद थे।

कार्यक्रम का उदघाटन दीप प्रज्जवलित कर करते अतिथि।

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