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पूरे परिवार को पेट्रोल स्प्रे कर जिंदा जलाने की कोशिश, जांच में उलझी पुलिस

मां कह रही थी, मंझला भाई नरेश पहले धमकी देता था कि मेरे ऊपर भूत छोड़ा है, ऐसी सजा दूंगा कि याद रखेगा।

Danik Bhaskar | Feb 13, 2018, 08:53 AM IST
घायल रामचंद्र राम और सुमिता। घायल रामचंद्र राम और सुमिता।

बोकारो/गोमिया. यहां रामचंद्र राम, पत्नी सुमिता देवी और ढाई साल के बेटे राहुल को जिंदा जलाकर मारने की नाकाम कोशिश हुई। दिनभर पड़ताल के बाद भी पुलिस नतीजे पर इसलिए नहीं पहुंच पाई, क्योंकि पीड़ित परिवार की गांव में किसी के साथ दुश्मनी नहीं है। लेकिन पारिवारिक विवाद था। मंझले भाई नरेश राम और छोटे भाई निरंजन की शादी छह माह पहले हुई है। शादी से पहले नरेश जहां भैया- भाभी पर डायन-भूत का आरोप लगाता था, वहीं निरंजन के साथ घर बनाने के क्रम में लिए गए 70 हजार रुपए वापस नहीं करने का विवाद भी था। पुलिस इन बिंदुओं को भी नजरअंदाज नहीं कर रही है।

पूरे परिवार को पेट्रोल स्प्रे कर जिंदा जलाने की थी योजना

रविवार रात करीब आठ बजे खाना खाने के बाद रामचंद्र अपनी पत्नी और बेटा के साथ सो गया। करीब 10.30 बजे रात में उसके चेहरे पर पेट्रोल का छींटा पड़ने से नींद खुली। उसकी नजर वेंटीलेटर से पेट्रोल स्प्रे कर रहे एक व्यक्ति पर पड़ी, लेकिन अंधेरा होने के कारण उसका चेहरा नहीं दिखा। रामचंद्र ने बताया कि वेंटीलेटर की ईंट हटाकर वह व्यक्ति बोतल से पेट्रोल स्प्रे कर रहा था।

जब वह चिल्लाने लगा, तो बोतल का पेट्रोल उड़ेल कर माचिस जलाकर फेंक दिया। इससे पूरे कमरे में आग की लपटें उठने लगीं। वह आगे था इसलिए बुरी तरह झुलस गया। पत्नी के हाथ पैर झुलस गए और बच्चा चौकी के नीचे घुस जाने से बच गया, उसका चेहरा आंशिक रूप से झुलसा है।

जब वह दरवाजा खोलने की कोशिश कर रहा था, तो पता चला कि बाहर से बंद कर दिया गया है। पूरे कमरे में धुआं भर गया और ब्लास्ट कर टूट गया, तो तीनों बाहर आए। लेकिन बचाने कोई नहीं आया।

मां कहती है- मंझले भाई ने कहा था ऐसी सजा दूंगा कि याद रखेगा

रामचंद्र ने बताया कि पता नहीं किसने इस घटना को अंजाम दिया, लेकिन मां कह रही थी, मंझला भाई नरेश पहले धमकी देता था कि मेरे ऊपर भूत छोड़ा है, ऐसी सजा दूंगा कि याद रखेगा।

छज्जे पर एक बोतल में मिला दो लीटर पेट्रोल

आग लगाने वाला दो बोतल में चार लीटर पेट्रोल लाया था। एक बोतल पेट्रोल स्प्रे करने के साथ ही कमरे में फेंक दिया था, वहीं दूसरी बोतल उस छज्जेपर छोड़कर भाग गया, जहां से स्प्रे कर रहा था। उसकी प्लानिंग पूरे कमरे में पेट्रोल डालकर तीनों को जिंदा जलाने की थी, लेकिन रामचंद्र की नींद खुल जाने के कारण वह अपने मकसद में कामयाब नहीं हुआ और दूसरी बोतल छज्जा पर छोड़कर भाग गया।

छोटे भाई के साथ पैसे का विवाद

गांव के लोग बताते हैं कि रामचंद्र की गांव में किसी से दुश्मनी नहीं है। तीनों भाइयों का ही आपस में विवाद है। रामचंद्र को घर बनाने के लिए निरंजन ने 70 हजार रुपए दिए थे। पैसे नहीं लौटाने पर विवाद हुआ। 1 नवंबर को पंचायती हुई। सहमति बनी कि दो माह के अंदर रामचंद्र पैसे लौटा देगा। नहीं तो मकान निरंजन का हो जाएगा। शौचालय के लिए गड्ढा बनाने को लेकर भी दोनों भाइयों में विवाद

मंझले भाई ने लगाया था डायन का आरोप

रामचंद्र की मां शंकरी देवी ने बताया कि मंझला बेटा नरेश आरोप लगाता था कि रामचंद्र और उसकी पत्नी ने उसके ऊपर भूत छोड़ दिया है। ऐसा सबक सिखाऊंगा कि याद रखेगा। जलाकर रख देगा। कुछ दिन पहले नरेश ने मां को घर से निकाल दिया था। नरेश करीब 15 दिनों से पेटरवार स्थित अपनी सुसराल में था। घटना की सूचना मिलने पर वह रामचंद्र को देखने अस्पताल भी आया था।

चौकी के नीचे छिपकर राहुल ने बचाई जान। चौकी के नीचे छिपकर राहुल ने बचाई जान।