रांची / 100 मजदूर व मशीन से तालाबों की सफाई शुरू, चुटिया तालाब सूखा; व्रतियों को जाना होगा दूसरे घाट



बड़ा तालाब में सफाई का काम शुरू कर दिया गया है। बड़ा तालाब में सफाई का काम शुरू कर दिया गया है।
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बड़ा तालाब में सफाई का काम शुरू कर दिया गया है।बड़ा तालाब में सफाई का काम शुरू कर दिया गया है।

  • छठ की तैयारी शुरू बड़ा तालाब का पानी सबसे अधिक खराब, मानसून में भी नहीं भरा धुमसा टोली तालाब

Dainik Bhaskar

Oct 12, 2019, 10:43 AM IST

रांची.  राजधानी के तालाबों को छठ पूजा के लिए तैयार करने का अभियान शुरू हो गया है। नगर निगम की सख्ती के बाद शुक्रवार को तालाबों की सफाई शुरू हुई। सफाई में करीब 100 मजदूरों को लगाया गया है। विसर्जित प्रतिमाओं के अवशेष को निकालने के लिए मजदूर पानी में तो उतरे, लेकिन दलदल में पैर फिसलने लगा। इसे देखते हुए निगम ने पोकलेन लगाकर प्रतिमा के अवशेष को बाहर निकाला।

 

अवशेष निकालने के लिए पोकलेन लगाना पड़ा

किनारे में पानी कम होने से पूजा समितियों द्वारा दूर तक जाकर प्रतिमा का विसर्जन किया गया था। इससे अवशेष निकालने में परेशानी हो रही है। लाइन टैंक से भी अवशेष निकालने के लिए पोकलेन लगाना पड़ा। दूसरी ओर, धुमसा टोली और चुटिया तालाब में पानी बहुत ही कम है। किनारे जंगली घास उग गए हैं। ऐसे में छठ व्रतियों को इस बार दूसरे घाट पर जाकर अर्घ्य देना होगा।


घटिया इंजीनियरिंग से सूखा तालाब
चुटिया और धुमसा टोली तालाब घटिया इंजनीयिरिंग के कारण अभी ही सूख चुका है। मानसून में भी धुमसा टोली तालाब में पानी नहीं भरा। शहर में ऐसे करीब 10 तालाब पूरी तरह बर्बाद हो गए। तालाब के चारों ओर बाउंड्री होने से बारिश का पानी तालाब में नहीं पहुंचा। इससे यहां घुटना भर पानी भी नहीं है। चारों ओर जंगली घास उग गया है।

 

बड़ा तालाब के पानी पर मछुआरों ने कहा- देर तक पानी में रहने से हो रही खुजली
बड़ा तालाब का पानी पूरी तरह खराब हो चुका है। तालाब के चारों ओर फैली जलकुंभी और सौंदर्यीकरण से तालाब में काफी गंदगी जमा हो गई है। इससे पानी का रंग भी हरा और कुछ स्थानों पर काला हो गया है। स्थानीय मछुआरा ने बताया कि पहले तालाब के पानी में उतर कर मछली पकड़ते थे, लेकिन अब अधिक देर तक पानी में रहने पर पूरे शरीर में खुजली हाेती है। पानी में उतरना खतरनाक है। उसमें शीश सहित अन्य सामग्री जमा है, जिससे चोट लग सकता है। राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद ने भी बड़ा तालाब के पानी को खतरनाक बताया है। पीएच लेवल 8.0 से अधिक बताया है।

 

जुडको ने हरमू नदी को नहीं लिया हैंडओवर, सफाई शुरू
हरमू नदी में भी चारों ओर गंदगी और मिट्‌टी भरी है। नदी में नाला का पानी भी गिर रहा है। इसके बावजूद नदी की सफाई नहीं हो रही थी, क्योंकि नगर विकास की एजेंसी जुडको ने अभी तक हरमू नदी को हैंडओवर नहीं लिया है। छठ पूजा नजदीक देख जुडको के पदाधिकारियों की नींद टूटी तो फिर कंपनी के उपर दबाव बनाकर नदी की सफाई शुुरू कराई गई है। शुक्रवार से नदी की सफाई का काम शुुरू तो हो गया, लेकिन कुछ-कुछ स्थानों पर ही कचरा निकाला जा रहा है, ताकि छठ व्रतियों को परेशानी न हो।

 

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