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10 एकड़ बंजर भूमि को उपजाऊ बना की सरसों की खेती

पूर्वी सिंहभूम जिले के भाटिन गांव के किसान खेती के जरिए स्वावलंबी बन रहे हैं। इसकी शुरुआत भाटिन गांव के खेलाराम...

Danik Bhaskar | Feb 10, 2018, 03:20 AM IST
पूर्वी सिंहभूम जिले के भाटिन गांव के किसान खेती के जरिए स्वावलंबी बन रहे हैं। इसकी शुरुआत भाटिन गांव के खेलाराम मुर्मू ने 10 एकड़ बंजर भूमि को उपजाऊ बना सरसों, चना, मसूर, गेहूं व अरहर की खेती कर दिखाया है। खेतों में लहलहाती सरसों की खेती ने पूरे गांव के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है। उनके इस कदम के बाद 20 किसानों ने स्वावलंबी बनने के लिए भाटिन गांव में खेती का सहारा लिया है। सामाजिक कार्यकर्ता खेलाराम मुर्मू ने बताया कि सरकार खेतों तक पानी पहुंचाने की व्यवस्था कर दे तो झारखंड से गरीबी मिट जाएगी। उन्होंने कहा कि खेती को फायदे में तब्दील करने के लिए आधुनिक तकनीक के अलावा मेहनत व जज्बा दोनों की जरूरत पड़ती है। सरकार से मिले अनुदान पर बीज काफी सहायक है। बंजर भूमि में लहलहाती सरसो की खेती परिवार में मुस्कान भर दी है। इस कार्य में पोटका प्रखंड कार्यालय के कृषि विभाग की भी अहम भूमिका है। जिसका फायदा आने वाले दिनों में मिलेगा।

अब लहलहा रही फसल, भाटिन गांव के किसान खेती के माध्यम से स्वावलंबी बनने की ओर अग्रसर

सरसों की फसल दिखाता किसान।

गेहूं की खेती के प्रति दामपाड़ा के किसानों की रुचि बढ़ी

घाटशिला | घाटशिला के दामपाड़ा क्षेत्र में रवि फसल गेहूं और सरसो की खेती इस वर्ष काफी किसानों ने की है। दामपाड़ा के छातराकोचा, खरसती, कालचिती, मुड़ाकाटी, दीघा, डाइनमारी, हीरागंज के किसानों ने इस वर्ष गेहूं और सरसो की खेती की है। विगत वर्ष धनकटनी के बाद किसानों ने अपने खेत को परती छोड़ दिया था। लेकिन इस वर्ष किसानों को सिंचाई विभाग द्वारा सिंचाई की सुविधा उपलब्ध कराए जाने के आश्वासन पर गेहूं और सरसों की खेती की है।