--Advertisement--

प्रकृति की आराधना का पर्व है सरहुल

Dainik Bhaskar

Mar 23, 2018, 02:45 AM IST

Patratu News - केंद्रीय मिलन सरहुल पूजा समिति ने गुरूवार को केंद्रीय सरहुल पूजा महोत्सव सह मिलन समारोह का आयोजन किया। समारोह मे...

प्रकृति की आराधना का पर्व है सरहुल
केंद्रीय मिलन सरहुल पूजा समिति ने गुरूवार को केंद्रीय सरहुल पूजा महोत्सव सह मिलन समारोह का आयोजन किया। समारोह मे कोयलांचल के विभिन्न सरहुल पूजा समिति गाजे-बाजे के साथ भव्य जुलूस के साथ सरना स्थल पहुंचे। जहां दर्जनों गांव के अलग-अलग टोलियों ने पारंपरिक वेश-भूषा और मांदर की थाप पर थिरकते नजर आएं। रीवर साईड स्थित सरना स्थल में दर्जनों गांव के जुलूस का मिलान हुआ। जहां से जुलूस गाजे-बाजे के साथ क्रमवार नाचते-गाते बिरसा चैक, सयाल मोड़, पटेल नगर, पेट्रोल टंकी, भुरकुंडा बिरसा चैक, जनता टाॅकीज, बाजार, थाना चैक होते न्यू बैरक सरना स्थल पहुंचे, जहां जुलूस का विसर्जन हुआ। महोत्सव को संबोधित करते हुए पूर्व मंत्री सह केन्द्रीय संरक्षक आदिवासी सरना महासभा देवकुमार धान ने कहा कि सरहुल प्रकृति की आराधना का पर्व है।रीवर साईड स्थित सरना स्थल में दर्जनों गांव के जुलूस का मिलान हुआ। इसमें सरहुल पूजा समिति दुंदुवा, चपरासी क्वार्टर पटेल नगर, महुआ टोला, न्यू बैरक, तीन नंबर झोपड़ी, रीवर साईड सहित दर्जनों गांव के जुलूस का मिलान हुआ। मिलन समारोह में डीएसपी डाॅ वीरेंद्र कुमार चौधरी, जीएम बरका-सयाल प्रक्षेत्र, भुरकुंडा कोलियरी पीओ जीसी साहा, भुरकुंडा थाना प्रभारी विष्णुदेव चौधरी, पतरातू वन प्रमंडल के रेंजर राजेश कुमार, रामेश्वर मुंडा, पूर्व जिप उपाध्यक्ष मनोज राम आदि शामिल थे

केंद्रीय सरहुल पूजा समिति भुरकुंडा ने आयोजित किया मिलन समारोह, बाेले डीके धान

X
प्रकृति की आराधना का पर्व है सरहुल
Astrology

Recommended

Click to listen..