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परसन में बच्ची से दुष्कर्म के बाद हत्या की जैन संत ने की निंदा

जैनियों के प्रसिद्ध तीर्थ स्थल मधुबन में राष्ट्रीय संत कमल मुनि कमलेश ने जिला के परसन ओपी में चार साल की बच्ची के...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 01, 2018, 03:20 AM IST

परसन में बच्ची से दुष्कर्म के बाद हत्या की जैन संत ने की निंदा
जैनियों के प्रसिद्ध तीर्थ स्थल मधुबन में राष्ट्रीय संत कमल मुनि कमलेश ने जिला के परसन ओपी में चार साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म के बाद उसकी नृशंस हत्या की कड़ी निंदा की। कहा कि ऐसे नराधम के कुकृत्यों पर शैतान भी शर्मिंदा हो रहा होगा। ऐसी दु:खद घटनाएं आध्यात्मिकता की दुहाई देने वाले देश के माथे पर कलंक है जहां नारी की दुर्दशा होती है, उपेक्षा होती है, यातनाएं दी जाती है। वह घर परिवार और देश विकास नहीं कर सकता। ऐसा व्यक्ति कितनी तीर्थ कर ले, दान दे दे आत्मा का पतन निश्चित है। उसका धर्म मुर्दे पर श्रृंगार करने के समान है। संत समाज में भी इस घटना को लेकर आक्रोश व्याप्त है। लचीले कानून से अपराधी साफ बच निकलते हैं। दुष्कर्म करने वाले राक्षसों को सरे आम चौराहे पर फांसी देनी चाहिए ताकि दोबारा कोई ऐसा दु:साहस न करे। इस घटना के लिए जितना अपराधी दोषी है उतनी ही कम दोषी सरकार भी नहीं है। क्योंकि सेंसर बोर्ड नाम की कोई चीज नजर नहीं आती है। कानून नाम की कोई चीज नहीं है। जंगल राज वाली स्थिति है। अश्लील फिल्मों की भरमार, अश्लील साहित्य, सीडी कैसेट प्रशासन की नाक के नीचे सरेआम बेचा जा रहा है। इंटरनेट आदि पर अश्लीलता की भरमार को देख कर मानसिक विकृति पैदा होती है उसी का दुष्परिणाम यह सामने आ रहा है। फिल्मों में फूहड़पन, दूरदर्शन पर कामुकतापूर्ण विज्ञापन जिनको मां और बेटी, परिवार के सब सदस्य एक साथ बैठने मैं शर्मिंदगी महसूस करते हैं। एेसे शो को देखकर संस्कारों का नैतिक पतन हो रहा है। जब तक सरकार इन पर नियंत्रण नहीं लगाती तब तक घटनाओं को रोक पाना असंभव होगा। आज नारी कहीं सुरक्षित नहीं है। भय, लोकलाज से अधिकांश घटनाएं दब कर रह जाती हैं। मृत्यु दंड के कानून के बावजूद नियंत्रण असंभव लगता है। जब तक सेंसर बोर्ड के कानून को कड़ाई से लागू न किया जाए। पालन न करा सके तो बर्खास्त कर दिया जाए पर यदि समय रहते सरकार ने काम नहीं किया तो जनता को मजबूर होकर कहीं कानून हाथ में न लेना पड़े। पाश्चात्य संस्कृति का अंधानुकरण भी ऐसी घटनाओं को खुला निमंत्रण दे रही है। मर्यादा तार-तार हो रही है। इंसान पशु से भी ज्यादा खतरनाक होता जा रहा है। सम्मेद शिखरजी में नारी रक्षा, गौ रक्षा और संस्कृति की रक्षा के लिए राष्ट्रीय संत की प्रेरणा से मधुबन गौ सेवा मंडल का गठन किया गया। 21 बहनों का क्रांति कार्यकारिणी का गठन किया गया है जिसमें ममता सिन्हा, वीणा देवी, सरिता देवी, जयंती देवी, उर्मिला देवी, रेखा देवी, ममता देवी, देवंती देवी प्रमुख हैं। उन्होंने प्रशासन को चेतावनी दी है कि समय रहते बच्ची के परिवार को न्याय न मिला तो उनका घेराव किया जाएगा। साथ ही करीब 1008 गो भक्त एक रुपए रोज का दान देने वाले तैयार किए जाएंगे। उन के माध्यम से पीड़ित वृद्ध, अपाहिज, गो माता की सेवा विभिन्न गोशाला में जाकर की जाएगी।

सामाजिक ताना-बाना, संस्कार पर बोलते जैन संत।

विरोध में उतरे स्कूली बच्चे।

हत्यारे को फांसी दो के नारे के साथ सड़क पर उतरे स्कूली बच्चे

राजधनवार | परसन में बीते दिनों चार वर्षीय बच्ची के साथ दरिंदगी के विरोध में आदर्श मॉडर्न पब्लिक स्कूल परसन की छात्र-छात्राओं ने परेड मार्च निकाला। जो विद्यालय परिसर से शुरू होकर परसन होते हुए झारखंडी धाम तक पहुंची। इस दौरान स्कूल कर्मियों और बच्चे ने परेड मार्च में पुलिस प्रशासन से आंचल हत्याकांड का केस जल्द से फास्ट ट्रैक कोर्ट में दर्ज कर दुष्कर्मी हत्यारा रामचंद्र ठाकुर और उसके पिता मधु ठाकुर को फांसी की सजा मांग करते दिखे। कार्यक्रम को सफल बनाने में प्रधानाध्यापक किशुन दास, मो जफरउदीन, प्रकाश दास, अजित कुमार पंडा, आनंद पाण्डेय, भागीरथ, राजकुमार, विजय, लालू खुबलाल आदि शिक्षकों के साथ स्कूली बच्चे एवं बच्चियां उपस्थित थी।

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