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हेंसलबिल और सेरेंगडीह में स्कूल विलय के विरोध में बढ़ रहा ग्रामीणों का आक्रोश

पोटका थाना क्षेत्र के हेंसलबिल पंचायत अंतर्गत हेंसलबिल में स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय की कक्षा 6 से 8 का...

Danik Bhaskar | Apr 26, 2018, 03:30 AM IST
पोटका थाना क्षेत्र के हेंसलबिल पंचायत अंतर्गत हेंसलबिल में स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय की कक्षा 6 से 8 का उत्क्रमित उच्च विद्यालय जाहातू में विलय किए जाने से नाराज सैकड़ों ग्रामीणों ने बुधवार को विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक समेत छह शिक्षकों को घंटो बंधक बनाए रखा। सूचना मिलने के बाद पोटका थाना प्रभारी अरविंद यादव व बीआरसी के बीपीओ विशेश्वर नंदी हेंसलबिल विद्यालय पहुंचे। ग्रामीणों को उन्होंने फिलहाल विद्यालय का विलय नहीं किये जाने का आश्वासन दिया। इससे ग्रामीण शांत हुए और शिक्षकों को बंधन मुक्त किया। उत्क्रमित मध्य विद्यालय हेंसलबिल में कक्षा एक से लेकर आठ तक की पढ़ाई होती है। इसमें कुल विद्यार्थियों की संख्या 185 है। कक्षा एक से छह में 122 एवं छह से आठ के 63 विद्यार्थी है। नीति आयोग द्वारा हेंसलबिल विद्यालय की छह से आठ कक्षा तक का विलय उत्क्रमित उच्च विद्यालय जाहातू में कर दिया गया है। विद्यालय द्वारा बच्चों का विद्यालय परित्याग पत्र भी बना दिया गया है और छात्रों को 30 अप्रैल तक जाहातू विद्यालय जाने का निर्देश जारी कर दिया गया है।

विद्यालय विलय से नाराज ग्रामीणों ने हेड मास्टर समेत शिक्षकों को बनाया बंधक

क्यों भड़के अभिभावक

सैकड़ों ग्रामीण झामुमो नेता दिलीप सोरेन के नेतृत्व में बुधवार सुबह 9 बजे विद्यालय परिसर पहुंचे और विद्यालय में ताला जड़ दिया। इसके साथ ही ग्रामीणों ने विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक राजकुमार गुप्ता समेत शिक्षक सुशांत नायक, दिनेश सरदार, उत्पल मंडल, भादो मार्डी व आदित्य दास को एक कमरे में बंद कर ताला जड़ दिया। ग्रामीण बीईईओ को विद्यालय आने की मांग पर अड़े थे। सूचना मिलने के बाद पोटका थाना प्रभारी एवं बीपीओ विद्यालय पहुंचे एवं तत्काल विद्यालय के विलय नहीं होने का आश्वासन दिया। जिससे ग्रामीण शांत हुए और लगभग 11:30 बजे शिक्षक बंधन मुक्त हुए।

बीईईओ मुरारी शाही ने बताया कि विद्यालय विलय का निर्णय नीति आयोग का है। पोटका में लगातार हो रही ऐसी इन मामलों की जानकारी वरीय पदाधिकारी को दे दी गई है। आदेशानुसार कार्य होगा ग्रामीण आक्रोशित ना हो।

वरीय पदाधिकारियों को अवगत कराएंगे

हेंसलबिल में शिक्षकों को बंधक बनाए ग्रामीण।

3 दिनों में तीसरी घटना, संघ ने की सुरक्षा की मांग

नीति आयोग द्वारा पोटका के 96 विद्यालयों के विलय किये जाने के विरोध में ग्रामीणों का आक्रोश लगातार बढ रहा है। आक्रोशित ग्रामीण आंदोलन स्वरूप अब शिक्षा विभाग के पदाधिकारियों एवं शिक्षकों को बंधक बना रहे हैं। जिससे शिक्षकों में भय का माहौल है. ज्ञात हो कि सोमवार को ग्रामीणों ने मातकमडीह विद्यालय के शिक्षक एवं सीआरपी को बंधक बना लिया था। ऐसी ही घटना बुधवार को हेंसलबिल विद्यालय एवं सेरेंगडीह में हुई लगातार हो रही इन घटनाओं के कारण शिक्षकों में भय का माहौल है। इसको लेकर झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष अरुण कुमार ने विलय हुए विद्यालय के शिक्षकों के लिए प्रशासन से सुरक्षा व्यवस्था करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि संघ का प्रतिनिधिमंडल जिले के उपायुक्त से मिलेगा और शिक्षकों के लिए सुरक्षा व्यवस्था की मांग करेगा। उन्होंने कहा कि इस स्थिति में शिक्षक असुरक्षित हैं और इस माहौल में काम करना संभव नहीं है। इस अवसर पर श्यामल मंडल, टिपरू तियू, अनुपम भगत, सपन मुंडा, रुद्र प्रताप शीट, राजकुमार गुप्ता, निर्मल धल, सपन दे, विष्णु पदों भकत आदि उपस्थित थे।

विलय के खिलाफ दाखिल किया जाएगा पीआईएल : कुणाल

जादूगोड़ा| अगली सरकार अगर झामुमो की बनी तो विलय होनेवाले सभी स्कूलों को फिर से खोला जाएगा। यह बात बहरागोड़ा के विधायक कुणाल षाड़ंगी ने जादूगोड़ा दौरे के क्रम में कही। उन्होंने कहा कि परमाणु ऊर्जा केंद्रीय विद्यालय में गैर यूसील कर्मी के बच्चों कीे फीस में जो बढ़ोतरी की गई है उसको लेकर केंद्रीय मानव संस्थान मंत्री से मिलकर वापस लेने का मांग की जाएगी। उन्होंने कहा कि स्कूल के विलय के मुद्दे को लेकर जल्द ही पीआईएल दाखिल किया जाएगा। पंचायत प्रतिनिधि का अधिकार का हनन सरकार द्वारा किया जा रहा है। जिसका विरोध जेएमएम द्वारा किया जाएगा। मौके पर सुमू यूनियन के महा सचिव रमेश मांझी, विक्रम साव,भीम महंती आदि के साथ कई अन्य कार्यकर्ता शामिल थे।

आठ घंटे बंधक रहे पांच शिक्षक, प्रशासन ने कराया मुक्त

सेरेंगडीह : आठ घंटे बंधक रहे पांच शिक्षक, प्रशासन ने कराया मुक्त उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय सेरेंगडीह का विलय उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय बोहराकाटा में किये जाने के विरोध में सैकड़ों ग्रामीण बुधवार को प्रातः आठ बजे विद्यालय में जमा हो गए और विद्यालय के प्रधानाध्यापक रुपाली गोप और सहायक शिक्षक रूप कुमार सी को बंधक बना लिया। सूचना मिलने के बाद पोटका के बीईईओ ने विभाग के तीन कर्मी रविंद्र सरदार, विष्णु पदों गोपतो एवं मृत्युंजय गोप को सेरेंगडीह विद्यालय भेजा। यह तीनों ग्रामीणों को समझाने बुझाने का प्रयास कर रहे थे। पर आक्रोशित ग्रामीणों ने इन तीनों को भी बंधक बना लिया। सूचना मिलने के बाद पोटका पुलिस दलबल के साथ गांव पहुंची और लंबी वार्ता के बाद दोपहर लगभग तीन बजे पांचों बंधकों को बंधन मुक्त कराया। मौके पर ग्रामीणों ने कहा कि विद्यालय में कुल 36 बच्चे हैं और विद्यालय का विलय बोहराकाटा विद्यालय में कर दिया गया है जहां की दूरी गांव से लगभग डेढ़ किलोमीटर है उन्होंने कहा कि अगर विद्यालय का विलय नहीं रोका गया तो ग्रामीण उग्र आंदोलन को तैयार है।