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सजायाफ्ता पूर्व MLA की सच्चाई, इलाज के नाम पर 18 महीने दिल्ली में कहां रहा?

19 माह से दिल्ली में रह रहे कैदी पूर्व विधायक कमल किशोर भगत को रांची लौटना पड़ा।

Dainik Bhaskar

Dec 16, 2017, 06:23 AM IST
नई दिल्ली-रांची गरीब रथ से उतरने के बाद रांची रेलवे स्टेशन पर माता-पिता के साथ भगत। नई दिल्ली-रांची गरीब रथ से उतरने के बाद रांची रेलवे स्टेशन पर माता-पिता के साथ भगत।
रांची. करीब 19 महीनों से हत्या के प्रयास में सजायाफ्ता झारखंड के लोहरदगा का पूर्व विधायक कमल किशोर भगत एम्स में इलाज के नाम पर दिल्ली में आराम फरमा रहा है। इस बात की पड़ताल जब भास्कर ने की तो आनन-फानन में कैदी कमल किशोर को दिल्ली से रांची बुला लिया गया। आधिकारिक तौर पर कमल किशोर 18 मार्च 2016 को दिल्ली एम्स में इलाज के लिए गया था, लेकिन एम्स से मिले दस्तावेजों और एक पुलिसकर्मी के बयान के अनुसार वह वहां सिर्फ 11 दिन ही भर्ती रहा। रांची की जेल में न जाना पड़े इसलिए वह खुद को बीमार बताकर बाकी समय एम्स के विभिन्न विभागों के आउटडोर की पर्ची कटवाता रहा।

पुलिसकर्मी तो थे ही, परिवार के सदस्य भी उससे मिलने आते-जाते थे
- उसकी सुरक्षा में तैनात हवलदार मुक्तेशवर सिंह की माने तो इस दौरान वह दिल्ली के रकाबगंज स्थित केंद्रीय मंत्री सुदर्शन भगत के आवास और गेस्ट हाउस, क्लब व अन्य किराए के मकान में बेखौफ रह रहा था।
- एक अन्य पुलिसकर्मी ने यह भी बताया कि रांची आने से दो दिन पहले भी वह मंत्री के घर गया था। शायद उसका वहीं रुकने का मन था। लेकिन भास्कर पड़ताल की खबर मिलते ही वह रांची वापस भाग आया। कमल किशोर को रांची के मशहूर न्यूरो फिजिशियन डॉ. केके सिन्हा पर जानलेवा हमला करने के मामले में 7 साल की कैद हुई है।
- कमल किशोर दिल्ली से ही आउडोर की पर्ची जेल प्रशासन को भेजता रहा। जेल अधिकारी भी इसे सच मानते रहे। जबकि, अस्पताल में भर्ती मरीज को आउटडोर की पर्ची नहीं कटवानी पड़ती।
- दिल्ली में रहने के दौरान उसके साथ पुलिसकर्मी तो थे ही, परिवार के सदस्य भी उससे मिलने आते-जाते थे। कैदी भगत की सुरक्षा में हवलदार मुक्तेश्वर सिंह और तीन सिपाही बिपिन उरांव, बुद्धदेव उरांव और सुरेश महतो तैनात थे। एक अन्य जवान आदर्श कुमार का तबादला चतरा हो जाने के कारण वह दिल्ली से पहले ही लौट गया था।
चंदा देने से मना करने पर पीटा था डॉ. केके सिन्हा को, चलाई थी गोली, 21 साल बाद मिली सजा
- 28 सितंबर 1993 की शाम 5.10 बजे आजसू नेता कमल किशोर भगत दो साथियों सुदर्शन भगत और एलेस्टर बोदरा के साथ डॉक्टर केके सिन्हा के क्लिनिक पहुंचे। भगत ने डॉक्टर सिन्हा से कहा कि कल पटना में रैली है। इसलिए उसे चंदा चाहिए। डॉ. सिन्हा ने चंदा देने से इंकार कर दिया।
- इसपर कमल किशोर भगत और सुदर्शन भगत ने गुस्से में डॉ. सिन्हा की पिटाई कर दी। मौके पर मौजूद कंपाउंडर नवल और मरीजों ने डॉ. सिन्हा को बचा कर सटे हुए आवास में ले गए। तभी कमल किशोर ने रिवॉल्वर निकाल कर गोली चला दी। फिर डॉ. सिन्हा के बेटे पप्पू सिन्हा और मौजूद भीड़ ने तीनों को पकड़ लिया। तीनों की जमकर पिटाई की। इससे सुदर्शन भगत की मौके पर ही मौत हो गई।
- जख्मी कमल किशोर भगत और बोदरा को रिम्स में भर्ती करवाया गया। इस मामले में डॉ. सिन्हा के बयान पर सदर थाने में इन सभी के खिलाफ हत्या के प्रयास समेत अन्य धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया। करीब 21 साल बाद 23 जून 2015 को दोनों मुजरिम कमल किशोर और एलेस्टर को 7 साल की सजा सुनाई गई।
सुरक्षाकर्मी का खुलासा
- केंद्रीय मंत्री सुदर्शन भगत के आवास में रुके थे, जगह छोटी थी इसलिए एम्स के नजदीक भाड़े के मकान में गए।
- जहां मकान लिया वह इलाका सुरक्षा के दृष्टिकोण से सही नहीं था। इसलिए सफदरजंग में जाकर एक गेस्ट हाउस में रहने लगे।
दिल्ली में पड़ताल- रांची में असर
- 8 दिसंबर को जेल अधीक्षक अशोक चौधरी ने रांची के एसएसपी को पत्र लिखा कि कैदी को वापस बुलाया जाए
- 9 दिसंबर को जांच के लिए रांची जेल पहुंच गए एसएसपी-डीसी
- 10 दिसंबर को रांची के एसडीओ और विधि व्यवस्था प्रभारी समेत कई अफसर फिर जेल पहुंचे
- 14 दिसंबर को पौने दो साल से दिल्ली में रह रहे कैदी पूर्व विधायक कमल किशोर भगत रांची के लिए रवाना
- 15 दिसंबर को दोपहर बाद 3 बजे के करीब फिर रांची जेल पहुंच गया सजायाफ्ता पूर्व विधायक
जेल में बेहद कम समय रहा मुजरिम भगत
जून 2015 को कोर्ट द्वारा सजा सुनाए जाने के कुछ दिन बाद ही वह दिल में दर्द की शिकायत लेकर रिम्स में भर्ती हो गया। वहीं उसे नर्स नीरू शांति कुजूर से प्रेम हो गया। दोनों ने शादी कर ली। लोहरदगा उपचुनाव में नीरू को चुनाव लड़वाया। वह हार गई। 18 मार्च 2016 को एम्स रेफर।
भगत को वापस लाने के लिए पुलिस प्रशासन को खत लिखा था
सजायाफ्ता कैदी कमल किशोर भगत एम्स में था। उसे वापस बुलाने के लिए रांची एसएसपी को पत्र लिखा गया था। एसएसपी से आग्रह किया था कि वह अपने सुरक्षागार्ड को कैदी भगत सहित वापस बुला लें। शुक्रवार दिन सवा दो बजे तक कैदी भगत जेल नहीं आया था। करीब तीन बजे वह जेल आया। एक साल से ज्यादा समय बीत गया है वह एम्स में ही है। उसका क्या इलाज हुआ, यह तो एम्स से जानकारी लेने के बाद ही बता पाएंगे।
- अशोक चौधरी, जेल अधीक्षक, बिरसा मुंडा सेंट्रल जेल
मेरी जानकारी में वह मेरे आवास नहीं आया, आता तो मुझे पता होता
कमल किशोर भगत मेरे आवास में नहीं आए। उनसे मेरा दूर-दूर तक कोई संबंध नहीं है। हो सकता है कि मेरी अनुपस्थिति में कभी आए होंगे। इसकी जानकारी मुझे नहीं है। मेरे सरकारी आवास में तैनात सुरक्षाबलों से भी मुझे कोई जानकारी नहीं मिली है। आए होते तो जानकारी मिल जाती। कमल किशोर के साथ रहने वाले पुलिसकर्मी का बयान निराधार है। मेरे क्षेत्र के विधायक रहे हैं इसलिए व्यक्तिगत जान पहचान जरूर है। अभी वो कहां हैं, मुझे नहीं मालूम। - सुदर्शन भगत, कृषि एवं कल्याण राज्य मंत्री
टिकट चेकिंग के दौरान टीटीई ने भगत का 1615 रु. का फाइन काटा। टिकट चेकिंग के दौरान टीटीई ने भगत का 1615 रु. का फाइन काटा।
भास्कर पड़ताल की भनक लगते ही दिल्ली से बिना टिकट लौटा रांची, 1615 रु. का फाइन कटा
कमल किशोर भगत गुरुवार को दिल्ली से गरीबरथ में रांची के लिए रवाना हुआ, लेकिन बिना टिकट लिए। टिकट चेकिंग के दौरान टीटीई ने उसका 1615 रु. का फाइन काटा। इसके बाद उसे जी-3 बोगी में चार नंबर बर्थ दिया गया। शुक्रवार को रांची स्टेशन पहुंचने पर भगत के माता-पिता उससे मिलने पहुंचे। समझ में यह नहीं आया कि ऐसी क्या हड़बड़ी थी कि बिना टिकट ही पुलिस भगत को रांची लेकर आ गई। 
04/09/17 : आउटपेशेंट डिपार्टमेंट में ओपीडी की पर्ची कटवाई भगत ने। 04/09/17 : आउटपेशेंट डिपार्टमेंट में ओपीडी की पर्ची कटवाई भगत ने।
22/09/17 : डॉ. रापी सेंटर फॉर ऑप्थैलेमिक साइंसेज में ओपीडी की पर्ची कटवाई भगत ने। 22/09/17 : डॉ. रापी सेंटर फॉर ऑप्थैलेमिक साइंसेज में ओपीडी की पर्ची कटवाई भगत ने।
एक्सपर्ट रिपोर्टर नीरज ठाकुर। रांची में पड़ताल के साथ 9 दिन दिल्ली में रहे एक्सपर्ट रिपोर्टर नीरज ठाकुर। रांची में पड़ताल के साथ 9 दिन दिल्ली में रहे
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नई दिल्ली-रांची गरीब रथ से उतरने के बाद रांची रेलवे स्टेशन पर माता-पिता के साथ भगत।नई दिल्ली-रांची गरीब रथ से उतरने के बाद रांची रेलवे स्टेशन पर माता-पिता के साथ भगत।
टिकट चेकिंग के दौरान टीटीई ने भगत का 1615 रु. का फाइन काटा।टिकट चेकिंग के दौरान टीटीई ने भगत का 1615 रु. का फाइन काटा।
04/09/17 : आउटपेशेंट डिपार्टमेंट में ओपीडी की पर्ची कटवाई भगत ने।04/09/17 : आउटपेशेंट डिपार्टमेंट में ओपीडी की पर्ची कटवाई भगत ने।
22/09/17 : डॉ. रापी सेंटर फॉर ऑप्थैलेमिक साइंसेज में ओपीडी की पर्ची कटवाई भगत ने।22/09/17 : डॉ. रापी सेंटर फॉर ऑप्थैलेमिक साइंसेज में ओपीडी की पर्ची कटवाई भगत ने।
एक्सपर्ट रिपोर्टर नीरज ठाकुर। रांची में पड़ताल के साथ 9 दिन दिल्ली में रहेएक्सपर्ट रिपोर्टर नीरज ठाकुर। रांची में पड़ताल के साथ 9 दिन दिल्ली में रहे
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