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सऊदी अरब में फंसे झारखंड के 41 प्रवासी मजदूरों की वतन वापसी का रास्ता साफ

मजदूरों द्वारा भेजी गई तस्वीर वेतन मांगने पर पिटाई की थी, पासपोर्ट भी ले लिया था गिरिडीह एवं हजारीबाग जिले...

Bhaskar News Network | Last Modified - Aug 04, 2018, 03:51 AM IST

सऊदी अरब में फंसे झारखंड के 41 प्रवासी मजदूरों की वतन वापसी का रास्ता साफ
मजदूरों द्वारा भेजी गई तस्वीर

वेतन मांगने पर पिटाई की थी, पासपोर्ट भी ले लिया था

गिरिडीह एवं हजारीबाग जिले के 41 प्रवासी मजदूर एजेंट के माध्यम से सऊदी अरब के रियाद गए थे, इन मजदूरों को एलएनटी कंपनी में नौकरी देने का सब्जबाग दिखाया गया था। लेकिन शुरूआत में कंपनी ने दो तीन माह तक इन लोगों को वेतन दिया। इसके बाद वेतन बंद कर दिया। वेतन की मांग करने पर कई मजदूरों की पिटाई की गई और उसके पासपोर्ट सहित तमाम दस्तावेज जब्त कर लिए गए। साथ ही वेतन भी बंद कर दिया गया। बगैर वेतन के मजदूरों ने 9 माह तक काम किया। इसके बाद जब इन्हें भोजन पर भी आफत होने लगी और ये बुरी तरह से फंस गए तो गुहार लगाना शुरू कर दिया। जिसमें सबसे पहले प्रवासी सोशल मीडिया ग्रुप के माध्यम से सिकंदर अली से संपर्क किया। फिर सिकंदर अली ने मामले को जनप्रतिनिधियों से लेकर झारखंड सरकार और फिर विदेश मंत्रालय तक पहुंचाया। इसके बाद मामले पर पहल तेज हुई और अब इन सभी मजदूरों के वतन वापसी का रास्ता साफ हो गया है। विदेश मंत्री के आदेश के बाद कंपनी ने मजदूरों का बकाया वेतन दे दिया है।

स्वागत की तैयारी में जुटे सामाजिक कार्यकर्ता

वतन वापसी को तैयार सऊदी अरब में फंसे मजदूरों ने सामाजिक कार्यकर्ता सिकंदर अली को धन्यवाद दिया है। जिनके माध्यम से मामला ऊपर तक पहुंचा और झारखंड सरकार व विदेश मंत्री ने इसे संज्ञान में लिया। विदित हो कि विदेश मंत्री सुषमा स्वराज सोशल साइट ट्विटर पर ट्विट कर सिकंदर अली को बताया था कि जल्द ही मजदूरों की वापसी होगी। इधर मजदूरों के वापसी की खबर सुनकर सामाजिक कार्यकर्ता सिकंदर अली बेहद खुश हैं। वे े स्वागत की तैयारी में जुट गए हैं।

13 माह बाद वतन लौटेंगे मजदूर

गिरिडीह जिले के बगोदर, पीरटांड़ एवं बोकारो जिले के गोमिया व हजारीबाग जिले के विष्णुगढ़ के 41 मजदूर 6 जुलाई 2016 को एलएनटी कंपनी में नौकरी के लिए सउदी अरब की रियाद शहर गए थे। वहां पहुंचने पर पता चला कि वे धोखाधड़ी के शिकार हो गए हैं। एलएनटी के बजाय उन्हें अरबियन टीम्स कांट्रेक्टिंग इस्टेब्लिसमेंट( एटीसी) में काम पर लगाया गया। पिछले साल अक्टूबर महीने तक लड़कर उन लोगों ने कंपनी से वेतन लिया, लेकिन उसके बाद से कंपनी ने फूटी कौड़ी भी देना बंद कर दिया। विष्णुगढ़ के 12 एवं गोमिया के तीन मजदूर वहां फंसे हैं। मजदूरों की रिहाई का मार्ग प्रशस्त होने पर उनके परिजनों में खुशी की लहर दौड़ गयी है। उन्होंने विदेश मंत्री समेत इस मुहिम में साथ देने वाले सभी लोगों का आभार जताया है।

तीन जगहों के मजदूर फंसे थे सऊदी अरब में

बगोदर-विजय कुमार, लालजीत कुमार, रामेश्वर साव, दुलारचंद महतो, महेंद्र महतो, गोविंद महतो, टोकन महतो, बाबूलाल महतो, रेवतलाल महतो, सहदेव महतो, जगदीश महतो, रामेश्वर महतो, सुभाष कुमार महतो, संजय कुमार महतो, सुबोध कुमार महतो, बसंत महतो, सुरेंद्र महतो, धनेश्वर महतो, इंद्रदेव महतो, विश्वनाथ महतो, दीपचंद महतो, महेंद्र महतो, मिथिलेश महतो, टींकू महतो।

पीरटांड़-अजय कुमार महतो, गोमियां-मनोज कुमार महतो, कौलेश्वर महतो, श्यामलाल कदर

विष्णुगढ़-रोहित कुमार महतो, भागीरथ महतो, रसो कुमार महतो, शंकर कुमार, जगलाल महतो, खिरोधर महतो, रवि कुमार महतो, भोला महतो, कोलेश्वर महतो, ठाकुर रविदास, सेवा महतो, बालेश्वर महतो शामिल हैं।

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