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माता और पिता के कदमों में है जन्नत ः मौलाना सैयद शाह

एक वर्ष पहले
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प्रखंड के बेटुल खुर्द में प्रसिद्ध धार्मिक, सामाजिक एवं एदारा ए शरिया झारखंड के नाजिम आला हजरत मौलाना कुतुबुद्दीन रिज़वी की मांं आमना खातून की पहली बरसी के अवसर पर गुरुवार को अजमत ए वालदैन कॉन्फ्रेंस का आयोजन हुआ। जिसकी अध्यक्षता मौलाना हबीब आलम जिला अध्यक्ष एदार ए शरिया रामगढ़ अाैर संचालन कारी मुश्ताक, मौलाना मुजीब उर रहमान, और कारी अशरफ उल्लाह ने किया।

रामगढ़ क्षेत्र के सामाजिक, बेटुल कला पंचायत के पूर्व मुखिया जाकिर अख्तर, एदारा ए शरिया झारखंड के नाजिम आला हजऱत मौलाना कुतुबुद्दीन रिजवी, गुडविल मिशन स्कूल के निदेशक दाऊद आलम की मांं आमना खातून की बरसी के अवसर पर राज्य और राज्य के बाहर से उलमा ए कराम और धार्मिक गुरु उपस्थित होकर इंसान को इंसान बनने और एक अल्लाह की इबादत करने सब के अधिकारों को पूर्ति करने और मां-बाप के महत्व के बारे में बताया। भागलपुर से आए पीर ए तरीकत मौलाना सैयद शाह अहमद रज़ा ने कहा कि मां-बाप के कदमों में जन्नत है। वही मुफ़्ती फैजुल्ला मिस्बाही ने कहा कि मानव के लिए पूरी दुनिया एक कुंबा है। पीरे तरीकत सैयद शाह अलकमा शिबली ने कहा के ज़हन, बदन, नजर और दिल दिमाग को पाक साफ रखने की हिदायत की। तो इम्तियाज अंबर, दिलदार नूरी, अशहर जमाली ने अपनी सुरीली आवाज में कलाम के माध्यम से इंसानियत का पैगाम दिया। कार्यक्रम के अनुसार सुबह 8 बजे कुरान खानी हुई। जिसमें बेटुल, मगनपुर, सोसो, चाडी, रामगढ़, मनवा, गोला के मदरसों के सैकड़ों बच्चे और हजारों लोग शामिल हुए। 10 बजे दिन से एक बजे तक जलसा का आयोजन हुआ। और मरहूमा आमना खातून को सवाब बख्शा गया। इस मौके पर 9155 खत्म कुरान शरीफ, एक लाख 12 हजार कलमा तैयब, एक लाख चार हजार कुल शरीफ, 88 हजार दरूद शरीफ पढ़ा गया और सवाब बख्शा गया। एदारा ए शरिया झारखंड के नाजिम आला मौलाना कुतुबुद्दीन रिज़वी ने आए हुए सभी मेहमानों का शुक्रिया अदा किया। इस कार्यक्रम में सैयद शाह अलक्मा शिबली, सैयद अहमद रजा, सैयद खुर्शीद अख्तर, मुगति फैजुल्ला मिस्बाही, मौलाना हबीब आलम, डॉक्टर अत्ताउल्लाह, मुफ्ती नैयर आजम, कारी अशरफुल्लाह, सईद अख्तर, कौसर, मौलाना मुजीब उर रहमान, मौलाना शमशाद, मौलाना शब्बीर, दाउद आलम, इकबाल समेत सैकड़ों लोग मौजूद थे।

जलसा करते ओलमा एकराम।
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