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बेटे की सड़क दुर्घटना में मौत के बाद सदमे में पिता बीमार, टीएमएच में भर्ती

नरवा पुल पर शुक्रवार की रात सड़क दुर्घटना में हुई मौत के बाद यूसीलकर्मी संजय पात्रो और कृष्णा गोप का शनिवार को...

Danik Bhaskar | Apr 08, 2018, 03:15 AM IST
नरवा पुल पर शुक्रवार की रात सड़क दुर्घटना में हुई मौत के बाद यूसीलकर्मी संजय पात्रो और कृष्णा गोप का शनिवार को अंतिम संस्कार किया गया। इस मामले में संजय पात्रो के भाई सपन पात्रो के बयान पर स्कार्पियो चालक के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। इससे पहले पुलिस ने दोनों के शवों को पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजनों को सौंप दिया। जिसके बाद अंतिम संस्कार हुआ। अंतिम यात्रा में काफी संख्या में लोग जुटे थे। संजय पात्रो और कृष्णा गोप अच्छे दोस्त थे। दोनों एक ही बैच के यूसील कर्मचारी थे। जो यूसील जादूगोड़ा मिल के केमिकल विभाग में कार्यरत थे। घटना के वक्त भी दोनों एक ही बाइक पर जमशेदपुर जा रहे थे। तभी स्कार्पियो की चपेट में आ गए। दोनों की शादी नहीं हुई थी। संजय की मौत के बाद से उसके पिता सदमें से बीमार पड़ गए हैं। उन्हें टीएमएच में भर्ती कराया गया है। संजय व कृष्णा दो-दो भाई थे।

क्या थी घटना : जादूगोड़ा-टाटा मुख्य मार्ग पर नरवा स्थित गुर्रा नदी पुल पर शुक्रवार की रात को एक स्पलेंडर और स्कार्पियों की टक्कर में दो यूसील कर्मी सह जादूगोड़ा थाना क्षेत्र के दुड़कू निवासी कृष्णा गोप और धर्मडीह निवासी संजय पात्रो की मौत हो गई थी। घटना के बाद आक्रोशित लोगों ने मौके पर पहुंची पुलिस पर हमला कर दिया। थाना प्रभारी के साथ अभद्र व्यवहार किया किया। करीब घंटे भर के लिए इस दरम्यान रोड जाम था।

संजय व कृष्णा पर थी घर की जिम्मेवारी: कृष्णा के परिवार में उसके मां-पिता के अलावा छोटा भाई अर्जुन गोप है। कृष्णा अकेले कमाने वाला था। उसे पिता की जगह वीआरएस से नौकरी मिली थी। छोटा भाई बेरोजगार है। कृष्णा की मौत के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। इधर संजय के घर की स्थिति भी कमोवेश ऐसी ही है। संजय पहले नेवी में था। पिता की इच्छा से उसने नेवी की नौकरी छोड़ यूसील में योगदान दिया था।

घटना स्थल पहुंचे थे सीओ-डीएसपी: दुर्घटना के बाद शुक्रवार की रात डीएसपी अजीत कुमार विमल और पोटका के सीओ द्वारिका बैठा नरवा पुल पहुंच कर संजय और कृष्णा के परिजनों से बातचीत की थी। इन्होंने मामले में उचित कार्रवाई का भरोसा दिया था। परिजनों की निगाहें सीओ पर है। वह प्रशासन से मदद की उम्मीद लगाए हुए हैं।