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आदिवासी भूमिज समाज के युवाओं की चिंतन क्षमता विकसित करने को लेकर पिछली सामुदायिक भवन (पोटका) में शनिवार को दो...

Dainik Bhaskar

Mar 11, 2018, 03:15 AM IST
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आदिवासी भूमिज समाज के युवाओं की चिंतन क्षमता विकसित करने को लेकर पिछली सामुदायिक भवन (पोटका) में शनिवार को दो दिवसीय कार्यशाला सह सम्मान समारोह का शुभारंभ हुआ। इधर आदिम भूमिज मुंडा कल्याण समिति पिछली व आदिवासी भूमिज सरना अखाड़ा (बड़ा सिकंदी, पोटका) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यशाला में सरकार की ओर से 2021 में होने वाले सर्वे में भूमिज समाज की अस्मिता, संस्कृति जल, जंगल व जमीन को कैसे चिह्नित करें व संविधान में प्रदाता अधिकार से युवाओं को अवगत कराया गया। वहीं विलुप्त होती संस्कृति व संस्कार को बचाए रखने को लेकर अहम चर्चा हुई। इस मौके पर आदिवासी भूमिज समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष सिद्धेश्वर सरदार ने कहा कि भूमिज समाज की पहचान खतियानी अभिलेख में अंकित है। शासन देवी, निशान पत्थल, त्योहार, संस्कृति व उपाधियों मसलन घटवाल, सरदार, सिंह, मुंडा भूमिज समाज की पहचान है। इसी पहचान को अक्षुण्ण रखने को लेकर युवाओं को कार्यशाला में गुर सिखाए गए। साथ ही अपनी संस्कृति से युवा अवगत हुए।

भूमिज समाज के युवाओं की चिंतन क्षमता विकसित करने को लेकर कार्यशाला, संस्कृति को बचाने पर दिया गया जोर

आदिवासी भूमिज समाज के युवाओं को संबोधित करते सिद्धेेश्वर सरदार।

समाज का नेतृत्व कर रहे 12 युवाओं को आज किया जाएगा सम्मानित

रविवार को बीते तीन सालों से समाज का नेतृत्व कर रहे 12 युवाओं को आयोजकों की ओर से सम्मानित किया जाएगा। जिनमें मुख्य रूप से बासंती सरदार, शंकर सरदार, रूपाली सरदार, सुखदेव सरदार, रीना सरदार, गौरी सरदार, सुदर्शन भूमिज, वृहस्पति सरदार, दुलाल सरदार, आस्तिक सरदार, रामपदों सरदार व शिवरथ के उत्तराधिकारियों के नामों का चयन किया गया है। इस आयोजित कार्यशाला में डोकरसाई, पांडूडीह, सोहदा बोराकाटा, बाढ़ेडीह, माटकू, तेतला चांदपुर, बालीडीह, पिछली, बड़ासिकदी, तिरिलडीह, कुदादा के ग्रामीणों ने हिस्सा लिया। इसके अलावा काफी संख्या में भूमिज समाज के युवा-युवतियों और समाज के गणमान्य लोगों ने कार्यक्रम में हिस्सा लिया।

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