विडंबना / 9 जिलों में 20% किसानाें का भी फसल बीमा नहीं हुआ, पाकुड़-जामताड़ा में तो मात्र 5%



20% of the farmers in 9 districts were not even crop insurance
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20% of the farmers in 9 districts were not even crop insurance

  • इसलिए फिसड्‌डी: 31 जुलाई तक का लक्ष्य था, 20 जुलाई तक फॉर्म ही भेजे

Dainik Bhaskar

Aug 04, 2019, 06:30 AM IST

रांची/धनबाद/जमशेदपुर. किसानों के फसल बीमा में झारखंड काफी पीछे हो गया है। तय समय-सीमा 31 जुलाई तक स्थिति यह है कि राज्यभर में औसतन लक्ष्य से 50 फीसदी ही किसानों का एक रुपए टोकन मनी पर फसल बीमा हो सका है।

 

आंकड़े बताते हैं कि जहां 15 लाख किसानों के 6.1 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में लगी फसलों का बीमा होना था, लेकिन महज 7 लाख किसानों का ही फसल बीमा हो सका। नौ जिलों की स्थिति तो और भी शोचनीय है, जहां सिर्फ 20 प्रतिशत किसानों का भी फसल बीमा नहीं हो सका है। पाकुड़ और जामताड़ा में मात्र पांच प्रतिशत किसानों का ही फसल बीमा हो सका है। इधर, फॉर्म भरने की तिथि बढ़ाकर 12 अगस्त कर दी गई है। लेकिन बड़ी चुनौती यह है कि फसल बीमा से वंचित किसानों से आठ दिन में ही फॉर्म भरवाने होंगे। 


जानिए... फसल बीमा की प्लानिंग, पिछड़ने के कारण और किस जिले में क्या स्थिति

 
फाॅर्म मिलने में हुई देरी 

कृषि विभाग ने झारखंड को चार क्लस्टर में बांटते हुए दो बीमा कंपनियों को यह काम सौंपा। बीमा कंपनियों को आवेदन फार्म एक जुलाई को ही उपलब्ध कराना था, पर कई जिलों में 20 जुलाई तक फॉर्म भेजे गए। उपायुक्तों ने निबंधक सहयोग समितियां को इस बारे में शिकायत करते हुए इन कंपनियों पर कार्रवाई के लिए लिखा है। निबंधक सुचित्रा सिन्हा ने बताया कि यह गंभीर बात है। रांची डीसी द्वारा कंपनी को ब्लैक लिस्टेड करने की अनुशंसा पर सुचित्रा सिन्हा ने कहा कि वह अभी फील्ड विजिट पर हैं, आने पर इस मामले पर निर्णय लेंगी।


जिलाें को चार क्लस्टर में बांटा गया 
विभाग ने राज्य के 24 जिलों को चार क्लस्टर में बांटा गया। क्लस्टर एक, दो व चार रायल सुंदरम को सौंपा गया था। जबकि एचडीएफसी अरगो जीआईसी लिमिटेड को क्लस्टर तीन सौंपा गया था। एक एकड़ फसल की क्षतिपूर्ति बीमा राशि 26,972 रुपए होता है। पूरी तरह फसल नष्ट होने के बाद कुल बीमित राशि का 80 प्रतिशत किसानों को भुगतान किया जाता है। 
कलस्टर एक- चतरा, दुमका, गिरीडीह, सरायकेला- खरसावां, जामताड़ा व गुमला। 
कलस्टर दो- पूर्वी सिंहभूम, देवघर, सिमडेगा, लोहरदगा, गढ़वा व साहेबगंज। 
कलस्टर तीन -खूंटी, रांची, पलामू, हजारीबाग, गोड्डा और पाकुड़। 
कलस्टर चार-पश्चिम सिंहभूम, लातेहार, बोकारो, धनबाद, रामगढ़ व गोड्डा।

 
अब तक सबसे अधिक बाेकाराे में 73.14% किसान फसल बीमा 
 

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स्राेत-जिला कृषि विभाग, 31 जुलाई तक

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