पतरातू

--Advertisement--

कोयला ढुलाई के लिए बनी है यह रेल लाइन

भुरकुंडा में सालों से रेल की पटरी पर साप्ताहिक बाजार लगता है। यह रामगढ़ जिले का सबसे बड़ा बाजार माना जाता है और...

Danik Bhaskar

Mar 19, 2018, 03:40 AM IST
भुरकुंडा में सालों से रेल की पटरी पर साप्ताहिक बाजार लगता है। यह रामगढ़ जिले का सबसे बड़ा बाजार माना जाता है और पतरातू प्रखंड की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। यहां जान जोखिम में डालकर सैकड़ों लोग सामान खरीदने और बेचने आते हैं। िदन भर आराम से बाजार सजता है, जब ट्रेन आती है तो लोग अपना सामान लेकर इधर-उधर भागने लगते हैं। हालांकि ऐसी नौबत महीने में पांच-छह दिन ही आती है क्योंकि इस रूट पर मालगाड़ियां चलती हैं जो रोज नहीं आतीं। भुरकुंडा के सीसीएल रेलवे साइडिंग से कोयले का रैक िमलने पर ही इस रूट से मालगाड़ी का परिचालन होता है। यह बात यहां दुकान लगाने वाले दुकानदार भी जानते हैं, इसलिए उन्हें इस बात का भय नहीं होता कि अचानक ट्रेन के आ जाने से कोई दुर्घटना घट सकती है। नियमानुसार सीसीएल के सुरक्षाकर्मियों को पेट्रोिलंग करके रेलवे रूट को क्लियर कराना चािहए पर ऐसा होता नहीं है। उल्लेखनीय है कि भुरकुंडा में व्यवस्थित सब्जी मंडी बनी हुई है परंतु दुकानदार वहां अपनी दुकानें न लगाकर यहां पटरियों पर ही दुकान लगाते हैं। ऐसा करीब 35-40 वर्ष से चला आ रहा है।

भुरकुंडा में पटरियों पर लगता है बाजार, ट्रेन आते ही मचती है भगदड़

सुदूर देहात के 40 गांवों के लोग अपनी जरूरत का सामान खरीदने आते हैं यहां

भुरकुंडा के इस रेल पटरी पर लगने वाले साप्तािहक रविवार बाजार में सुदूर देहात से ग्रामीण अपनी जरूरत का सामान खरीदने और बेचने पहुंचते हैं। इस बाजार में दैनिक जरूरत का हर सामान जैसे चौकी, बर्तन, घरेलू औजार आिद की िबक्री होती है। जानकारों के अनुसार यहां करीब 40 गांवों के ग्रामीण खरीदारी करने आते हैं। इसके अलावा लगभग 20 गांवों के ग्रामीण अपने खेतों में लगी सब्जियों को बेचने आते हैं। खलारी, पिपरवार, राय, बचरा आिद जगहों के किसान ट्रेन से अपनी सब्जियां और अनाज यहां लाकर बेचते हैं। इस बाजार की लोकप्रियता इतनी है कि भुरकुंडा के व्यवस्थित सब्जी मार्केट को छोड़कर लोग यही आना पसंद करते हैं।

Click to listen..