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- Balumath News The District Received 48 Mm Of Water In 24 Hours The Maximum Amount Of 105 Mm In Manika Crops Were Ruined
जिले में 24 घंटे में 48 मिमी पानी बरसा, सबसे ज्यादा मनिका में 105 मिमी, फसलें हुईं बर्बाद
बालूमाथ प्रखंड मुख्यालय समेत शेरेगड़ा, बालू, मासियातू व मुरपा समेत सभी पंचायतों में मूसलाधार बारिश होने के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। शुक्रवार की रात्रि लगभग एक बजे से शनिवार को दोपहर दो बजे तक लगातार बारिश एवं ओलावृष्टि होने से भारी नुकसान हुआ है। कई किसानों ने बताया कि रबी फसल सरसों व अरहर को भारी नुकसान हुआ है, वहीं मूसलाधार बारिश होने से ईंट व्यवसायियों को काफी नुकसान हुआ है। ईंट व्यवसायियों ने बताया कि इस वर्ष बीच-बीच में बारिश होने के कारण हमलोगों का अधिकांश ईंट बर्बाद हो गया है, जिसका असर प्रधानमंत्री आवास पर पड़ने की संभावना है। भारी बारिश होने के कारण बालूमाथ के दून सेंट्रल एकेडमी विद्यालय में होनेवाली परीक्षा रद्द कर दी गई है, वहीं ज्ञानदीप पब्लिक स्कूल, बीएस मेमोरियल समेत सभी निजी विद्यालय को बंद कर दिया गया है। दून स्कूल के संचालक रघुलाल ने बताया कि बच्चों की होनेवाले आज की परीक्षा की तिथि को बढ़ाकर 18 मार्च कर दी गई है। इधर, भारी बारिश होने के कारण शुक्रवार की रात्रि से ही बिजली गायब है।
बारिश से सरकारी दफ्तरों में पसरा रहा सन्नाटा
महुआडांड़ | प्रखंड में पिछले तीन-चार दिनों से हो रही बारिश ने लोगों का घर से बाहर निकलना मुहाल कर दिया है। कभी रुक-रुककर तो कभी तेज बारिश होने से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। शुक्रवार की रात एवं शनिवार की सुबह से ही लगातार तेज बारिश होने से जनजीवन पर काफी असर पड़ा है। लोग घरों से नहीं निकल रहे हैं। प्रखंड कार्यालय, बैंक, प्रज्ञा केंद्रों में अन्य दिनों की अपेक्षा कम भीड़भाड़ दिखाई दे रही है। वहीं, बाजार में दुकानें तो खुली हैं, लेकिन दुकान में ग्राहक दिखाई नहीं दे रहे हैं। रास्तों में सन्नाटा पसरा हुआ है। स्कूलों और कॉलेज में भी अन्य दिनों की अपेक्षा छात्र-छात्राओं की उपस्थिति कम देखने को मिली। मार्च महीने में इस तरह से बारिश होना किसानों के हित में नहीं है। महुआडांड़ के किसान केश्वर प्रसाद, ज्योति अनीता लकड़ा (हामी), आनंद साय, बुधना किसान, फूलो देवी (चम्पा), सुषमा तिर्की, शांति कुजूर, क्लेमेंसिया टोप्पो (कुरूंद) आदि गांवों के किसानों ने गेहूं, अरहर, टमाटर, चना, आलू आदि फसलों को लेकर डरे हुए हैं। इन लोगों का कहना है कि इस तरह बेमौसम बारिश होने से एवं कभी-कभी बर्फ गिरने से हम बर्बाद हो रहें हैं। हमारी लगी हुई फसल खराब हो रही है।
बारिश से एक घंटे आवागमन बाधित, नदी में गिरा हाइवा, चालक और उपचालक बचे
भास्कर न्यूज | बारियातू
बारियातू प्रखंड में लगातार बारिश व ओलावृष्टि से कई घरों के एल्वेस्टर व खपड़े टूट गए। वहीं चना, गेंहू, अरहर, मटर, टमाटर व आम की खेती को काफी नुकसान हुआ है। प्राप्त जानकारी के अनुसार शुक्रवार की रात से हो रही मूसलाधार बारिश से बारियातू पंचायत के बरछिया बठेठ निवासी सुरेश लोहार का खपरैल घर गिर गया। साथ ही, मोहन मिस्त्री, छठु यादव, निर्मल यादव, अमृत यादव, राजदेव यादव, कमलदेव यादव, मो. रियासत, मो. अनवर, राजेश प्रजापति, जगदीश प्रजापति, संघर यादव, मो. मुमताज, मो. हनीफ व सुरेंद्र के घर का एल्वेस्टर व खपड़ा टूट गया है। वहीं, गोनिया पंचायत के छाताबर के फूलचंद गंझू, परमेश्वर गंझू, रामा गंझू, संजय कुमार, छठु गंझू, नागेश्वर उरांव, विकास कुमार, बाबूलाल उरांव, गड़गोमा के राजकिशोर राणा, अमृत गंझू, भोला यादव, मुकेश गंझू, मुंशी राणा, करीमन गंझू सहित दर्जनों किसानों का चना, गेंहू, अरहर व आम की खेती ओलावृष्टि के कारण पूरी तरह बर्बाद हो गई। फुलसू पंचायत के करमा गांव में भी ओलावृष्टि व बारिश के कारण संजीत सिंह, बीरेंद्र केशरी, सुरेश साव, रामकिशुन गंझू, ईश्वर गंझू, गणेश गंझू, राजो मसोमात, मुनिया मसोमात, पूनम देवी, कमलाकांत पाठक, मुकेश भुइयां, संतन सिंह, बिजय तुरी, अजय तुरी, राजेश तुरी सहित अन्य लोगों के घर का एल्वेस्टर व खपड़ा टूट गया है। वहीं, सरसों, गेंहू व चना की खेती को क्षति हुई है। इधर, एनएच 99 पर गोनिया में डायवर्सन के ऊपर से पानी बहने के कारण शनिवार की सुबह सात बजे से एक घंटे के लिये आवागमन बंद हो गया।
मचान से दबकर एक पशुधन की मौत, 3 घायल
हेरहंज|बारिश के कारण हेरहंज प्रखंड मुख्यालय समेत आसपास ग्रामीण इलाकों में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। वहीं, शनिवार की दोपहर तक बारिश के कारण मुख्यालय की दुकानों में सन्नाटा छाया रहा। तेज बारिश के कारण प्रखंड के हेरहंज पंचायत के हुर गांव निवासी रामखेलावन गंझू के पशुधन को नुकसान हुआ है। पीड़ित पशु मालिक ने बताया कि प्रतिदिन की तरह शुक्रवार को भी पुआल के मचान के नीचे जानवरों को बांध दिया था। रात में आई तेज बारिश के कारण सुबह में मचान गिर गया, जिसमें दबकर एक पशुधन की मौत हो गई और तीन को काफी चोट आई है। उसे आननफानन में ग्रामीणों की मदद से बाहर निकाला गया। इधर, पशु की मौत से पशु मालिक को आर्थिक नुकसान हुआ है। पशु मालिक ने जिला प्रशासन से उचित मुआवजे की मांग की है।
ईंटें बर्बाद, आवास योजना पर होगा असर
भास्कर न्यूज | लातेहार
तीन दिनों से लगातार हो रही बेमौसम बारिश व ओलावृष्टि होने से किसानों की कमर टूट गई है। लगातार हो रही बारिश से जनजीवन भी अस्त-व्यस्त हो गया है। बारिश से तापमान में भी गिरावट आई है। जिले में 24 घंटे के भीतर 48 मिलीमीटर बारिश हुई है। जिले के मनिका प्रखंड में सबसे ज्यादा बारिश हुई है। यहां 105 मिलीमीटर तथा लातेहार में 67.8 मिलीमीटर बारिश हुई है। बारिश से किसानों द्वारा खेतों में लगाए गए आलू, गोभी, अरहर, मटर, टमाटर आदि फसलों को काफी नुकसान हुआ है। लातेहार के किसान बाबूलाल सिंह ने कहा कि इस बेमौसम बारिश ने हमारी उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। खेती ही एक सहारा था, जिससे घर परिवार चलाता हूं। अपने खेत में 20 हजार रुपए से मटर, गोभी, टमाटर व आलू की फसलें लगायी थी, लेकिन इस बारिश व ओलावृष्टि से फसलें मारी गई हैं। ऐसा हाल जिले के सभी प्रखंड के किसानों के साथ हुआ है। शुक्रवार को दिन-रात और शनिवार के दिन में लगातार बारिश होने से पूरा खेत जलमग्न हो गया है। बारिश होने से औरंगा समेत अन्य नदियां भी उफान पर है। तालाब, कुआं का जलस्तर बढ़ गया है।
पिछले दस दिनों से मौसम की बेरुखी ने आमजनों की दिनचर्या को बदलकर रख दिया है, लोग परेशान हैं। शुक्रवार की देर रात से शुरू हुई मूसलाधार बारिश ने शनिवार की सुबह आम जनों को घरों में कैद कर दिया। पूरे दिन जोरदार बारिश से सड़कों पर सन्नाटा छाया रहा। कई स्कूल एवं कोचिंग सेंटर बारिश के कारण बंद कर दिए गए। सरकारी स्कूल खुले, परंतु विद्यार्थी की संख्या नगण्य थी। इंदिरा गांधी चौक व सुभाषचंद्र बोस चौक पर यात्रियों का आवागमन कम दिखा। मौसम में परिवर्तन के साथ तापमान में भी भारी गिरावट आई है। शहर के कई नाली के जाम रहने के कारण नाली का पानी सड़क पर बह रहा था। ग्रामीण क्षेत्रों से भी बारिश से नुकसान की खबरें आ रही हैं। बहरहाल, पूरे दिन बारिश का कहर रहा। शाम में भी लोग जल्द ही घरों में दुबक गए। मूसलाधार बारिश व हवा के कारण शहर व ग्रामीण क्षेत्रों की बिजली काट दी गई। कर्मियों का कहना है कि जब तक मौसम सामान्य नहीं होगा, तब तक बिजली आपूर्ति प्रभावित रहेगी। जनमानस के साथ-साथ पशुधन भी इस बारिश से परेशान हो रहे हैं। वर्षा से रबी फसल के साथ टमाटर, आम, महुआ को भी नुकसान हुुआ है। गेहूं, चना, अरहर, मसूर समेत अन्य फसलें खेत में ही चौपट हो रही हैं।
लगातार बरसात होने से खेतों में भरा पानी
बारिश के दौरान छाता लेकर घर जाते बच्चे।
नदी में गिरा हाइवा।
बारियातू में बारिश और ओलावृष्टि से क्षतिग्रस्त घर।
मूसलाधार बारिश से बालूमाथ के खेत में जमा पानी।
मूसलाधार बारिश से लातेहार में जलमग्न खेत।