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पहली बार CS के कारण ठप होगी असेंबली, विपक्ष बोला-हटाने तक नहीं चलने देंगे सदन

विपक्ष ने कहा-मुख्य सचिव, डीजीपी और एडीजी को तत्काल हटाएं और तीनों के खिलाफ सीबीआई जांच हो।

Danik Bhaskar | Jan 17, 2018, 08:24 AM IST
मुख्य सचिव राजबाला वर्मा ने सर मुख्य सचिव राजबाला वर्मा ने सर

रांची. झारखंड विधानसभा का बजट सत्र बुधवार से शुरू होगा। सात फरवरी तक चलने वाले सत्र में सरकार 23 जनवरी को वित्त वर्ष 2018-19 का बजट पेश करेगी। झारखंड के इतिहास में ऐसा पहली बार होगा, जब अफसरों के कारण विधानसभा ठप होगी। विपक्ष ने स्पष्ट कहा है कि मुख्य सचिव राजबाला वर्मा, डीजीपी डीके पांडेय और डीआईजी अनुराग गुप्ता को पद से नहीं हटाया गया तो वे विधानसभा नहीं चलने देंगे। झाविमो सुप्रीमो बाबूलाल मरांडी के नेतृत्व में संपूर्ण विपक्ष का एक शिष्टमंडल मंगलवार को राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू से मिला। उन्हें ज्ञापन सौंपा। तीनों अधिकारियों के खिलाफ सीबीआई जांच की मांग की। राज्यपाल से कहा कि वे मामले में हस्तक्षेप कर सीबीआई जांच के लिए सरकार को निर्देश दें। राज्यपाल से मिलने के बाद मरांडी ने कहा कि राजबाला वर्मा और डीके पांडेय प्रमुख पद पर आसीन हैं। उन्होंने कानून का उल्लंघन किया है। अनुराग गुप्ता पर चुनाव आयोग ने एफआईआर दर्ज करने को कहा है। लेकिन, सरकार इन सभी को बचा रही है।

शिष्टमंडल ने बताया, अफसरों पर क्या आरोप

सीएस राजबाला वर्मा : 30 अप्रैल 1990 से 30 दिसंबर 91 तक राजबाला वर्मा चाईबासा की डीसी थीं। इनके रहते चारा घोटाले में चाईबासा ट्रेजरी से अवैध निकासी के लिए सीबीआई ने इन्हें उत्तरदायी माना। कार्मिक विभाग ने 22 बार स्पष्टीकरण मांगा, मगर उन्होंने जवाब नहीं दिया।

डीजीपी डीके पांडेय : 8 जून 2015 को हुए बकोरिया फर्जी एनकाउंटर के मुख्य सूत्रधार हैं, जिसमें नक्सली के नाम पर 12 निर्दोषों की हत्या कर दी गई। झूठी वाहवाही लूटने के लिए डीजीपी कनीय अधिकारियों को निर्देशित करते रहे। घटना को गलत ढंग से पेश किया।

एडीजी अनुराग गुप्ता : जून 2016 में हुए राज्यसभा चुनाव में एडीजी अनुराग गुप्ता पर सत्ताधारी दल के प्रत्याशी के पक्ष में काम करने और पद के दुरुपयोग का आरोप है। इन आरोपों पर चुनाव आयोग ने राज्य सरकार को प्रशासनिक कार्रवाई का निर्देश दिया है। लेकिन सरकार ने इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया।

सत्ता पक्ष के 7 विधायक बोले राजबाला को हटाना चाहिए

विपक्ष द्वारा मुख्य सचिव राजबाला वर्मा, डीजीपी डीके पांडेय व एडीजी अनुराग गुप्ता काे न हटाने पर विधानसभा सत्र न चलने देने की चेतावनी के बाद दैनिक भास्कर ने भाजपा के 43 में से 30 विधायकों से बातचीत की। इनमें सात विधायकों ने स्पष्ट कहा कि राजबाला वर्मा को हटा देना चाहिए या फिर कार्रवाई होनी चाहिए। अधिकतर विधायकों की राय थी कि राजबाला वर्मा प्रकरण पर सरकार को जल्द फैसला लेना चाहिए, ताकि सदन की कार्यवाही बाधित न हो। 13 विधायकों ने गोलमटोल जवाब दिया। तीन ने कार्यक्रम में व्यस्त रहने के कारण बातचीत में असमर्थता जताई तो सात विधायक चुप्पी साधे रहे। खास बात यह रही कि भाजपा के किसी विधायक ने राजबाला वर्मा को मुख्य सचिव पद पर बनाए रखने की वकालत नहीं की। शेष पेज 14 पर

इधर, सीएस ने दिया शोकॉज का जवाब

मुख्य सचिव राजबाला वर्मा ने सरकार के शोकॉज का जवाब दे दिया है। सोमवार देर रात उन्होंने अपना जवाब कार्मिक सचिव एवं मुख्यमंत्री सचिवालय को सौंप दिया। हालांकि आधिकारिक तौर पर कोई कुछ भी बताने को तैयार नहीं है। पांच जनवरी को मुख्यमंत्री के निर्देश पर उन्हें शोकॉज जारी किया गया था।