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वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में िबना क्लोरिन और ब्लीचिंग डाले हो रही आपूर्ति

कैंटोनमेंट बोर्ड रामगढ़ के गढ़ बांध वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में एक सप्ताह से क्लोरिन व ब्लीचिंग पाउडर नहीं है। एलम व...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 20, 2018, 03:05 AM IST

कैंटोनमेंट बोर्ड रामगढ़ के गढ़ बांध वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में एक सप्ताह से क्लोरिन व ब्लीचिंग पाउडर नहीं है। एलम व चूना से ही नदी के पानी को फिल्टर कर जलापूर्ति की जा रही है। वहीं, गर्मी आते ही मोटर पंप के खराब होने की समस्या उत्पन्न हो गई है। कई इलाकों में जलापूर्ति नहीं हो रही है। ये सारी बातें वार्ड संख्या पांच के वार्ड सदस्य संजीत सिंह के गुरुवार को वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के निरीक्षण में सामने आई है। बताया गया कि एक लाख गैलन पानी में 400 ग्राम क्लोरिन(अल्टो जीपी) का इस्तेमाल करना है। प्लांट से प्रतिदिन आठ लाख गैलन पानी सप्लाई होती है। सप्ताह भर से क्लोरिन व ब्लीचिंग पानी में नहीं डाला जा रहा है। जबकि, हैजीलेटर सहित कई सिस्टम खराब पड़ा है। सिर्फ चूना व एलम डाल कर ही पानी फिल्टर के मापदंड को पूरा किया जा रहा है। बताया गया कि इस प्लांट का 20 लाख गैलन पानी की क्षमता है। लेकिन, बोर्ड प्लांट को सुचारु ढंग से संचालित नहीं कर रहा है। ऐसे में शहर की जनता पानी के लिए परेशान रहेगी और दूषित पानी पीने को विवश होगी।

कम क्षमता के लगाए गए हैं नए वाटर मोटरपंप : केंद्रीय राज्यमंत्री सह सांसद जयंत सिन्हा की पहल पर डेढ़ करोड़ की लागत से वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में वाटर मोटरपंप दिया गया है। ये सभी पंप कम केवी के लगाए गए है। ये तीन पंप इनटेक(वीटी पंप) हैं। एचडी के तीन पंप कम वाट के हैं। यह पानी को खींचने में कमजोर हाे रहा है। वहीं, पुराने वाटर पंप के बार-बार खराब होने से भी सप्लाई सिस्टम ठप हो जाती है। एेसे में कई दिनों से शहर के कई इलाकों में जलापूर्ति नहीं हो पाई है। लोगों को पेयजल को लेकर परेशानी हो रही है।

वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में बिना क्लोरिन के पानी को फिल्टर को दिखाते वार्ड सदस्य।

पानी फिल्टर में मापदंड की अनदेखी कर हो रही है दूषित जल की आपूर्ति, बीमारी का खतरा बढ़ा : संजीत

वार्ड सदस्य संजीत सिंह ने निरीक्षण के बाद कहा कि पानी फिल्टर में मापदंड की अनदेखी कर दूषित जलापूर्ति की जा रही है। पानी के सैंपल को जांच के लिए भेजेंगे। उन्होंने कहा कि सीईओ जनता के प्रति गंभीर नहीं हैं, वे नेतागिरी कर रहे हैं और बोर्ड को मनमानी तरीके से चला रहे हैं। 18 मार्च को जलापूर्ति से संबंधित सूचना के बाद भी सीईओ ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। गर्मी में प्लांट के सिस्टम को सुधारने की जरूरत है। ताकि, लोगों को नियमित पानी मिल सके।

सिस्टम से हो रहा वाटर फिल्टर : सीईओ

सीईओ सपन कुमार ने पत्रकारों को बताया कि खुद भी वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का निरीक्षण कर जायजा लिए हैं। क्लोरिन व ब्लीचिंग उपलब्ध है। सिस्टम से वाटर फिल्टर कर जलापूर्ति करने के आदेश दिए गए हैं। बिजली की समस्या से वाटर पंप नहीं चलने से पतरातू बस्ती व जारा टोला में तीन दिनों से पानी नहीं गया था। सम्प में स्टोर पानी को टैंकरों के माध्यम से आवश्यकता की पूर्ति की जा रही है। उन्होंने बताया कि सांसद जयंत सिन्हा की पहल से वाटर मोटर पंप उपलब्ध कराया है। इन सभी वाटर पंप का ट्रायल किया गया है। मशीनों के पार्ट्स में अनियमितता सामने आई है। दामोदर नदी से सीधा पाइप है। इससे, बालू व कचरा भी पानी के साथ खींचा जाता है और मशीन व बेरिंग को नुकसान पहुंचाता है। इनटेक वेल की रिपेयरिंग होनी है। बेहतर वाटर सप्लाई को लेकर 50 लाख का प्रस्ताव तैयार किया गया है।

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