बारिश से रबी फसल को नुकसान
शनिवार की अहले सुबह से हो रही लगातार बारिश से जहां गिद्दी कोयलांचल में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में हो रही तेज बारिश ने किसानों की कमर तोड़कर रख दी। किसानों के खेत में लगी गेहूं की फसल को नुकसान पहुंचा दिया है। जिन गेहूं में दाना हो गया है। वह फसल गिर गई है। वहीं डाड़ी भाग एक के जिप सदस्य सर्वेश कुमार सिंह ने बताया कि पहली बार रबोध में एक एकड़ जमीन में तरबूज की फसल लगाई गई। भारी बारिश के कारण पूरा तरबूज की फसल नष्ट हो गई है। जबकि गेहूं के खेत में पानी भर गया है। वहीं चुंबा के किसान राजेंद्र कुशवाहा उर्फ राजू व निरंजन महतो ने बताया कि चुंबा में लगी गेहूं की फसल के साथ-साथ बारी में लगी प्याज, खीरा, कद्दू व भिंडी समेत रबी फसल को भारी नुकसान हुआ है।
इसके अलावा डाड़ी प्रखंड के कई गांवों में किसानों के खेतों व बारी में पानी भर गया है। जिसके कारण किसानों को भारी नुकसान हुआ है। वहीं स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति कम देखी गई। किसानों ने बताया कि चैत माह में जमीन पूरी तरह सूखी रहती थी। इस बार चैत में जमीन पर पानी बह रहा है। बारिश के कारण ठंड भी बढ़ गई है। घने बादल आ जाने के कारण अंधेरा छा जा रहा था। इस कारण चार पहिया वाहन चालक व बाइक सवार साइड लाइट जलाकर चल रहे थे।
रजरप्पा | भारतीय मौसम विज्ञान केंद्र, रांची के मौसम विज्ञानी एसी मंडल के अनुसार पिछले वर्ष मार्च महीने में न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस से ऊपर तथा अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से ऊपर तक चला गया था। लेकिन इस वर्ष मार्च महीने में न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया है। ऐसी स्थिति में लोगों को मार्च की शुरुआत से लेकर अंत तक ठंड का एहसास होता रहेगा। मौसम विभाग की मानें तो यही स्थिति मौसम के मिजाज में बदलाव और मार्च महीने की शुरुआत से रुक-रुक कर हो रही बारिश के कारण यह स्थिति बनी है। इधर लगातार बारिश से लोग परेशान हैं।
तरबूज की नष्ट फसल को दिखाते जिप सदस्य सर्वेश सिंह।
मार्च अंत तक रहेगा ठंड का एहसास
बारिश के बाद चितरपुर में सड़कों की स्थिति।