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विस्थापितों के हक के लिए रहेंगे संघर्षरत

एक वर्ष पहले
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विस्थापित प्रभावित संघर्ष मोर्चा ने रविवार को पीटीपीएस के अंबेडकर पार्क मैदान में स्थापना दिवस समारोह उत्साह के साथ मनाया। इस अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि क्षेत्र की विधायक अंबा प्रसाद और विशिष्ट अतिथि के रूप में आजसू पार्टी के केंद्रीय महासचिव रोशनलाल चौधरी समेत पंचायतों के जनप्रतिनिधि मौजूद थे। इस दौरान विस्थापित प्रभावित संघर्ष मोर्चा की ओर से स्थापना दिवस के अवसर पर संकल्प लिया गया कि 25 गांव के विस्थापित पीवीयूएनएल में विस्थापितों प्रभावितों के हक अधिकार के लिए सरकार व प्रबंधन स्तर पर हमेशा प्रय|शील और संघर्षशील रहेगा। जरूरत पड़ी तो आंदोलन के लिए ठोस कदम भी उठाया जाएगा। साथ ही कहा गया कि पतरातू में पीवीयूएनएल द्वारा स्थापित किए जानेवाला 4000 मेगावाट पावर प्लांट इस क्षेत्र के लिए गौरव की बात है। लेकिन इस पर पूरा अधिकार यहां के विस्थापितों और प्रभावितों का ही है। विस्थापितों और प्रभावितों को उनके हक और अधिकार से वंचित किया जाएगा तो मोर्चा हर तरह से संघर्ष कर अधिकार हासिल करने के लिए तैयार है। समारोह के दौरान 25 गांव से विस्थापित परिवार के लोग परंपरागत तरीके से ढोल नगाड़े बजाते नारा लगाते पहुंचे थे। अध्यक्षता आदित्य नारायण प्रसाद ने की और संचालन किशोर महतो ने की।

विधायक अंबा ने विस्थापित परिवारों का उत्साह बढ़ाया : समारोह में बतौर मुख्य अतिथि पहुंची विधायक अंबा प्रसाद ने विस्थापितों के हक और अधिकार को सही बताते हुए विस्थापित परिवारों का उत्साह बढ़ाया। उन्होंने कहा कि वर्षों से यहां के विस्थापित परिवार के लोग संघर्ष करते आ रहे हैं। लेकिन अबतक प्रबंधन और सरकार की ओर से इन्हें नौकरी पुनर्वास और मुआवजा से दूर रखा गया है। लेकिन वे उनके दुख और दर्द के साथ कंधा से कंधा मिलाकर उनके संघर्ष में साथ रहेंगी और उनके अधिकार की लड़ाई में साथ देकर न्याय दिलाएंगी।

समारोह में कई प्रस्ताव पारित किए गए

विस्थापित प्रभावित संघर्ष मोर्चा ने समारोह के दौरान कई प्रस्ताव पारित किए। जिसमें विस्थापितों के हक और अधिकार की लड़ाई में राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों से सहयोग और समर्थन की अपील। भूमि अधिग्रहण, पुर्नवास, पुनर्स्थापना में उचित मुआवजा और पारदर्शिता अधिनियम 2013 के अनुसार पहल। विस्थापित और प्रभावित को पहचान पत्र। अबतक हुए त्रिपक्षीय वार्ता पर अमल। न्यूनतम मजदूरी का उल्लंघन करनेवाले कंपनियों आैर अधिकारियों पर कार्रवाई। वार्ता के अनुरूप समन्वय समिति का गठन। पतरातू लेक रिसोर्ट में प्राथमिकता के अाधार पर विस्थापितों और प्रभावितों का नियोजन। विस्थापित गांवों में सीएसआर से विकास कार्य आदि।

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