बंद वाशरी चालू कराने के लिए 26 को रांची में प्रदर्शन
संयुक्त मोर्चा व गिद्दी वाशरी कर्मियों की बैठक गुरुवार को वाशरी कैंटीन में हुई। इसमें 6 सितंबर 2019 से गिद्दी वाशरी को मरम्मत के नाम पर बंद रखने तथा गिद्दी सी परियोजना का कोयला सीसीएल सौंदा भेजे जाने का टेंडर किए जाने पर नाराजगी जताया गया। मोर्चा के नेताओं ने कहा कि सीसीएल प्रबंधन स्वांग वाशरी का स्ट्रक्चर गिरने के बाद गिद्दी वाशरी प्लांट को मरम्मत के नाम पर बंद कर दिया। परंतु गिद्दी वाशरी को स्ट्रक्चर स्वांग वाशरी के स्ट्रकचर जैसा कमजोर नहीं हुआ है।
सीएमपीडीआई के पदाधिकारियों ने भी निरीक्षण के बाद वाशरी में कुछ स्थानों पर मरम्मत कराने की बाद वाशरी को फिर से चालू हो जाने की प्रबंल संभावना जताई थी। परंतु सीसीएल प्रबंधन साजिश के तहत वाशरी के मरम्मत के लिए भेजे गए प्रपोजल को रोक के रखी है। नेताओं ने वाशरी के करोड़ों में घाटे में जाने के पीछे भी प्रबंधन की गलत नीति बरते जाने का आरोप लगाते हुए कहा कि गिद्दी वाशरी को गुणवक्तापूर्ण पर्याप्त मात्रा में कोयला मिलता तो वाशरी कभी भी घाटे में नहीं जाएगाी। साथ ही भविष्य में भी सीसीएल प्रबंधन गिद्दी वाशरी को पर्याप्त मात्रा में गुणवक्तापूर्ण कोयला उपलब्ध कराएगी तो वाशरी को घाटा से पाटा जा सकता है। नेताओं ने कहा कि गिद्दी सी परियोजना का कोयला गिद्दी क्रेशर से होते हुए भी कई किलोमीटर दूर सीसीएल सौंदा भेजने के लिए तीन साल के लिए 7 लाख टन कोयले का टेंडर कर दिया है। इससे सीसीएल को ट्रांसपोर्टिंग का खर्च भी अधिक आ रहा है। मौके पर मिथिलेश सिंह, अरूण कुमार सिंह, शशि भूषण सिंह, धनेश्वर तुरी, हरिवंश सिंह, लखबीर सिंह, गोपाल भगत, प्रदीप अखौरी, जय भेंगरा, गौत्तम बनर्जी, एके घोष, मुसरत अली, भूषण प्रसाद, बसंत राम, परमात्मा साव, बबलू सिन्हा, इबरार आलम, इरफान खान, सुरेश मांझी, कमल पासवान, विजय गंझू, जनम राम, नागेश्वर प्रसाद मौजूद थे।
समझौते से मुकर रहा प्रबंधन
नेताओं ने ने कहा कि पूर्व में गिद्दी सी का कोयला गिद्दी वाशरी को देने का समझौता हुआ था। परंतु प्रबंधन किए गए अपने समझौते सेे मुकर रही है। नेताओं ने गिद्दी सी का कोयला किसी भी हाल में सीसीएल सौंदा नहीं जाने देने, ट्रांसपोर्टिंग कार्य चालू होने पर सड़क पर उतर कर विरोध करने की चेतावनी दी। अंत में आगामी 26 मार्च को गिद्दी वाशरी को अविलंब चालू करने व गिद्दी सी का कोयला गिद्दी वाशरी को देने की मांग को लेकर सीसीएल मुख्यालय में प्रदर्शन करने का निर्णय लिया गया।
बैठक के दौरान प्रबंधन विरोधी नारेबाजी करता संयुक्त मोर्चा के लाेग।