काला मोतियाबिंद काे नजरअंदाज नहीं करें लोग
जिला अंधापन नियंत्रण समिति रामगढ़ के तत्वावधान में वर्ल्ड ग्लूकोमा सप्ताह (विश्व काला मोतिया सप्ताह) को लेकर गुरुवार को सदर अस्पताल परिसर में जागरूकता रैली व अभियान चलाया गया। इस दौरान जागरूकता रैली में शामिल डॉक्टरों व स्वास्थ्यकर्मियों ने लोगों को काला मोतिया के लक्षण बचाव की जानकारी दी।
नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ सरवर आलम और डॉ प्रीतिश प्रणय ने लोगों को बताया कि काला मोतिया एक खतरनाक बीमारी है। इससे बचाव के लिए लोगों को नियमित अपने आंखों की जांच करानी चाहिए। उन्होंने कहा कि 40 साल की उम्र से ही मोतियाबिंद एवं काला मोतियाबिंद का होना शुरू हो जाता है। इससे नजरअंदाज करने से मनुष्य के आंखों की रोशनी जा सकती है। प्रत्येक व्यक्ति को समय-समय पर आंखों की जांच अवश्य करानी चाहिए मधुमेह के रोगियों को और भी नजरअंदाज नहीं करनी चाहिए। जागरूकता अभियान व रैली में मुख्य रूप से सिविल सर्जन डॉ नीलम चौधरी, सदर अस्पताल उपाधीक्षक डॉ विनोद कुमार, डीपीएम देवेंद्र भूषण श्रीवास्तव, रामनाथ प्रसाद, साइटसेवर्स के जिला परियोजना प्रबंधक अभय अजीत कुमार, नेत्र सहायक उपेंद्र कुमार, सुमन कुमार साहू, कंचन अग्रवाल, उषा रानी उतरा सहित कई डॉक्टर व स्वास्थ्यकर्मी शामिल थे।
40 लोगों ने लिया परामर्श
भुरकुंडा | जवाहरनगर दुर्गा मंडप परिसर में गुरुवार को नि:शुल्क विशेष पशु चिकित्सा शिविर लगाया गया। शिविर का उद्घाटन डॉक्टर विजय कुमार, डॉ शशि भूषण, धर्मेंद्र तिवारी, ओंकार सिंह, समाजसेवी अप्पू मिश्रा और राजेश सिंह ने संयुक्त रूप से किया। शिविर में गाय, भैंस, बकरी सहित अन्य मवेशियों के स्वास्थ्य की जांच की गई। साथ ही नि:शुल्क दवा का वितरण किया गया। शिविर में 40 लोगों ने पशुओं के बाबत डॉक्टरों से परामर्श लिया। डॉ विजय कुमार और शशि भूषण ने लोगों को जानवरों के रख-रखाव, बीमारियों से बचाव, लक्षण और उपाय बताए।
जागरुकता अभियान में शामिल डॉक्टर व स्वास्थ्यकर्मी।