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भैरव थान में पूजा करने गए भूमिज समाज के लोगों की संथालों ने दौड़ा-दौड़ा कर की पिटाई

बुधवार को कानीमहुली स्थित भैरव थान में पूजा करने आए भूमिज समाज के लोगों को कानीमहुली संथाल समाज के करीब 300 महिला...

Bhaskar News Network | Last Modified - Mar 29, 2018, 03:20 AM IST

बुधवार को कानीमहुली स्थित भैरव थान में पूजा करने आए भूमिज समाज के लोगों को कानीमहुली संथाल समाज के करीब 300 महिला पुरुषों ने भारी पुलिस बल की मौजूदगी में दौड़ा-दौड़ा कर पिटाई की। संथाल समाज के महिला और पुरुषों ने एक साथ डंडा और पत्थर से हमला कर दिया। भूमिजों को पिटाई से बचाने के क्रम में दंडाधिकारी घाटशिला सीओ राजेंद्र प्रसाद, घाटशिला थाना प्रभारी सत्येंद्र सिंह, धालभूमगढ़ थाना प्रभारी उत्तम तिवारी, एएसआई रमेश महतो के साथ भी संथाल समाज के लोगों द्वारा धक्का-धक्की की गई। घाटशिला इंस्पेक्टर अजय कुमार और बेलपहाड़ी थाना इंस्पेक्टर दयामय माझी ने दावा किया था कि दोनों राज्य की सीमा सील कर दी गई है। भूमिज समाज की ओर से पूजा करने आई महिलाओं के हाथों से संथाल समाज के लोगों ने पूजा की थाली छीन कर फेंक दिया। इसके बाद भूमिज समाज के पुजारी झाटीझरना निवासी माहिल सिंह की डंडा से पिटाई करना प्रारंभ कर दी। उसे कानीमहुली के संथाल समाज के लोगों ने दौड़ा-दौड़ा कर पिटाई की।

पूजा प्रारंभ करते ही संथाल समाज के भड़के लोग

संथाल समाज के लोगों का कहना था कि जब पूर्व की बैठक में तय हुआ था कि भूमिज समाज के सरहुल पूजा के दिन वह केवल दामेश्वर धाम शिव मंदिर और भैरव थान का दर्शन करने आएंगे। लेकिन इसका अनुपालन नहीं करते हुए भूमिज समाज के लोग भैरव थान में खुद ही पूजा प्रारंभ कर दी। इसके बाद भूमिज समाज के प्रतिनिधियों की पिटाई प्रारंभ कर दी। भूमिज समाज के लोगों को मंदिर से निकाल कर पुलिस प्रोटेक्शन के बाद भी पिटाई की गई। पुलिस बल और सीओ भूमिजों को बचाने में जुटे रहे।

पूजा करने आई महिलाओं के हाथों से संथाल समाज के लोगों ने पूजा की थाली छीन कर फेंका

भूमिज समाज के पुजारी को खदेड़ कर पिटाई करती महिला।

पुजारी और पंसस के विरोध करते ही गर्म हुआ माहौल

दामेश्वरधाम मंदिर में भूमिजों का पूजा कराने के बाद पुजारी सुधीर मिश्रा उनके पीछे-पीछे भैरव थान पहुंचे। भैरव थान मंदिर में भूमिजों के पुजारी माहिल सिंह द्वारा मंदिर की प्रदक्षिणा लोटे में लिए पानी छीट कर प्रारंभ करते ही पुजारी सुधीर मिश्रा और काड़ाडूबा पंसस सारती टुडू भड़क गईं। सुधीर मिश्रा ने ऊंची आवाज में यह कहना शुरू कर दिया कि पूर्व की बैठक में हुए निर्णय के विपरीत भूमिजों द्वारा मंदिर में खुद ही पूजा प्रारंभ कर दी गई है। पंसस ने थाना प्रभारी सत्येन्द्र सिंह से विरोध जाहिर करते हुए भूमिजों को पूजा करने से रोकने की मांग करने लगी। मंदिर के निकट बैठकी में जमा कानीमहुली के संथाल समाज के लोगों ने उग्र होकर लाठी और पत्थर लेकर मंदिर को चारों ओर से घेर लिया। संथाल समाज के लोगों द्वारा मंदिर को चारों ओर से घेरते देख थाना प्रभारी ने सभी पुलिस बल को मंदिर की ओर आने का आदेश दिया। लेकिन पुलिस बल के मंदिर पहुंचने से पूर्व ही मंदिर परिसर में भूमिजों की पिटाई प्रारंभ कर दी गई थी।

सुबह से ही भैरव थान में जुटे थे संथाल समाज के लोग

कानीमहुली तथा आसपास गांव के करीब 3 सौ संथाल समाज के लोग सुबह से ही भैरव थान मंदिर परिसर में जुटे थे। समाज के लोगों के खाने के लिए खिचड़ी भी बनी थी। संथाल समाज के लोग इसी इंतजार में थे कि भूमिजों द्वारा भैरव थान में खुद पूजा प्रारंभ किया गया तो इसका डट कर विरोध किया जाएगा। इसके बाद भी पुलिस प्रशासन द्वारा भूमिजों को दामेश्वरधाम शिव मंदिर में पूजा करने के बाद वापस खांकड़ाझोर फुटबॉल मैदान नहीं भेजा गया। बल्कि भूमिजों के आग्रह को मानते हुए उन्हें भैरव थान पूजा करने के लिए पहुंचाया गया।

भास्कर ने पहले ही किया था आगाह

इस मामले में 27 मार्च के अंक में दैनिक भास्कर में इस खबर को प्रकाशित किया गया था। इसमें बताया गया था कि 28 मार्च को मंदिर में पूजा के लिए संथाल व भूमिज समाज में हो सकता है टकराव। इसके बाद भी प्रशासन ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। पूरी तैयारी नहीं की गई थी। इस वजह से ऐसी घटना हो गई।

भूमिज समाज के लोगों को बचाने का प्रयास करती पुलिस।

सरहुल पूजा में 3 हजार भूमिज हुए शामिल

भैरव थान में पूजा करने आए भूमिज समाज के लोग।

पं बंगाल के खाकड़ाझोर फुटबॉल मैदान में दामपाड़ा खाकड़ाझोर मालिगड़ संरक्षण समिति द्वारा आयोजित देशुवा सरहुल पूजा में पं बंगाल, ओड़िशा, झारखंड और आसाम से करीब 3 हजार की संख्या में भूमिज समाज के लोग शामिल हुए थे। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में घाटशिला विधायक लक्ष्मण टुडू, विशिष्ट अतिथि दामपाड़ा जिला परिषद देवयानी मुर्मू, पोटका विधायक प्रतिनिधि विभीषण सिंह भूमिज, रंजीत सिंह, मुखिया किरिटी सिंह, पोल्टू सरदार, प्रशांत सिंह, माथुर सिंह, इंद्रजीत सिंह, मोहिनी सिंह, नित्यलाल सिंह, भास्कर सिंह, जितेन सरदार, मनिद्रनाथ सिंह, संतोष सिंह, डमन सिंह शामिल थे।

भैरवथान में पूजा को लेकर दो समाज के लोगों के बीच विवाद के बाद मारपीट हो गई। साल में सरहुल पूजा को लेकर एक दिन विवाद हो जाता है। प्रशासन द्वारा भूमिज समाज के लोगों को सुरक्षित उनके घर भेजवा दिया गया। आने वाले दिनों में शांति बनाए रखने के लिए तैयारी की जाएगी। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है। अरविंद कुमार लाल, एसडीओ, घाटशिला।

रणक्षेत्र में तब्दील हुआ मंदिर परिसर जान बचाकर भागे भूमिज समाज के लोग

किसने क्या कहा

काशिदा मुखिया पोल्टू सरदार ने कहा कि पुलिस प्रशासन की देखरेख में समाज के 15 लोगों को भैरव थान पूजा कराने ले जाने की जिम्मेदारी दी गई थी। लेकिन प्रशासन की नाकामयाबी के कारण समाज के लोगों की संथाल लोगों द्वारा पिटाई की गई। भूमिज समाज इसके खिलाफ उग्र विरोध जाहिर करेगा। भूमिज समाज के रंजीत सिंह ने कहा कि भैरव थान मंदिर और दामेश्वरधाम मंदिर में एकाधिकार कायम करने के लिए संस्थाल समाज द्वारा भूमिजों की पिटाई की गई। काड़ाडूबा पंसस सारथी टुडू ने कहा कि एसडीओ की उपस्थिति में दोनों समाज के प्रतिनिधियों के बीच हुई बैठक में निर्णय हुआ था कि सरहुल पूजा के दिन भूमिज समाज के लोग दामेश्वरधाम शिव मंदिर और भैरव थान मंदिर में दर्शन कर लौट जाएंगे। दोनों मंदिर में किसी प्रकार का पूजा होगी।

विधायक और जिप सदस्य का फूंका पुतला

घटना के बाद संथाल समाज के लोगों द्वारा विधायक लक्ष्मण टुडू और दामपाड़ा जिला परिषद देवयानी मुर्मू का पुतला फूंक कर विरोध किया गया। संथाल समाज के लोगों ने दोनों को गांव में प्रवेश पर भी विरोध किए जाने की बात कहीं। बताया गया कि दोनों ही संथाल समाज के लोगों से जानकारी लिए बिना ही भूमिजों के सरहुल पूजा कार्यक्रम में शामिल होकर वापस लौट गए।

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